
विश्वविद्यालय: पाण्डुलिपि संरक्षण के लिए संस्कृत विभाग का संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के साथ एमओयू
सागर । डॉक्टर हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, संस्कृत विभाग के अंतर्गत संचालित पांडुलिपि संस्थान का संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के साथ नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में एमओयू संपन्न हुआ । संस्कृति मंत्रालय नई दिल्ली के ज्ञानभारतम के मंच पर एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए । विश्वविद्यालय प्रतिनिधि के रूप में शिक्षा विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. सावन कुमारी ने कार्यक्रम में उपस्थित रही । विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. वाय. एस. ठाकुर ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि इस एमओयू से भारतीय भाषा संस्कृत की दुर्लभ पाण्डुलिपियों का संरक्षण बेहतर तरीके से किया जा सकेगा । संस्कृत विभाग के अध्यक्ष प्रो. राजेन्द्र यादव ने बताया कि उक्त एमओयू के बाद विश्वविद्यालय में संस्कृत विभाग के अंतर्गत संचालित पांडुलिपि संस्थान को पांडुलिपियों के डिजिटिलाइजेशन एवं प्रकाशन आदि के लिए वित्तीय सहायता मिलेगी ।











