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|| जय श्री राधे ||
🌺🙏 महर्षि पाराशर पंचांग 🙏🌺
🙏🌺🙏 अथ पंचांगम् 🙏🌺🙏
ll जय श्री राधे ll
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दिनाँक:-14/11/2025,शुक्रवार
दशमी, कृष्ण पक्ष,
मार्गशीर्ष
“””””””‘”””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)
तिथि———— दशमी 24:49:11. तक
पक्ष————————– कृष्ण
नक्षत्र—– पूर्वाफाल्गुनी 21:19:43
योग————- वैधृति 30:24:45
करण————वणिज 12:06:47
करण——– विष्टि भद्र 24:49:11
वार———————— शुक्रवार
माह———————- मार्गशीर्ष
चन्द्र राशि——- सिंह 27:50:36
चन्द्र राशि—————— कन्या
सूर्य राशि——————- तुला
रितु————————— हेमंत
आयन—————— दक्षिणायण
संवत्सर——————- विश्वावसु
संवत्सर (उत्तर)————– सिद्धार्थी
विक्रम संवत—————–2082
गुजराती संवत————– 2082
शक संवत—————— 1947
कलि संवत—————— 5126
वृन्दावन
सूर्योदय—————- 06:40:31
सूर्यास्त—————– 17:26:28
दिन काल————– 10:45:56
रात्री काल————– 13:14:49
चंद्रास्त———-‐—— 14:07:31
चंद्रोदय—————– 26:12:51
लग्न—- तुला 27°42′ , 207°42′
सूर्य नक्षत्र—————– विशाखा
चन्द्र नक्षत्र———— पूर्वाफाल्गुनी
नक्षत्र पाया——————- रजत
🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩
टा—- पूर्वाफाल्गुनी 08:24:02
टी—- पूर्वाफाल्गुनी 14:50:50
टू—- पूर्वाफाल्गुनी 21:19:43
टे—- उत्तराफाल्गुनी 27:50:36
💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮
ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
सूर्य= तुला 27°49 , विशाखा 3 ते
चन्द्र= कर्क 19°30 , पूo फा० 2 टा
बुध = वृश्चिक 11,°52 ‘ अनुराधा 3 नू
शु क्र= तुला 14°05, स्वाति , 3 रो
मंगल= वृश्चिक 12°30 ‘ अनुराधा 3 नू
गुरु= कर्क 00°30 पुनर्वसु, 4 ही
शनि=मीन 01°58 ‘ पूo भा o , 4 दी
राहू=(व) कुम्भ 20°30 पू o भा o, 1 से
केतु= (व) सिंह 20°30 पूoफा o 3 टी
🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩
राहू काल 10:43 – 12:04 अशुभ
यम घंटा 14:45 – 16:06 अशुभ
गुली काल 08:01 – 09:22 अशुभ
अभिजित 11:42 – 12:25 शुभ
दूर मुहूर्त 08:50 – 09:33 अशुभ
दूर मुहूर्त 12:25 – 13:08 अशुभ
वर्ज्यम 29:09* – 30:54* अशुभ
प्रदोष 17:26 – 20:08 शुभ
💮चोघडिया, दिन
चर 06:41 – 08:01 शुभ
लाभ 08:01 – 09:22 शुभ
अमृत 09:22- 10:43 शुभ
काल 10:43 -12:04 अशुभ
शुभ 12:04 – 13:24 शुभ
रोग 13:24 – 14:45 अशुभ
उद्वेग 14:45 – 16:06 अशुभ
चर 16:06 -17:26 शुभ
🚩चोघडिया, रात
रोग 17:26 – 19:06 अशुभ
काल 19:06 20:45 अशुभ
लाभ 20:45 – 22:25 शुभ
उद्वेग 22:25 – 24:04* अशुभ
शुभ 24:04* – 25:43* शुभ
अमृत 25:43* – 27:23* शुभ
चर 27:23* – 29:02* शुभ
रोग 29:02* – 30:41* अशुभ
💮होरा, दिन
शुक्र 06:41- 07:34
बुध 07:34- 08:28
चन्द्र 08:28 -09:22
शनि 09:22- 10:16
बृहस्पति 10:16 -11:10
मंगल 11:10 -12:04
सूर्य 12:04 -12:57
शुक्र 12:57 -13:51
बुध 13:51- 14:45
चन्द्र 14:45- 15:39
शनि 15:39 -16:33
बृहस्पति 16:33 -17:26
सूर्य 12:04 -12:57
शुक्र 12:57- 13:51
बुध:13:51 -14:45
चन्द्र 14:45 -15:39
शनि 15:39 -16:33
बृहस्पति 16:33- 17:26
🚩होरा, रात
मंगल 17:26 -18:33
सूर्य 18:33 -19:39
शुक्र 19:39 -20:45
बुध 20:45 -21:51
चन्द्र 21:51 -22:58
शनि 22:58 -24:04
बृहस्पति 24:04-25:10
मंगल 25:10-26:16
सूर्य 26:16-27:23
शुक्र 27:23-28:29
बुध;28:29-29:35
चन्द्र 29:35-30:41
🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩
तुला > 04:38 से 06:50 तक
वृश्चिक > 06:50 से 09:10 तक
धनु > 09:10 से 11:18 तक
मकर > 11:18 से 12:50 तक
कुम्भ > 12:50 से 14:24 तक
मीन > 14:24 से 16:00 तक
मेष > 16:00 से 17:30 तक
वृषभ > 17:30 से 19:24 तक
मिथुन > 19:24 से 21:52 तक
कर्क > 21:52 से 00:02 तक
सिंह > 00:02 से 02:10 तक
कन्या > 02:10 से 04:40 तक
🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार (लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट
नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।
💮दिशा शूल ज्ञान————- पश्चिम
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll
🚩 अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।
15 + 10 + 6 + 1 = 32 ÷ 4 = 0 शेष
पृथ्वी लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l
🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩
सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है
राहु ग्रह मुखहुति
💮 शिव वास एवं फल -:
25 + 25 + 5 = 55 ÷ 7 = 6 शेष
क्रीड़ायां = शोक, दुःख कारक
🚩भद्रा वास एवं फल -:
स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।
दोपहर 12:11 से 24:49
मृत्युलोक = सर्वकार्य विनाशिनी
💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮
*हरिवंश देवाचार्या पाटोत्सव
💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮
दृष्टिपुतं न्यसेत्पादं वस्त्रपूतं पिबेज्जलम् ।
शास्त्रपूतं वदेद्वाक्यं मनःपूतं समाचरेत् ।।
।।चाo नीo।।
हम अपना हर कदम फूक फूक कर रखे. हम छाना हुआ जल पिए. हम वही बात बोले जो शास्त्र सम्मत है. हम वही काम करे जिसके बारे हम सावधानीपुर्वक सोच चुके है.
🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩
गीता -: सांख्ययोग – अo-2
प्रसादे सर्वदुःखानां हानिरस्योपजायते।
प्रसन्नचेतसो ह्याशु बुद्धिः पर्यवतिष्ठते॥
अन्तःकरण की प्रसन्नता होने पर इसके सम्पूर्ण दुःखों का अभाव हो जाता है और उस प्रसन्नचित्त वाले कर्मयोगी की बुद्धि शीघ्र ही सब ओर से हटकर एक परमात्मा में ही भलीभाँति स्थिर हो जाती ।
।। 65।।
💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮
देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।
🐏मेष
अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। नौकरी में अधिकार बढ़ेंगे। व्यावसायिक समस्या का हल निकलेगा। नई योजना में लाभ की संभावना है। घर में मांगलिक आयोजन हो सकते हैं। जीवनसाथी से संबंध घनिष्ठ होंगे। रोजगार मिलेगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी।
🐂वृष
शुभ समाचार प्राप्त होंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। मान बढ़ेगा। स्वजनों से मेल-मिलाप होगा। नौकरी में ऐच्छिक पदोन्नति की संभावना है। पुराने मित्र व संबंधियों से मुलाकात होगी। किसी की आलोचना न करें। खानपान का ध्यान रखें। आर्थिक संपन्नता बढ़ेगी।
👫मिथुन
गीत-संगीत में रुचि बढ़ेगी। आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। पुराना रोग उभर सकता है। शोक समाचार मिल सकता है। भागदौड़ रहेगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। अधूरे कामों में गति आएगी। व्यावसायिक गोपनीयता भंग न करें।
🦀कर्क
घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। धनलाभ होगा। व्यापार-व्यवसाय में उन्नति के योग हैं। वाणी पर संयम आवश्यक है। जीवनसाथी से मदद मिलेगी। सामाजिक यश-सम्मान बढ़ेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। यात्रा सफल रहेगी। प्रयास सफल रहेंगे। वाणी पर नियंत्रण रखें।
🐅सिंह
परिवार के सहयोग से दिन उत्साहपूर्ण व्यतीत होगा। योजनानुसार कार्य करने से लाभ की संभावना है। आर्थिक सुदृढ़ता रहेगी। धनार्जन होगा। संतान के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। बेचैनी दूर होगी। वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता है। कोर्ट व कचहरी में अनुकूलता रहेगी।
🙎♀️कन्या
नए अनुबंध होंगे। नई योजना बनेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रसन्नता रहेगी। कार्य में व्यय की अधिकता रहेगी। दांपत्य जीवन में भावनात्मक समस्याएँ रह सकती हैं। व्यापार में नए अनुबंध आज नहीं करें। राजमान प्राप्त होगा।
⚖️तुला
व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रसन्नता रहेगी। जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। पारिवारिक उन्नति होगी। सुखद यात्रा के योग बनेंगे। पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। स्वविवेक से कार्य करना लाभप्रद रहेगा।
🦂वृश्चिक
लाभ के अवसर मिलेंगे। प्रसन्नता रहेगी। कुछ मानसिक अंतर्द्वंद्व पैदा होंगे। पारिवारिक उलझनों के कारण मानसिक कष्ट रहेगा। पूजा-पाठ में मन लगेगा। कोर्ट व कचहरी के काम निबटेंगे। धैर्य एवं संयम रखकर काम करना होगा। यात्रा आज न करें।
🏹धनु
भूमि व भवन संबंधी योजना बनेगी। बेरोजगारी दूर होगी। लाभ होगा। मान-प्रतिष्ठा में कमी आएगी। कामकाज में बाधाएं आ सकती हैं। कर्मचारियों पर व्यर्थ संदेह न करें। आर्थिक लाभ मिलने से एक्स्ट्रा खर्च उठा पाएंगे। शत्रु सक्रिय रहेंगे। स्वास्थ्य कमजोर होगा।
🐊मकर
कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। राजकीय कार्य में परिवर्तन के योग बनेंगे। आलस्य का परित्याग करें। आपके कामों की लोग प्रशंसा करेंगे। व्यापार लाभप्रद रहेगा। नई कार्ययोजना के योग प्रबल हैं। ऐश्वर्य पर व्यय होगा। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। विवाद को बढ़ावा न दें।
🍯कुंभ
व्यावसायिक यात्रा मनोनुकूल रहेगी। कानूनी मामले सुधरेंगे। धन का प्रबंध करने में कठिनाई आ सकती है। आहार की अनियमितता से बचें। व्यापार, नौकरी में उन्नति होगी। लेन-देन में सावधानी रखें। बकाया वसूली के प्रयास सफल रखें।
🐟मीन
व्यापार-व्यवसाय सामान्य रहेगा। दूरदर्शिता एवं बुद्धि चातुर्य से कठिनाइयां दूर होंगी। राज्य तथा व्यवसाय में सफलता मिलने के योग हैं। पठन-पाठन में रुचि बढ़ेगी। पुराना रोग उभर सकता है। चोट व दुर्घटना से बचें। वस्तुएं संभालकर रखें। बाकी सामान्य रहेगा।
🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏
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आचार्य नीरज पाराशर (वृन्दावन)
(व्याकरण,ज्योतिष,एवं पुराणाचार्य)
09897565893,09412618599











