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|| जय श्री राधे ||
🌺🙏 महर्षि पाराशर पंचांग 🙏🌺
🙏🌺🙏 अथ पंचांगम् 🙏🌺🙏
ll जय श्री राधे ll
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दिनांक:-19/11/2025, बुधवार
चतुर्दशी, कृष्ण पक्ष,
मार्गशीर्ष
“”””””””””””””””””””””””””””””””” (समाप्ति काल)
तिथि————- चतुर्दशी 09:43:03 तक
पक्ष————————— कृष्ण
नक्षत्र————– स्वाति 07:58:26
योग————– सौभाग्य 08:59:27
करण————– शकुनी 09:43:03
करण————– चतुष्पद 22:59:41
वार————————– बुधवार
माह———————— मार्गशीर्ष
चन्द्र राशि———- तुला 28:13:04
चन्द्र राशि—————— वृश्चिक
सूर्य राशि—————— वृश्चिक
रितु—————————- हेमंत
आयन——————- दक्षिणायण
संवत्सर——————– विश्वावसु
संवत्सर (उत्तर)————– सिद्धार्थी
विक्रम संवत——————- 2082
गुजराती संवत—————– 2082
शक संवत——————— 1947
कलि संवत——————– 5126
वृंदावन
सूर्योदय——————- 06:44:23
सूर्यास्त——————– 17:24:35
दिन काल—————— 10:40:12
रात्री काल—————– 13:20:34
चंद्रास्त——————— 16:35:16
चंद्रोदय——————- 30:42:29
लग्न—- वृश्चिक 2°44′ , 212°44′
सूर्य नक्षत्र—————— विशाखा
चन्द्र नक्षत्र——————– स्वाति
नक्षत्र पाया——————— रजत
🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩
ता—- स्वाति 07:58:26
ती—- विशाखा 14:43:18
तू—- विशाखा 21:28:12
ते—- विशाखा 28:13:04
💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮
ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
सूर्य= वृश्चिक 02°49 , विशाखा 4 तो
चन्द्र= वृश्चिक 02°30 , विशाखा 4 ता
बुध = वृश्चिक 05°52 ‘ अनुराधा 1 ना
शु क्र= तुला 20°05, विशाखा , 1 ती
मंगल= वृश्चिक 16°30 ‘ अनुराधा 4 ने
गुरु= कर्क 00°50 पुनर्वसु, 4 ही
शनि=मीन 01°08 ‘ पूo भा o , 4 दी
राहू=(व) कुम्भ 20°18 पू o भा o, 1 से
केतु= (व) सिंह 20°18 पूoफा o 3 टी
🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩
राहू काल 12:05 – 13:25 अशुभ
यम घंटा 08:04 – 09:24 अशुभ
गुली काल 10:44 – 12:05 अशुभ
अभिजित 11:43 – 12:26 अशुभ
दूर मुहूर्त 11:43 – 12:26 अशुभ
वर्ज्यम 14:16 – 16:04 अशुभ
प्रदोष 17:25 – 20:07 शुभ
💮चोघडिया, दिन
लाभ 06:44 – 08:04 शुभ
अमृत 08:04 – 09:24 शुभ
काल 09:24 10:44 अशुभ
शुभ 10:44 – 12:05 शुभ
रोग 12:05 – 13:25 अशुभ
उद्वेग 13:25 – 14:45 अशुभ
चर 14:45 16:05 शुभ
लाभ 16:05 – 17:25 शुभ
🚩चोघडिया, रात
उद्वेग 17:25 – 19:05 अशुभ
शुभ 19:05 – 20:45 शुभ
अमृत 20:45 – 22:25 शुभ
चर 22:25 – 24:05* शुभ
रोग 24:05* – 25:45* अशुभ
काल 25:45* – 27:25* अशुभ
लाभ 27:25* – 29:05* शुभ
उद्वेग 29:05* – 30:45* अशुभ
💮होरा, दिन
बुध 06:44 -07:38
चन्द्र 07:38- 08:31
शनि 08:31 -09:24
बृहस्पति 09:24 -10:18
मंगल 10:18 -11:11
सूर्य 11:11- 12:05
शुक्र 12:05- 12:58
बुध 12:58- 13:51
चन्द्र 13:51 -14:45
शनि 14:45- 15:38
बृहस्पति 15:38- 16:31
मंगल 16:31- 17:25
🚩होरा, रात
सूर्य 17:25 -18:31
शुक्र 18:31- 19:38
बुध 19:38- 20:45
चन्द्र 20:45- 21:51
शनि 21:51 -22:58
बृहस्पति 22:58 -24:05
मंगल 24:05-25:12
सूर्य 25:12-26:18
शुक्र 26:18-27:25
बुध 27:25-28:32
चन्द्र 28:32-29:38
शनि 29:38-30:45
🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩
वृश्चिक > 06:34 से 09:54 तक
धनु > 09:54 से 11:02 तक
मकर > 11:02 से 12:34 तक
कुम्भ > 12:34 से 14:08 तक
मीन > 14:08 से 15:44 तक
मेष > 15:44 से 17:14 तक
वृषभ > 17:14 से 19:08 तक
मिथुन > 19:08 से 21:36 तक
कर्क > 21:36 से 23:44 तक
सिंह > 23:44 से 01:54 तक
कन्या > 01:54 से 04:24 तक
तुला > 04:22 से 06:34 तक
🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार (लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट
नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।
💮दिशा शूल ज्ञान————- उत्तर
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो पान अथवा पिस्ता खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll
🚩 अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।
15 + 14 + 4 + 1 = 34 ÷ 2 = 0 शेष
आकाश लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l
🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩
सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है
केतु ग्रह मुखहुति 07:59 तक
उपरांत सूर्य
💮 शिव वास एवं फल -:
29 + 29 + 5 = 63 ÷ 7 = 0 शेष
शमशान वास = मृत्यु कारक
🚩भद्रा वास एवं फल -:
स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।
💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮
*पितृकार्य अमावस्या
*रानी लक्ष्मीबाई जयंती
*एकनाथ रानाडे जयंती
*एकनाथ रानाडे जयंती मेला
*पुरमंडल देविका स्नान
💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮
येषां न विद्या न तपो न दानं
न चापि शीलं न गुणो न धर्मः ।
ते मृत्युलोके भुवि भारभूता
मनुष्यरूपेण मृगाश्चरन्ति ।।
।।चाo नीo।।
जिनके पास यह कुछ नहीं है…
विद्या.
तप.
ज्ञान.
अच्छा स्वभाव.
गुण.
दया भाव.
…वो धरती पर मनुष्य के रूप में घुमने वाले पशु है. धरती पर उनका भार है.
🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩
गीता -: सांख्ययोग – अo-2
आपूर्यमाणमचलप्रतिष्ठं-
समुद्रमापः प्रविशन्ति यद्वत्।
तद्वत्कामा यं प्रविशन्ति सर्वे
स शान्तिमाप्नोति न कामकामी॥
जैसे नाना नदियों के जल सब ओर से परिपूर्ण, अचल प्रतिष्ठा वाले समुद्र में उसको विचलित न करते हुए ही समा जाते हैं, वैसे ही सब भोग जिस स्थितप्रज्ञ पुरुष में किसी प्रकार का विकार उत्पन्न किए बिना ही समा जाते हैं, वही पुरुष परम शान्ति को प्राप्त होता है, भोगों को चाहने वाला नहीं
॥70॥
💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮
देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।
🐏मेष
शुभ समाचार मिलेंगे। मान बढ़ेगा। धनार्जन होगा। रोजगार के बेहतर अवसर मिलने से आय बढ़ेगी। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। प्रसन्नतावर्धक समाचार मिलेंगे। व्यापार में इच्छित लाभ होगा। लेन-देन में सावधानी रखें। मेहमानों का आगमन होगा।
🐂वृष
कोई मुसीबत आ सकती है। लेन-देन में सावधानी रखें। फालतू खर्च होगा। जोखिम न उठाएं। व्यावसायिक योजना के विस्तार में मित्रों से मदद मिलेगी। पुरानी झंझटों से राहत रह पाएगी। क्रोध एवं उत्तेजना पर संयम रखना होगा। व्यस्तता रहेगी।
👫मिथुन
विवाद से क्लेश होगा। कानूनी अड़चन दूर होगी। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। व्यवसाय ठीक करेगा। व्यापार में नए प्रस्ताव लाभकारी रहेंगे। सही समय पर लिए गए फैसले लाभ दिला सकते हैं। आवास संबंधी समस्या हल होने के योग हैं।
🦀कर्क
शत्रु सक्रिय रहेंगे। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। क्रोध पर नियंत्रण रखें। विवाद न करें। उतावली में कोई काम न करें। पुरानी संपत्ति के रख-रखाव पर धन खर्च हो सकता है। सामाजिक, धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। विद्यार्थियों को पढ़ाई की चिंता रहेगी।
🐅सिंह
संपत्ति के कार्य लाभप्रद रहेंगे। भावनात्मक संबंधों में जल्दबाजी में निर्णय न लें। अधिकारी आपकी कार्यशैली से नाराज हो सकते हैं। परिश्रम के अनुरूप सफलता नहीं मिलेगी। संतान की इच्छा पूरी होगी। शत्रु सक्रिय रहेंगे। घर-बाहर तनाव रहेगा। वाणी पर नियंत्रण रखें।
🐅कन्या
प्रयास सफल रहेंगे। कार्य की प्रशंसा होगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। व्यस्तता रहेगी। प्रसन्नता बढ़ेगी। कारोबार में वांछित तेजी आने की संभावना रहेगी। विवेक से निर्णय करने पर लाभ एवं सफलता प्राप्त हो सकेगी। नए कार्य का आरंभ लाभदायी रहेगा।
🙎♀️तुला
सुख के साधन जुटेंगे। कानूनी बाधा दूर होगी। धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। लाभ में वृद्धि होगी। कुसंगति से बचें। परिवार में मांगलिक कार्यक्रमों की चर्चा संभव है। संतान की रोजी-रोटी की चिंता समाप्त होने के योग हैं। व्यापार अच्छा चलेगा।
🦂वृश्चिक
धनार्जन होगा। पूँजी निवेश संबंधी कार्यों में सावधानी रखें। आत्मविश्वास बना रहेगा। कारोबार में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। पारिवारिक समस्याओं को प्राथमिकता से हल करें। यात्रा मनोरंजक रहेगी। स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। विद्यार्थी सफल रहेंगे।
🏹धनु
दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं। भागदौड़ रहेगी। दु:खद समाचार मिल सकता है। धैर्य रखें। काम का बोझ कम करने के लिए जिम्मेदारियों को बाँटना आवश्यक है। आर्थिक कामों में परेशानी आने की संभावना है। दूसरों के काम में व्यर्थ मीन-मेख न निकालें।
🐊मकर
बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। यात्रा लाभदायक रहेगी। धनार्जन होगा। घर की चिंता रहेगी। विरोधी भी आपसे प्रभावित होंगे। कला के क्षेत्र में इच्छित सफलता मिलने के योग हैं। सरकारी राज्यपक्ष के कामों में पर्याप्त सावधानी रखें। मित्रों से मदद मिलेगी।
🍯कुंभ
कोई बड़ा कार्य होने से प्रसन्नता रहेगी। रोजगार में वृद्धि होगी। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। मेहनत व लगन से कार्यक्षेत्र में बेहतर सफलता हासिल कर सकेंगे। अपने व्यसनों पर काबू रखना चाहिए। विवाह संबंधी प्रस्ताव आएँगे। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
🐟मीन
नए अनुबंध हो सकते हैं। प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। साझेदारी में शुरू किया गया कार्य लाभ के अवसरों को बढ़ा सकता है। स्थायी संपत्ति खरीदने का मन बनेगा। दांपत्य जीवन में विश्वास बढ़ेगा। कामकाज की गति बनी रहेगी। शत्रु परास्त होंगे। क्रोध पर नियंत्रण रखें।
🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏
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आचार्य नीरज पाराशर (वृन्दावन)
(व्याकरण,ज्योतिष,एवं पुराणाचार्य)
09897565893,09412618599











