
नियमों को रखा ताक पर
मनरेगा ऐप पर फर्जी तरीके से फोटो व मजदूरों की उपस्थिति की जा रही है दर्ज
मनरेगा ऐप पर रोजाना 50 से 60 फर्जी मजदूरी दर्ज कर निकाली जा रही रशि
सागर जिले की देवरी जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत पड़रई बुजुर्ग में इतना क्यों हो रहा भ्रष्टाचार
मनरेगा ऐप पर फर्जी तरीके से फोटो व मजदूरी की खबर पहले भी प्रकाशित हो चुकी है आखिरकार मनरेगा ऐप पर फर्जी तरीके से राशि निकालने पर क्यों नहीं होती इन सचिव सरपंच एवं रोजगार सचिव पर कार्रवाई
अधिकारियों के संरक्षण में चल रहा है मनरेगा ऐप पर फर्जी मस्टर एवं मजदूरी करने का मामला
देवरी कला । प्रदेश के मुख्यमंत्री भले ही प्रदेश में भ्रष्टाचार रोकने के लाख दावे कर लें, लेकिन भ्रष्टाचार रोकने के सारे दावे आज खोखले नजर आ रहे हैं। प्रदेश में चाहे किसी भी पार्टी की सरकार हो, भ्रष्टाचारियों की पहुंच और रसूख के आगे अफसर भी बौने नजर आते हैं।देवरी जनपद पंचायत मुख्यालय के अंतर्गत ग्राम पंचायत पड़रई बुजुर्ग में सचिव सह सचिव सरपंच मठाधीश बनकर बैठे हैं और विकास कार्यों के लिए आए सरकारी पैसे को दीमक की तरह खोखला कर रहे हैं। और प्रदेश सरकार मनरेगा को संजीवनी बता रही है। लेकिन सागर जिले में मनरेगा के कामों में मजदूरों की जगह सरपंच और सचिव एवं सह सचिव फायदा उठा रहे हैं।
सागर जिले की देवरी जनपद पंचायत के पड़रई बुजुर्ग ग्राम पंचायत में सरपंच सचिव व रोजगार सहायक मनमानी कर मनरेगा योजना में मजदूरों को मिलने वाली मजदूरी को डकार रहे हैं। उनके द्वारा नियम विरुद्ध दस्तावेज और फर्जी फोटो अपलोड कर मजदूरों की हाजिरी लगाई जा रही है। 26 दिसंबर दिन शुक्रवार को ऐप पर 58 मजदूरों की उपिस्थति दर्ज की गई। जबकि मौके पर एक भी मजदूर मजदूरी करते नजर नहीं आये। मनरेगा के एप पर रोजगार सचिव महेश गौंड़ एवं सरपंच दिनेश राजपूत की मिली भगत से पुरानी निर्माण कार्यों की एवं जिसने धरातल पर कोई भी काम नहीं किया है कौन व्यक्तियों की ग्राम पंचायत पड़रई बुजुर्ग में होना दर्ज किया है। परंतु जब ग्राम पंचायत पड़रई बुजुर्ग गाँव बोरिया में नवीन तालाब स्थित जाकर हमारे संवाददाता ने देखा तो वहां न मजदूर दिखे न ही वर्तमान में कोई काम कराया जा रहा है
सरपंच और रोजगार सचिव की मिली भगत से इस तरह मनमाने तरीके से फर्जी मस्टरोल पोर्टल पर दर्शा कर शासन की रशि आहरण कर चूना लगाया जा रहा है और अपनी अपनी जेबें भरने में लगे हुए हैं ।
वहीं ग्रामीणों ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि नवीन तालाब निर्माण कार्य मजदूरों की जगह जेसीबी मशीन से हुआ था। और आपके द्वारा बताया गया कि इन व्यक्तियों के निर्माण कार्यों के नाम पर हाजरी डाली जा रही है इन्होंने तो कभी काम भी नहीं किया है। यह सब सरपंच दिनेश राजपूत के करीबी हैं और कुछ तो घर के सदस्य भी हैं।
ग्राम पंचायत पड़रई बुजुर्ग में सरपंच सचिव और रोजगार सचिव की मिलीभगत से बिना निर्माण कार्य कराये पैसा भी आहरण कर लिया गया है ग्राम पंचायत पड़रई बुजुर्ग सरपंच दिनेश राजपूत सचिव गुलाब राय रोजगार सचिव महेश गौड़ पर जांच कर आलाधिकारियों द्वारा कार्रवाई होनी चाहिए।











