डायल 112 की संवेदनशीलता बनी यात्री का संबल 100 किलोमीटर दूर जाकर सुरक्षित मिला खोया बैग, समय पर मदद से टली बड़ी परेशानी


डायल 112 | जिला सागर
दिनांक : 08.01.2026

डायल 112 की संवेदनशीलता बनी यात्री का संबल 100 किलोमीटर दूर जाकर सुरक्षित मिला खोया बैग, समय पर मदद से टली बड़ी परेशानी

सागर डायल 112 टीम
मानवीय पुलिसिंग का उत्कृष्ट उदाहरण

डायल 112 सेवा ने एक बार फिर तत्परता, संवेदनशीलता एवं मानवीय पुलिसिंग का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करते हुए एक असहाय यात्री की बड़ी समस्या का समय रहते समाधान किया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रशांत कुमार सेन, निवासी प्रयागराज, बस द्वारा इंदौर की यात्रा कर रहे थे। आज दिनांक 08.01.2026 को प्रातः लगभग 5:00 बजे उनकी बस सागर जिले के राहतगढ़ कस्बे से होते हुए भोपाल रोड मार्ग से इंदौर जा रही थी। इसी दौरान राहतगढ़ में एक ढाबे पर बस रुकी, जहां प्रशांत कुमार सेन आवश्यक कार्य से नीचे उतरे। दुर्भाग्यवश बस चालक/कंडक्टर द्वारा उन्हें बस में चढ़ने का अवसर दिए बिना बस को आगे रवाना कर दिया गया, जिससे प्रशांत वहीं छूट गए।
बस के अंदर उनका बैग रह गया, जिसमें उनके अत्यंत आवश्यक व्यक्तिगत दस्तावेज रखे हुए थे। अनजान स्थान पर फंसे एवं परेशान प्रशांत कुमार सेन ने तत्काल डायल 112 पर कॉल कर सहायता की गुहार लगाई।
राज्य स्तरीय डायल 112 कंट्रोल रूम भोपाल से इवेंट क्रमांक 26010193926 के माध्यम से सूचना प्राप्त होते ही डायल 112 सागर कंट्रोल रूम द्वारा मामले की जानकारी प्रभारी डायल 112, उप निरीक्षक श्री आर.के.एस. चौहान को दी गई। श्री चौहान द्वारा मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल सक्रियता दिखाई गई। उन्होंने प्रशांत से बस का विवरण एवं नंबर प्राप्त कर बस कंडक्टर से संपर्क किया तथा स्थिति से अवगत कराते हुए बस को सांची स्थित ढाबे पर रुकवाया गया।
इसी बीच डायल 112 राहतगढ़ की टीम की सहायता से प्रशांत कुमार सेन को दूसरी वाहन के माध्यम से लगभग 100 किलोमीटर दूर सांची तक सुरक्षित पहुंचाने की व्यवस्था की गई। उल्लेखनीय है कि प्रशांत ने बताया कि उनके पास आगे की यात्रा हेतु पैसे भी उपलब्ध नहीं थे, इसके बावजूद डायल 112 टीम ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए उनकी हरसंभव सहायता सुनिश्चित की।
राहतगढ़ डायल 112 एफआरवी में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक श्री हरनारायण दुबे एवं पायलट अभिषेक पाल की सक्रिय एवं सराहनीय भूमिका से प्रशांत सांची ढाबे पहुंचे, जहां उन्हें वही बस मिली और बस में रखा उनका बैग पूर्णतः सुरक्षित अवस्था में वापस प्राप्त हुआ।
अपना बैग एवं आवश्यक दस्तावेज सुरक्षित पाकर प्रशांत कुमार सेन ने डायल 112 सेवा, सागर पुलिस एवं पूरी टीम की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए हृदय से आभार व्यक्त किया।
यह घटना एक बार फिर सिद्ध करती है कि डायल 112 केवल आपातकालीन सेवा ही नहीं, बल्कि जरूरतमंद नागरिकों के लिए भरोसेमंद सहारा भी है।
सागर पुलिस आमजन की सेवा, सुरक्षा एवं सहायता के लिए सदैव तत्पर है।

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