
सन् 2026 में तुला राशि का वैदिक राशिफल
तुला LIBRA
(र, री, रु, रे, रो, ता, ति, तू, ते)
शुभरंग– सफेद,
शुभ अंक– 6
शुभधातु– चाँदी,
शुभरत्न– हीरा व ओपल,
शुभदिन– शुक्रवार,
इंष्ट– सन्तोषीमाता (अथवा कुलदेवी जो भी हो) का व्रत व पूजन करे,
शुभमास– चैत्र व ज्येष्ठ,
मध्यममास– आषाढ़, श्रावण,
शुभ तारीख– 6, 15, 24,
भाद्रपद, आश्विन, पौष, माघ व फाल्गुन, अशुभमास– वैशाख, कार्तिक व मार्गशीर्ष ।
व्यक्तित्व– अन्वेषक, खोजी, मास्टर माइंड,
सकारात्मक तथ्य– आत्म विश्वासी, आकर्षक वाणी,
नकारात्मक तथ्य– ईर्ष्या, घमण्ड, अति धूर्तता,
वायु तत्व प्रधान इस राशि का स्वामी शुक्र है इसके कारण ग्रह बुध, शुक्र और शनि माने गए हैं। चित्रा, स्वाति और विशाखा इस राशि के नक्षत्र हैं। चित्रा नक्षत्र के देव त्वाशत्व और स्वामी मंगल हैं। इस नक्षत्र के जातक शौकीन मिजाज होते हैं। एक साथ अनेक विषयों में शौक होने के कारण किसी विशेष विषय में ध्यान फोकस नहीं कर पाते। इनमें चंचलता बहुत होती है। सफलता की उम्मीद तो ये बहुत करते हैं लेकिन उसके लिए उतनी दिमागी मेहनत नहीं करते। स्वाति नक्षत्र के देव वायु और स्वामी राहू हैं। इस राशि के जातकों में एकाग्रता और सफल होने के भरपूर गुण पाए जाते हैं। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले काफी भाग्यवान होते हैं। विशाखा नक्षत्र के देव इंद्र-अग्नि हैं और स्वामी गुरु हैं। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले अधिकतर दुविधा में रहते हैं और इनके मन में विरोधाभासी विचार चलते रहते हैं।
तुला राशि पर शुक्र का आधिपत्य होने के कारण इस राशि के जातकों को बनने-संवरने, संगीत, चित्रकारी और बागवानी जैसे शौक होते हैं। इन जातकों का शरीर दुबला-पतला और अच्छे गठन वाला होता है। मुस्कान मोहक होती है। एक बार मित्र बना लें तो हमेशा के लिए अच्छे मित्र सिद्ध होते हैं। इनकी खूबी यह होती है कि वे विवादों को बड़ी कुशलता से निपटाते हैं और संघर्ष व टकराव की स्थिति से बचने के लिए स्वयं को निष्पक्ष रखते हुए बड़ी चतुराई से अपनी बात कहते हैं। निष्पक्ष तर्क करने के लिए अगर कूटनीति का सहारा लेना पड़े या समझौते का रास्ता बनाना पड़े तो भी गुरेज नहीं करते और अपनी बौद्धिक क्षमता का भरपूर इस्तेमाल करना जानते हैं। हालांकि, स्वयं अपने लिए तुरन्त निर्णय नहीं ले पाते और अनिर्णय की स्थिति में रहते हैं।
ये अपने नफा-नुक्सान के बारे में सोचने में ज्यादा वक्त लगाते हैं। हालांकि, विपरीत सैक्स के प्रति तुला जाति वाले जल्दी आकर्षित होते हैं लेकिन जीवनसाथी बनाने का निर्णय लेते समय काफी सावधान रहते हैं और बहुत सोच-विचार करते हैं। ऐसा भी माना जाता है कि इस राशि के लोग निर्णय लेने से डरते हैं और इसलिए हर बात के लिए अपने पार्टनर पर निर्भर होते हैं। ये अकेलेपन से काफी घबराते हैं और इसलिए कई बार परख किए बिना ये लोगों से जुड़ जाते हैं। इससे कई बार उनका गलत रिश्तों से सामना होता है।
तुला राशि के लड़के अपने रिश्ते को लेकर काफी ईमानदार होते हैं। हालांकि, ये अपने साथी पर हावी रहते हैं लेकिन अगर इनका साथी इन पर रौब जमाए तो यह इनको बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं होता। ये चाहते हैं कि हमेशा सौंदर्य इनके आसपास रहे। हालांकि, ये चेहरे से ज्यादा लोगों के दिल की खूबसूरती पर मर मिटते हैं।
यह भी कहा जाता है कि तुला राशि वाले जातक किसी भी परिस्थिति में विचलित नहीं होते, दूसरों को प्रोत्साहन देना, सहारा देना इनका स्वभाव होता है। ये कलाकार, सौंदर्योपासक व स्नेहिल होते हैं। व्यवहारिक भी होते हैं और इनके मित्र इन्हें पसंद करते हैं।
स्वास्थ्य– वर्ष की शुरुआत में गुरु वक्री रहेगा जो स्वास्थ्य से जुड़े मामलों के लिये शुभ नहीं है। महिलाओं को थायराइड सम्बन्धी परेशानियों से जूझना पड़ सकता है। इसीलिये अपने खानपान और जीवनशैली पर ध्यान रखें। जुलाई माह के दौरान बृहस्पति की छठे भाव में दृष्टि किसी पुराने रोग को दोबारा उभारने की क्षमता रखती है। प्राणायाम और दिनचर्या को सन्तुलित रखना आपके लिये इस वर्ष अत्यन्त आवश्यक है। अक्टूबर के बाद आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। अगस्त-सितम्बर का समय हृदय रोगियों के लिये ठीक नहीं है। इस दौरान वाहन चलाते समय सावधानी रखें।
आर्थिक स्थिति–
वर्ष 2026 आर्थिक दृष्टि से लाभप्रद सिद्ध होगा। पुराने निवेश से आपको काफी बड़ा धन लाभ हो सकता है। रियल एस्टेट में आप बड़ा निवेश करने की योजना बना सकते हैं। पैतृक सम्पत्ति को लेकर कुछ विवाद हो सकते हैं। फरवरी-अप्रैल में ऐसे कुछ मामले उभर भी सकते हैं। जून के बाद आपके खर्चे अचानक बढ़ने की सम्भावना है। राहु इस वर्ष आपके पञ्चम भाव में रहेगा जिसके कारण शेयर बाजार में अतिरिक्त निर्भरता आपके लिये शुभ नहीं रहेगी। वर्ष के उत्तरार्ध में कई बार आपको नकदी की समस्या हो सकती है।
कौटुम्बिक एवं सामाजिक–
इस वर्ष आपको परिजनों के स्वास्थ्य का काफी ध्यान रखना होगा। पिता की सेहत को लेकर सावधान रहें। कुछ बाहरी लोग आपके परिवार की एकता को तोड़ने का प्रयास करेंगे। आपकी भावनाओं को कई बार लोग नहीं समझ पायेंगे। ऐसे में आपको थोड़ा धैर्य और सहनशीलता दिखानी होगी। नये मित्र बनाने से आपको बचना चाहिये। सन्तान प्राप्ति के लिये प्रयास कर रहे हैं तो आपको मार्च, अप्रैल और नवम्बर में प्रयास करना होगा। सम्पत्ति के मामलों को सावधानीपूर्वक सुलझा पायेंगे।
प्रणय जीवन–
इस वर्ष आपके दाम्पत्य सम्बन्ध सामान्य रहेंगे। शनि की दशम दृष्टि आपकी राशि से तीसरे भाव पर पड़ेगी जिसके कारण नये सम्बन्ध बन सकते हैं। राहु की स्थिति प्रेम सम्बन्धों में आपसी विश्वास को भी नुकसान पहुँचा सकती है। लेकिन आप काफी रोमान्टिक रहेंगे। राहु के कारण अतिरिक्त वैवाहिक सम्बन्ध की भी सम्भावना बन रही है। इसीलिये सम्बन्धों में पारदर्शिता निश्चित रखें। वर्ष के पहले पूर्वार्ध में प्रेमी जन के साथ बात-बात पर झगड़ा होते रहने से रिश्तों में खटास आ सकती है। लेकिन वर्ष के अन्तिम दो महीने के दौरान गुरु के सिंह में जाने से रिश्ते सम्भल जायेंगे।
शिक्षा और करियर–
इस वर्ष आपको करियर में काफी मेहनत करनी पड़ेगी। शनि आपको धैर्यवान रहने की प्रेरणा दे रहा है। वर्ष की शुरुआत में ही आप अपने व्यापार में बड़ा बदलाव करने की योजना बना सकते हैं। मार्च के बाद वेतन बढ़ने से आपका मनोबल बढ़ेगा। राहु की स्थिति आपको शिक्षा और प्रतियोगिता में असफलता भी दे सकती है। आप अपने काम को लेकर समर्पित और निष्ठावान रहें। विदेशी माध्यमों से भी आपको लाभ मिल सकता है। वरिष्ठ अधिकारी आपसे प्रभावित रहेंगे। इस वर्ष जॉब और व्यापार को लेकर कई यात्रा करने की सम्भावना बन रही है। वर्ष के उत्तरार्ध में शनि के वक्री होने से कारोबार थोड़ा धीमा पड़ सकता है।
कर्मकांड ज्योतिष विषेशज्ञ — डॉ अनिल दुबे वैदिक देवरी बिछुआ 9936443138











