
खिलाड़ी भावना और अनुशासन ही गढ़ते हैं विद्यार्थी का सफल भविष्य: प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता
एकाग्रता और लेजर बीम जैसी ऊर्जा से ही मिलती है सफलता: डॉ. नीरज दुबे
शतरंज की बिसात और टेबल-टेनिस के मैदान पर खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम; महाविद्यालयीन खेल उत्सव का गरिमामय समापन
सागर। शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय में स्वामी विवेकानंद जयंती ‘युवा दिवस’ के उपलक्ष्य में आयोजित वार्षिक एवं सांस्कृतिक खेल उत्सव 2025-26 का भव्य समापन हुआ। प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता की अध्यक्षता एवं कुशल मार्गदर्शन में आयोजित इस उत्सव के अंतिम दिन महाविद्यालय परिसर में बैडमिंटन, शतरंज एवं टेबल-टेनिस की प्रतियोगिताएं पुरुष एवं महिला वर्ग के लिए आयोजित की गईं, जिनमें छात्र-छात्राओं और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा सागर संभाग के अतिरिक्त संचालक डॉ. नीरज दुबे रहे। आयोजन का शुभारंभ अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती एवं स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया।
प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता ने अपने स्वागत उद्बोधन में खिलाड़ियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि खेल जीवन का एक महत्वपूर्ण अंग हैं और यह व्यक्ति के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विशेष रूप से जोर दिया कि खेलों से शरीर स्वस्थ, सक्रिय और ऊर्जावान रहता है, जिससे व्यक्ति अपने दैनिक कार्यों को बेहतर ढंग से कर पाता है। डॉ. गुप्ता ने आगे बताया कि खेल अनुशासन, समय-प्रबंधन और आत्मसंयम सिखाते हैं तथा टीम खेलों के माध्यम से सहयोग, आपसी समझ और नेतृत्व क्षमता विकसित होती है, जो जीवन के हर क्षेत्र में सफलता दिलाने में सहायक होती है।
मुख्य अतिथि डॉ. नीरज दुबे ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में विद्यार्थियों को एकाग्रता का महत्व समझाते हुए कहा कि, “जब कोई विद्यार्थी महाविद्यालय में आता है, तो शासन की मंशा केवल उसके पठन-पाठन में निखार लाने की नहीं, बल्कि उसके समूचे व्यक्तित्व को निखारने की होती है”। उन्होंने भौतिकी का उदाहरण देते हुए समझाया कि जिस प्रकार लेजर बीम अपनी केंद्रित ऊर्जा से लोहे की मोटी छड़ को भी काट देती है, उसी प्रकार यदि विद्यार्थी अपनी पूरी ऊर्जा और एकाग्रता को एक लक्ष्य पर केंद्रित करें, तो वे जीवन की हर बाधा को पार कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि खेलों से विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास और मानसिक दृढ़ता का विकास होता है, जो उन्हें भविष्य में एक सफल और जिम्मेदार नागरिक बनाएगा।
प्रतियोगिताओं के परिणामों के अनुसार, टेबल-टेनिस के कर्मचारी पुरुष वर्ग में शैलेन्द्र शर्मा प्रथम और देवकृष्ण नामदेव द्वितीय स्थान पर रहे। महिला वर्ग में डॉ. इमराना सिद्दीकी प्रथम और साक्षी पांडे द्वितीय रहीं, जबकि छात्र वर्ग में कैलाश सिंह लोधी ने प्रथम और आकाश सूर्यवंशी ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। शतरंज प्रतियोगिता के कर्मचारी पुरुष वर्ग में संतोष कुमार भगत प्रथम और जीतू चौरसिया द्वितीय रहे। महिला वर्ग में प्रतीक्षा जैन प्रथम और भानुप्रिया द्वितीय रहीं। विद्यार्थियों के छात्र वर्ग में अनुज मिश्रा प्रथम और कार्तिक द्वितीय रहे, वहीं छात्राओं में दिव्या अग्रवाल प्रथम और सानिया द्वितीय स्थान पर रहीं।
कार्यक्रम के दौरान मंच पर वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. रंजना मिश्रा, डॉ. गोपा जैन, डॉ. विनय कुमार शर्मा और प्रशासनिक अधिकारी डॉ. इमराना सिद्दीकी भी उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. अमर कुमार जैन द्वारा किया गया।
उत्सव को सफल बनाने में डॉ संदीप सबलोक, डॉ. शैलेन्द्र सिंह राजपूत, डॉ. रामकुमार तिवारी, डॉ. राणाकुंजर सिंह, डॉ. अनिल मेहरोलिया, डॉ. अंकुर गौतम, डॉ. संदीप तिवारी, डॉ. शैलेन्द्र शर्मा, भगवानदास कोष्टी एवं श्री भगवत प्रसाद सहित महाविद्यालय के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों का सराहनीय सहयोग रहा।
प्राचार्य जी के निर्देशानुसार
भवदीय
डॉ संदीप सबलोक











