
सीसीटीवी और कंट्रोल रूम की सतर्कता से चार बाइक चोरी का खुलासा, मास्टरमाइंड सहित तीन आरोपी गिरफ्तार
सागर। सीसीटीवी कैमरों और पुलिस कंट्रोल रूम की सतर्क निगरानी के चलते गोपालगंज पुलिस ने मोटरसाइकिल चोरी के एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई में नाबालिगों से चोरी करवाने वाले मास्टरमाइंड सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चार चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं।
पुलिस अधीक्षक सागर श्री विकाश कुमार शाहवाल के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री लोकेश कुमार सिंहा के मार्गदर्शन तथा नगर पुलिस अधीक्षक श्री ललित कश्यप और थाना प्रभारी गोपालगंज निरीक्षक घनश्याम शर्मा के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई।
14 जनवरी 2026 को फरियादी रामपाल सिंह लोधी ने थाना गोपालगंज में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी नीले रंग की पैशन प्रो मोटरसाइकिल चेतन अस्पताल के सामने से चोरी हो गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई।
जांच के दौरान गोपालगंज थाना पुलिस और पुलिस कंट्रोल रूम सागर की टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की बारीकी से जांच की। कंट्रोल रूम में पदस्थ उप निरीक्षक (रेडियो) आर.के.एस. चौहान के तकनीकी मार्गदर्शन में फुटेज का विश्लेषण किया गया, जिसमें एक व्यक्ति दो युवकों को चोरी के संबंध में निर्देश देता हुआ स्पष्ट दिखाई दिया।
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्ध की पहचान कर सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी साझा की गई, जिससे उसकी पहचान भोलू उर्फ कुलदीप पांडे के रूप में हुई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उसे गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने दो नाबालिगों के जरिए मोटरसाइकिल चोरी कराना स्वीकार किया।
आरोपी की निशानदेही पर चोरी गई पैशन प्रो मोटरसाइकिल बरामद की गई। गहन पूछताछ में आरोपी ने नानू उर्फ राज शुक्ला और बाली उर्फ साहब अहिरवार के साथ मिलकर अन्य चोरी की घटनाओं को अंजाम देना भी कबूल किया। इसके बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कुल चार चोरी की मोटरसाइकिलें ग्राम बड़तुमा, थाना मकरोनिया क्षेत्र से बरामद की गईं।
बरामद वाहन
पैशन प्रो – MP15MN7283
HF डीलक्स – MP34MJ7129
CD डीलक्स – MP15MJ8512
अपाचे – MP15MV0577
गिरफ्तार आरोपी
भोलू उर्फ कुलदीप पांडे
नानू उर्फ राज शुक्ला (20 वर्ष)
बाली उर्फ साहब अहिरवार (22 वर्ष)
दो नाबालिग (विधि अनुसार कार्यवाही जारी)
इस संपूर्ण कार्रवाई में सीसीटीवी तकनीक, कंट्रोल रूम की सक्रिय मॉनिटरिंग और पुलिस टीम के उत्कृष्ट समन्वय ने निर्णायक भूमिका निभाई। सागर पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अपराधी कितने भी शातिर क्यों न हों, तकनीक और सतर्क पुलिसिंग से वे कानून से नहीं बच सकते।











