
थाना मोतीनगर, जिला सागर
दिनांक 06/02/26
मोतीनगर पुलिस की ऐतिहासिक सफलता विगत 05 वर्षों से गुमशुदा / अपहृत नाबालिग बालक को सकुशल दस्तयाब किया
मानवीय संवेदनशीलता, सतत प्रयास और सटीक पुलिसिंग का उत्कृष्ट उदाहरण
सागर।
पुलिस अधीक्षक सागर विकाश कुमार शाहवाल के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर लोकेश कुमार सिंहा के मार्गदर्शन तथा नगर पुलिस अधीक्षक ललित कश्यप के पर्यवेक्षण में थाना मोतीनगर पुलिस द्वारा विगत 05 वर्षों से गुमशुदा/अपहृत नाबालिग बालक को सकुशल दस्तयाब कर एक अत्यंत सराहनीय एवं मानवीय सफलता प्राप्त की गई है।
दिनांक 06.02.2026 को वरिष्ठ अधिकारियों से प्राप्त दिशा-निर्देशों के पालन में थाना प्रभारी मोतीनगर द्वारा फरार व्यक्तियों, स्थायी वारंटियों, गुंडा-निगरानी बदमाशों एवं गुमशुदा/अपहृत बालक-बालिकाओं की पतासाजी हेतु विशेष अभियान चलाया गया।
उक्त क्रम में ज्ञात हुआ कि दिनांक 23.08.2021 को फरियादिया (उम्र 40 वर्ष) द्वारा थाना मोतीनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि उसका भांजा, उम्र लगभग 13 वर्ष, दिनांक 10.08.2021 को रात्रि लगभग 03:00 बजे घर से बिना बताए चला गया था। परिजनों एवं रिश्तेदारों के स्तर पर व्यापक खोजबीन के बावजूद बालक का कोई सुराग नहीं मिला था, जिससे यह आशंका व्यक्त की गई कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपहरण कर लिया गया है।
इस संबंध में थाना मोतीनगर में अपराध धारा 363 भादवि के अंतर्गत पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई थी।
मामले की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए पुलिस द्वारा लगातार सूचना तंत्र सक्रिय रखा गया, तकनीकी साक्ष्यों एवं मुखबिर नेटवर्क के माध्यम से वर्षों तक सतत प्रयास किए गए। इसी कड़ी में पुलिस टीम को अहम सुराग प्राप्त हुआ, जिसके आधार पर भोपाल से गुमशुदा/अपहृत नाबालिग बालक को सकुशल दस्तयाब किया गया।
दस्तयाबी उपरांत बालक की विधिसम्मत कार्यवाही कर उसे सुरक्षित एवं सम्मानपूर्वक उसके सकुशल परिजनों को सौंपा गया, जिससे परिजनों के चेहरे पर वर्षों बाद खुशी और राहत लौट आई। यह सफलता मोतीनगर पुलिस की संवेदनशीलता, धैर्य और कर्तव्यनिष्ठा को दर्शाती है
सराहनीय भूमिका निभाने वाले अधिकारी/कर्मचारी
निरीक्षक जसवंत सिंह राजपूत – थाना प्रभारी मोतीनगर
सउनि राकेश भट्ट
आरक्षक विनय कुमार
आरक्षक राहुल
मोतीनगर पुलिस की इस उल्लेखनीय कार्रवाई से आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास और अधिक सुदृढ़ हुआ है। पुलिस द्वारा भविष्य में भी गुमशुदा/अपहृत बच्चों की सकुशल दस्तयाबी हेतु इसी प्रकार सतत, संवेदनशील एवं प्रभावी प्रयास जारी रहेंगे।











