सीताराम रसोई टीम के जनसहयोग से किडनी रोगियों को मिली नई जीवन-आशा

बीएमसी में नई हीमोडायलिसिस मशीन का भव्य उद्घाटन

सीताराम रसोई टीम के जनसहयोग से किडनी रोगियों को मिली नई जीवन-आशा

बुंदेलखंड अंचल के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि तब जुड़ गई, जब बुंदेलखंड मेडीकल कॉलेज सागर में एक और नई अत्याधुनिक हीमोडायलिसिस मशीन का विधिवत उद्घाटन गरिमामय समारोह में संपन्न हुआ।

यह जीवनरक्षक मशीन समाजसेवी संस्था सीताराम रसोई टीम के उदार सहयोग से कॉलेज को भेंट की गई है। इस पहल से क्षेत्र के किडनी रोगियों को समयबद्ध, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण डायलिसिस सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
कार्यक्रम का आयोजन कॉलेज के मेडिसिन विभाग द्वारा किया गया, जिसमें मुख्य रूप से मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. रमेश पांडेय, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अभय तिर्की, डॉ. देवेंद्र अहिरवार, डॉ. मनीष जैन, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष ,फैकल्टी सदस्य, नर्सिंग स्टाफ, छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।

समारोह की अध्यक्षता कॉलेज के डीन डॉ. पी. एस. ठाकुर ने की।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इसके पश्चात अतिथियों का पुष्पगुच्छ से स्वागत किया गया। वातावरण में उत्साह और सेवा-भाव की झलक स्पष्ट दिखाई दे रही थी।
मंच संचालन के दौरान वक्ताओं ने इस जनहितकारी पहल को समाज और चिकित्सा संस्थान के बीच सशक्त समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण कदम
बुंदेलखंड क्षेत्र में क्रॉनिक किडनी डिज़ीज़ (CKD) एवं अन्य गुर्दा संबंधी रोगों के मरीजों की संख्या निरंतर बढ़ रही है। सीमित डायलिसिस मशीनों के कारण मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ता था, जिससे कई बार स्थिति गंभीर हो जाती थी। नई मशीन के जुड़ने से डायलिसिस यूनिट की क्षमता में वृद्धि होगी और प्रतिदिन अधिक मरीजों का उपचार संभव हो सकेगा।
मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. रमेश पांडेय ने अपने संबोधन में कहा,
“हेमोडायलिसिस मशीन केवल एक उपकरण नहीं, बल्कि यह उन मरीजों के लिए जीवन का संबल है जो नियमित डायलिसिस पर निर्भर हैं। इस मशीन के माध्यम से हम अधिक मरीजों को समय पर उपचार प्रदान कर पाएंगे।”
उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज निरंतर स्वास्थ्य सेवाओं के उन्नयन के लिए प्रयासरत है और समाज के सहयोग से यह लक्ष्य और भी प्रभावी ढंग से प्राप्त किया जा सकता है।

इस अवसर पर सीताराम रसोई टीम के सक्रिय सदस्यों —  प्रकाश चौबे,
आलोक अग्रवाल, श्री दिलीप बुखारिया,
संजू चौरसिया
प्रभात जैन
राजेश गुप्ता को मंच पर सम्मानित किया गया।
टीम के प्रतिनिधियों ने कहा कि उनकी संस्था का उद्देश्य समाज के जरूरतमंद वर्ग की सहायता करना है। भोजन सेवा के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवा में योगदान देना उनके लिए गर्व का विषय है।
उन्होंने कहा, “यदि हमारी इस छोटी-सी पहल से किसी जरूरतमंद मरीज को राहत मिलती है, तो यही हमारे प्रयास की सबसे बड़ी सफलता है।”

कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ चिकित्सकों — डॉ रमेश पांडेय,डॉ. अभय तिर्की, डॉ. देवेंद्र अहिरवार एवं डॉ. मनीष जैन — ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक से लैस यह मशीन डायलिसिस की गुणवत्ता और सुरक्षा दोनों में सुधार लाएगी। इससे संक्रमण की संभावना कम होगी और मरीजों को अधिक आरामदायक उपचार उपलब्ध होगा।
विभिन्न विभागों के फैकल्टी सदस्यों ने भी इस पहल की सराहना की और कहा कि मेडिकल छात्रों को भी अत्याधुनिक उपकरणों के साथ प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी शैक्षणिक गुणवत्ता में वृद्धि होगी।

मीडिया प्रभारी डॉ सौरभ जैन ने बताया कि नई मशीन के प्रारंभ होने से अब मरीजों को दूरस्थ शहरों की ओर रुख करने की आवश्यकता कम होगी। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीजों को सरकारी योजनाओं एवं सामाजिक सहयोग के माध्यम से लाभ मिलेगा। डायलिसिस की प्रतीक्षा सूची में कमी आएगी और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित उपचार संभव होगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित और समय पर डायलिसिस मरीजों के जीवन की गुणवत्ता में महत्वपूर्ण सुधार करता है। यह मशीन न केवल उपचार की संख्या बढ़ाएगी, बल्कि सेवा की गुणवत्ता को भी सुदृढ़ करेगी।

कार्यक्रम के अंत में कॉलेज के डीन डॉ. पी. एस. ठाकुर ने भावपूर्ण धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा:
“आज का यह अवसर हमारे लिए अत्यंत गर्व और संतोष का विषय है। बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज, सागर में नई हीमोडायलिसिस मशीन का उद्घाटन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का सशक्त उदाहरण है।
मैं सीताराम रसोई टीम के सभी सदस्यों — प्रकाश चौबे, आलोक अग्रवाल, दिलीप बुखारिया, संजू चौरसिया, प्रभात जैन एवं राजेश गुप्ता — का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। आपने जिस भावना से यह मशीन दान की है, वह न केवल प्रेरणादायक है बल्कि समाज के लिए अनुकरणीय भी है। उन्होंने मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. रमेश पांडेय एवं उनकी पूरी टीम को बधाई दी जिन्होंने इस पहल को साकार रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ एवं तकनीकी कर्मचारी निरंतर मरीजों की सेवा में समर्पित हैं। यह मशीन उनके कार्य को और अधिक प्रभावी बनाएगी।

बुंदेलखंड क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करना हमारा संकल्प है। हमें विश्वास है कि समाज का सहयोग इसी प्रकार मिलता रहेगा और हम मिलकर इस क्षेत्र के प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने में सफल होंगे।

यह आयोजन न केवल एक मशीन के उद्घाटन तक सीमित रहा, बल्कि इसने समाज और चिकित्सा संस्थान के बीच सहयोग की एक सशक्त मिसाल प्रस्तुत की। बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज, सागर निरंतर क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए प्रयासरत है।

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