
मां से बिछड़ा ‘कान्हा’ का बाघ जंगल की जंग में हारा, रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में मिला शव
सागर। सागर स्थित रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में एक नर बाघ का शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया। यह बाघ बीते माह कान्हा टाइगर रिजर्व से लाया गया था। प्रारंभिक जांच में बाघ की मौत टेरिटोरियल फाइट में होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
जानकारी के अनुसार रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के मोहली रेंज अंतर्गत मानेगांव बीट के कोर क्षेत्र में वन विभाग को बीती शाम सूचना मिली कि एक बाघ मृत अवस्था में पड़ा है। सूचना मिलते ही टाइगर रिजर्व की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मृत बाघ की उम्र लगभग 3 से 4 वर्ष बताई जा रही है और वह नर बाघ था।
बताया गया है कि यह वही बाघ है जो बचपन में अपनी मां से बिछड़ गया था। बाद में उसे रेस्क्यू कर रि-वाइल्डिंग प्रशिक्षण दिया गया। जंगल में शिकार और प्राकृतिक परिस्थितियों के अनुकूल बनने के बाद 18-19 जनवरी की दरमियानी रात उसे रेडियो कॉलर लगाकर कोर एरिया में छोड़ा गया था। तब से टाइगर रिजर्व की टीम लगातार उसकी निगरानी कर रही थी।
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक पिछले दो दिनों से बाघ की लोकेशन एक ही स्थान पर मिल रही थी, जिससे आशंका बढ़ी। गश्ती दल को मौके पर भेजा गया, जहां बाघ मृत अवस्था में पाया गया। डीएफओ रजनीश कुमार सिंह ने बताया कि घटनास्थल के आसपास दूसरे बाघ के पगमार्क मिले हैं, जिससे टेरिटोरियल फाइट की संभावना जताई जा रही है। अक्सर वयस्क नर बाघ अपने क्षेत्र को लेकर आपस में भिड़ जाते हैं, जिसमें कमजोर या युवा बाघ की जान भी जा सकती है।
वन विभाग ने आसपास के क्षेत्र की सघन जांच की है। घटनास्थल पर कहीं भी अवैध बिजली तार नहीं मिले हैं और पास के जल स्रोतों की भी जांच की गई, जहां सब कुछ सामान्य पाया गया। फिलहाल मृत बाघ का पोस्टमार्टम विशेषज्ञ डॉक्टरों की पैनल द्वारा टाइगर रिजर्व परिसर में किया जा रहा है।
रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। इस घटना ने वन्यजीव संरक्षण की चुनौतियों को एक बार फिर उजागर कर दिया है।
Byte: रजनीश कुमार सिंह, डीएफओ











