मध्य प्रदेश विधानसभा में विधायक शैलेंद्र कुमार जैन ने वन विभाग पर उठाए अहम विषय, सिटी फॉरेस्ट के मेंटेनेंस एवं चिड़ियाघर निर्माण के लिए बजट की मांग

मध्य प्रदेश विधानसभा में विधायक शैलेंद्र कुमार जैन ने वन विभाग पर उठाए अहम विषय, सिटी फॉरेस्ट के मेंटेनेंस एवं चिड़ियाघर निर्माण के लिए बजट की मांग

सागर।मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में विधायक शैलेंद्र कुमार जैन ने मांग संख्या 10 के तहत वन विभाग पर बोलते हुए कहा कि किसी भी राज्य की तरक्की उसकी वन संपदा से जुड़ी होती है। मध्य प्रदेश देश का वन संपदा के मामले में अग्रणी राज्य है और हमारी जिम्मेदारी भी अधिक है।
उन्होंने कहा कि सागर और अन्य शहरों के आसपास स्थित वन क्षेत्रों को “सिटी फॉरेस्ट” के रूप में उन्नत किया गया है, और प्रदेश में 94 सिटी फॉरेस्ट बनाए गए हैं, जो देश में सबसे पहले स्थान पर हैं। इन सिटी फॉरेस्ट्स का कार्य शहरों के फेफड़ों और ऑक्सीजन बैंक के रूप में होता है, लेकिन इनके मेंटेनेंस के लिए केंद्र या राज्य स्तर से बजट का कोई प्रावधान नहीं किया गया है, जिससे इनका रखरखाव मुश्किल हो रहा है। विधायक श्री जैन ने इन सिटी फॉरेस्ट्स के मेंटेनेंस के लिए बजट आवंटन की मांग की।
विधायक श्री जैन ने बताया कि शासन द्वारा चिड़ियाघर निर्माण के लिए सागर और रायसेन के प्रस्ताव भेजे थे जिन्हें नेशनल जू अथॉरिटी ने इन परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है, लेकिन बजट की कमी के कारण यह काम रुक गया है। उन्होंने इसके लिए कांपा (Campa) फंड का उपयोग कर जू रेस्क्यू सेंटर बनाने का सुझाव दिया उन्होंने कहा कि इसके निर्माण से न केवल पर्यटन के क्षेत्र में विकास होगा बल्कि वन्यजीवों के रेस्क्यू सेंटर के रूप में भी एक बड़ा कार्य होगा।
इसके अलावा, विधायक जैन ने तेंदू पत्ता उद्योग के मुद्दे पर भी ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश देश का 50% तेंदू पत्ता आपूर्ति करता है, लेकिन बीड़ी निर्माण में कमी आई है, जबकि पश्चिम बंगाल में बीड़ी निर्माण बड़े पैमाने पर हो रहा है, जिससे वहां बांग्लादेश से आए हुए रोहिंग्या घुसपैठियों लोग रोजगार पा रहे हैं, जबकि मध्य प्रदेश के लोग बेरोजगारी का शिकार हो रहे हैं। इसके समाधान के लिए उद्योगपतियों को इंसेंटिव के माध्यम से प्रोत्साहन देने की आवश्यकता है।
विधायक श्री जैन ने मध्य प्रदेश में चीता प्रोजेक्ट का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे सागर जिले के रानी दुर्गावती नौरादेही अभ्यारण्य में चीता के आगमन के बारे में भी बात की और कहा कि वहां टाइगर पहले से उपलब्ध हैं चीता के आगमन से सोने पर सुहागा होगा। इसके अलावा, उन्होंने वन समितियों को 15,608 की संख्या में बताया और कहा कि उन्हें एक बड़ा बजट उपलब्ध कराकर वन योजनाओं का पुनर्जीवन करना चाहिए।
विधायक ने यह भी कहा कि प्रदेश में सांस्कृतिक वन विस्थापन और नक्षत्र वन जैसे महत्वाकांक्षी परियोजनाएं चल रही हैं, जो प्रदेश की जैव विविधता और सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा दे रही हैं।

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