
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में विकास, निवेश और सुशासन की नई इबारत -भूपेन्द्र सिंह
सागर। मध्यप्रदेश विधानसभा में बजट पर चर्चा के दौरान पूर्व गृहमंत्री एवं वरिष्ठ विधायक भूपेन्द्र सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत यह बजट केवल आय-व्यय का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि जनकल्याण, विकास, सुशासन और आत्मनिर्भरता का व्यापक दृष्टिपत्र है, जो मध्यप्रदेश को विकसित राज्यों की श्रेणी में स्थापित करने की दिशा में निर्णायक भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के सशक्त और दूरदर्शी नेतृत्व में प्रदेश ने विकास, निवेश आकर्षण, कानून व्यवस्था, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक पुनर्जागरण जैसे अनेक क्षेत्रों में ऐतिहासिक उपलब्धियां प्राप्त की हैं। यही कारण है कि मध्यप्रदेश आज देश के सबसे तेज़ विकास दर वाले राज्यों में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा रहा है।
सिंह ने कहा कि प्रदेश की 11.40 प्रतिशत विकास दर केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि शासन की प्रतिबद्धता, योजनाओं की प्रभावशीलता और जनता के विश्वास का परिणाम है। उन्होंने कहा कि प्रति व्यक्ति आय में निरंतर वृद्धि यह दर्शाती है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। वर्ष 2025 को औद्योगिक वर्ष और 2026 को कृषि वर्ष घोषित किए जाने को उन्होंने दूरदर्शी और संतुलित निर्णय बताते हुए कहा कि इससे प्रदेश में उद्योग और कृषि दोनों को समान महत्व मिलेगा तथा संतुलित आर्थिक संरचना का निर्माण होगा। उन्होंने बताया कि लगभग 40 लाख करोड़ रुपये के औद्योगिक निवेश को स्वीकृति मिलना और 8 लाख करोड़ रुपये के उद्योगों का धरातल पर उतरना इस बात का प्रमाण है कि मध्यप्रदेश निवेशकों के लिए विश्वास का केंद्र बन चुका है। उन्होंने इसे प्रदेश में औद्योगिक क्रांति की शुरुआत बताते हुए कहा कि इससे व्यापक स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे और युवाओं को अपने ही प्रदेश में रोजगार उपलब्ध होगा।
उन्होंने कहा कि रोजगार सृजन के क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश अग्रणी राज्यों में शामिल है और सरकार कौशल विकास, स्वरोजगार तथा लघु एवं मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहन देकर युवाओं को सशक्त बना रही है। पर्यटन क्षेत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश की प्राकृतिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों के कारण पर्यटन से लगभग 40 प्रतिशत राजस्व प्राप्त हो रहा है और मध्यप्रदेश पर्यटन के क्षेत्र में अग्रणी बनकर उभरा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि गरीबों को पक्का आवास उपलब्ध कराने में प्रदेश ने उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। कृषि क्षेत्र की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि गेहूं उत्पादन में प्रदेश दूसरे स्थान पर है तथा दुग्ध उत्पादन में प्रथम स्थान प्राप्त कर चुका है, जो किसानों की समृद्धि और सरकार की किसान हितैषी नीतियों का परिणाम है।
कानून व्यवस्था को विकास का मूल आधार बताते हुए भूपेन्द्र सिंह ने गृह विभाग के लिए 13 हजार 477 करोड़ रुपये के बजट प्रावधान का स्वागत किया और कहा कि यह राशि प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाएगी। उन्होंने 22,500 नए पुलिस पदों पर भर्ती, 11 हजार पुलिस आवासों के निर्माण, न्यायालयीन विज्ञान प्रयोगशालाओं के आधुनिकीकरण, आधुनिक तकनीक आधारित पुलिस व्यवस्था, कैमरा आधारित निगरानी प्रणाली तथा कारागार सुधार जैसे कदमों को प्रभावी बताते हुए कहा कि इन प्रावधानों से कानून व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मादक पदार्थों के कारोबार, अवैध धर्मांतरण, तथाकथित लव जिहाद, साइबर अपराध और संगठित अपराध के विरुद्ध कठोर और निर्णायक कार्रवाई की गई है। विभिन्न जिलों में माफियाओं और अवैध कब्जाधारियों पर की गई बुलडोजर कार्रवाई का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इससे अपराधियों में भय और आमजन में विश्वास का वातावरण बना है। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रदेश को नक्सलवाद से मुक्त करने में सरकार सफल रही है और आज मध्यप्रदेश शांति, सुरक्षा और स्थिरता का प्रतीक बन चुका है।
सिंह ने कहा कि लोकसभा चुनाव में प्रदेश की सभी 29 सीटों पर विजय इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि जनता मुख्यमंत्री के नेतृत्व और सरकार की नीतियों पर पूर्ण विश्वास रखती है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि अन्य राज्यों के चुनावों में भी मुख्यमंत्री की सभाओं ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सफलता में योगदान दिया। सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण, वंदे मातरम् से कार्यक्रमों की शुरुआत तथा अंग्रेजों के समय के कानूनों के स्थान पर भारतीय न्याय संहिता लागू किए जाने जैसे निर्णयों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि यह सरकार केवल आर्थिक विकास ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और राष्ट्रीय चेतना को भी सुदृढ़ करने का कार्य कर रही है।
अपने उद्बोधन के अंत में पूर्व गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह ने बजट का पूर्ण समर्थन करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश विकास, सुशासन, सुरक्षा और समृद्धि के नए आयाम स्थापित करेगा तथा आने वाले वर्षों में देश के अग्रणी और विकसित राज्यों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाएगा।











