
विश्वविद्यालय : राष्ट्रीय नाट्य समारोह के चौथे दिन बुन्देलखंडी लोक संगीत की मनमोहक प्रस्तुति
डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर में उत्तर-मध्यक्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, प्रयागराज, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार एवं विश्वविद्यालय सांस्कृतिक परिषद् के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 20 फरवरी से 24 फरवरी 2026 को पाँच दिवसीय राष्ट्रीय नाट्य उत्सव का आयोजन किया जा रहा है । इस पांच दिवसीय आयोजन की परिकल्पना सांस्कृतिक केंद्र प्रयागराज के निदेशक सुदेश शर्मा द्वारा की गई है जिसे विश्वविद्यालय के सांस्कृतिक परिषद् के संयुक्त प्रयास से आयोजित किया जा रहा है ।
समारोह के चौथे दिन प्रथम सत्र में यश गोपाल श्रीवास्तव एवं दल ने बुंदेलखंडी लोक संगीत पर आधारित अपनी प्रस्तुति दी और छात्रों से संवाद किया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में युवा नेता आकाश सिंह राजपूत थे. इस अवसर पर डॉ. शशि कुमार सिंह, डॉ. अवधेश उपस्थित रहे। कार्यक्रम की विशेष प्रस्तुति लोकसंगीत की विविध विधाओं पर केंद्रित रही, जिसमें यश गोपाल श्रीवास्तव ने अपनी सुमधुर आवाज से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने गीतों के माध्यम से लोकसंगीत की अलग-अलग विधाओं का परिचय कराया।
“मोहन चढ़े कदम की डार, बंसुरिया मीठी बजा रहे रे” जैसे लोकप्रिय लोकगीतों की प्रस्तुति ने श्रोताओं को भावनात्मक रूप से जोड़ दिया। साथ ही बुन्देलखण्डी संगीत के युवाओं में प्रचार प्रसार के लिए प्रायोगिक दृष्टीकोण से बनाई नए लोकगीतों को भी प्रस्तुत किया। उन्होंने जस, जवारा, लहौर, बधाई, लेटकी, देसी भगत, दिवाला, फाग, राई, बिलवारी, बुंदेली ग़ज़ल, शेरो, गोट (रैप), सतई और लेद जैसी अनेक लोक विधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही “रंग डारो ने नंदलाल, मोपे रंग में डारो” जैसे गीतों और विभिन्न लोक वाद्ययंत्रों जैसे ढोलक, हारमोनियम, ढोल, बांसुरी, लोटा, नगड़िया ने वातावरण को रंगमय बना दिया। उन्होंने बुंदेली लोक संगीत की चौंसठ विधाओं में से कुछ प्रमुख विधाओं पर प्रकाश डालते हुआ कहा कि बुंदेली लोक संगीत एकमात्र ऐसा लोक संगीत है जो बोल पर नहीं अपितु संगीत रचना पर आधारित होती है।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. अवधेश ने सभी कलाकारों और उपस्थित अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के सफल आयोजन पर बधाई दी. यश गोपाल के साथ ओम भट्ट, साक्षी पटेरिया, शिवांगी पाठक, गोलू कुशवाहा, हिमांश खरारे, पंकज खरारे, विधान चौबे, यश पाठक, शरद कोरी, निक्की अहिरवार, गोविंद तिवारी ने प्रस्तुति में सहयोग किया.











