सफलता के लिए ‘तुलना’ नहीं, ‘आत्मविश्वास’ को चुनें: प्रो. दिवाकर राजपूत

सफलता के लिए ‘तुलना’ नहीं, ‘आत्मविश्वास’ को चुनें: प्रो. दिवाकर राजपूत

​सागर। मध्य प्रदेश शासन एवं उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार, शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय सागर में स्थापित मानसिक स्वास्थ्य परामर्श केंद्र के तत्वावधान में ‘जीवन कौशल और आशा निर्माण’ विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय के समाज विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता (डीन) एवं वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ दिवाकर सिंह राजपूत ने विद्यार्थियों को संबोधित किया।

​विख्यात समाजशास्त्री तथा अधिष्ठाता प्रो दिवाकर राजपूत ने अपने ओजस्वी संबोधन में तनाव प्रबंधन और जीवन कौशल के व्यावहारिक सूत्रों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “आज के डिजिटल युग में विद्यार्थी सोशल मीडिया की आभासी दुनिया में दूसरों से अपनी तुलना कर अकारण तनाव पाल रहे हैं। हमें यह समझना होगा कि हर व्यक्ति की परिस्थितियाँ भिन्न हैं। अपनी तुलना दूसरों से करने के बजाय स्वयं के कौशल और आत्मविश्वास पर ध्यान केंद्रित करना ही ‘आशा निर्माण’ की पहली सीढ़ी है।” उन्होंने विद्यार्थियों को डिजिटल डिटॉक्स और स्क्रीन टाइम को संतुलित करने का आह्वान किया, ताकि वे मानसिक थकान और एकाग्रता की कमी जैसी समस्याओं से बच सकें। डॉ. राजपूत ने जोर दिया कि कठिन परिस्थितियों में ‘आशा और सकारात्मकता’ ही वह संबल हैं, जो हमें टूटने से बचाते हैं।
​व्याख्यान के दौरान महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य डॉ. रंजना मिश्रा ने अध्यक्षता करते हुए मानसिक स्वास्थ्य को शैक्षणिक सफलता का आधार बताया। कार्यक्रम में मोबाइल और सोशल मीडिया के बढ़ते दुष्प्रभाव पर गहन मंथन हुआ। वक्ताओं ने बताया कि किस प्रकार विभिन्न ऐप्स विद्यार्थियों की निजी जानकारी एकत्र करते हैं और साइबर सुरक्षा के प्रति सजग रहना क्यों आवश्यक है। विद्यार्थियों को नोटिफिकेशन पर नियंत्रण और सीमित मोबाइल उपयोग के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह दी गई।
​ महाविद्यालय प्रभारी डॉ. सुनील साहू ने मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता को समय की मांग बताया। केंद्र की काउंसलर आस्था बानो ने विद्यार्थियों से सीधा संवाद कर उनकी शंकाओं का समाधान किया। मानसिक परामर्श केंद्र की नोडल अधिकारी श्रीमती रेणु सोलंकी ने केंद्र की गतिविधियों एवं विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध निशुल्क परामर्श सेवाओं की जानकारी दी।
​कार्यक्रम का कुशल संचालन कार्यक्रम संयोजक अनुष्का राजे द्वारा किया गया। कार्यक्रम के संबंध में डॉ संदीप सबलोक ने बताया कि इस आयोजन को सफल बनाने में समिति सदस्य डॉ. ऋतु त्रिपाठी और डॉ. जयपाल सिंह राजपूत का विशेष सहयोग रहा। अंत में विद्यार्थियों को नियमित दिनचर्या, पर्याप्त नींद और शारीरिक गतिविधियों को जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प दिलाया गया।

Leave a Comment

Read More