
सागर जिलें की कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त,हो रहीं हत्याएं।
पूर्व मंत्री सुरेन्द्र चौधरी ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को लिखा पत्र।
अपराधियों व जवाबदारों पर प्रभावी कार्यवाही की उठाई मांग।
दी उग्र आंदोलन की चेतावनी।
मुख्यमंत्री की चुप्पी अपराधियों को खुला संरक्षण………सुरेन्द्र चौधरी
सागर जिलें की बिगड़ती कानून व्यवस्था, लगातार हो रही हत्याएं, बढ़ते अपराधों, नशीले पदार्थों,अनैतिक गतिविधियों व अवैध शराब,जुआ,सट्टा के पनप रहें कारोबार तथा जिलें के युवा नौजवानों के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ को रोक पाने में पुलिस प्रशासन के नाकाम साबित होनें तथा जबाबदारों व अपराधियों पर प्रभावी कार्यवाही किये जानें को लेकर मध्यप्रदेश शासन के पूर्व मंत्री सुरेन्द्र चौधरी ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को पत्र लिखा है।पूर्व मंत्री श्री चौधरी ने प्रदेश सरकार पर तीखा प्रहार करतें हुये कहा कि सागर जिले की कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और जिले को अपराधियों के हवाले कर दिया गया है,जिले में कानून नाम की कोई चीज़ नहीं बची है और प्रशासन पूरी तरह मूकदर्शक बना हुआ है। चौधरी ने कहा कि डॉ मोहन यादव के मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री रहते हुए भी सागर जिले में अपराध बेलगाम हैं और लगातार हत्याएं, अवैध शराब, जुआ, सट्टा,नशे का कारोबार और अनैतिक गतिविधियां यह साबित करती हैं कि पुलिस प्रशासन ने घुटने टेक दिए हैं और अपराधियों को खुला संरक्षण मिला रहा हैं।उन्होंने कहा कि पुलिस की निष्क्रियता और संरक्षण के चलते अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि वे दिनदहाड़े हत्या जैसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं हालात यह हैं कि आमजन, महिलाएं,युवा खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। चौधरी ने कहा कि हाल ही में माननीय मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय में हुई सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आ चुका है कि सागर जिले के पुलिस थानों में अवैध गतिविधियों में लिप्त पुलिसकर्मियों पर जानबूझकर कार्रवाई नहीं की जाती जो सीधा-सीधा अपराधियों और भ्रष्ट तंत्र की मिलीभगत का सबूत है।
उन्होंने जिले में हुई जघन्य घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि गंगा मंदिर के पास चंद्रेश चौरसिया की निर्मम हत्या,महाराजपुर थाना क्षेत्र में युवक की हत्या,थाना कैंट में मनोज अहिरवार की अवैध शराब माफियाओं द्वारा पत्थर से कुचलकर हत्या,थाना मोतीनगर में नाबालिग दलित विवेक बंसल की मौत,शाहगढ़ में थाना अंतर्गत अनुसूचित जाति वर्ग की नर्स पर नर्स की हत्याथाना कोतवाली में सूबेदार अंशुल अहिरवार की हत्या,खुरई के शासकीय छात्रावास में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना,ये सभी घटनाएं पुलिस प्रशासन की नाकामी और सरकार की संवेदनहीनता की जीती-जागता उदाहरण हैं।चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री के सागर आगमन से जनता को उम्मीद थी कि अपराधियों पर लगाम लगेगी,लेकिन मुख्यमंत्री की चुप्पी ने यह साफ कर दिया कि सरकार अपराधियों के खिलाफ नहीं बल्कि जनता के खिलाफ खड़ी है।उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द ही जिले की कानून व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, दोषी पुलिस अधिकारियों और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो कांग्रेस पार्टी चुप नहीं बैठेगी और सड़कों पर उतरेगी।










