युवाओं में राष्ट्रीयता हो तभी विकसित भारत बनेगा – अविराज सिंह

युवाओं में राष्ट्रीयता हो तभी विकसित भारत बनेगा – अविराज सिंह

सागर। आपातकाल के 50 वर्षः भारतीय लोकतंत्र के लिए सीख” विषय पर आयोजित जिला स्तरीय युवा संसद-2026 कार्यक्रम में युवा नेता अविराज सिंह ने सहभागिता की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अविराज सिंह ने कहा कि आज का विषय केवल इतिहास की चर्चा भर नहीं है, बल्कि भारतीय लोकतंत्र की मजबूती और विकसित भारत के निर्माण की दिशा में युवाओं की भूमिका को समझने का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि वे दो महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार रखना चाहते हैं-पहला विकसित भारत और दूसरा 25 जून 1975 को घोषित किया गया आपातकाल। यह कार्यक्रम सागर स्थित इंफिनिटी मैनेजमेंट एंड इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और युवाओं ने भाग लिया। अविराज सिंह ने कहा कि भारत के प्रत्येक युवा को यह जानना चाहिए कि 25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 तक देश में क्या परिस्थितियाँ रहीं। उन्होंने कहा कि 50 वर्ष पहले की वह रात भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक महत्वपूर्ण और विवादित अध्याय के रूप में दर्ज है।

उन्होंने बताया कि 1971 के लोकसभा चुनाव में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने रायबरेली से अपने प्रतिद्वंद्वी राज नारायण के विरुद्ध चुनाव जीता था। चुनाव परिणाम के चार वर्ष बाद राज नारायण ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनाव परिणाम को चुनौती दी। उनकी दलील थी कि चुनाव में सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया गया।

अविराज सिंह ने कहा कि 12 जून 1975 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निर्णय सुनाते हुए इंदिरा गांधी को दोषी ठहराया और उनकी लोकसभा सदस्यता निरस्त कर दी, साथ ही छह वर्ष तक चुनाव न लड़ने का प्रतिबंध लगाया। इसके बाद 24 जून 1975 को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के निर्णय पर पूर्ण स्थगन देने से इंकार करते हुए सीमित राहत दी।
उन्होंने कहा कि इसके पश्चात 25 जून 1975 को देश में आपातकाल घोषित किया गया। आपातकाल लागू होने के बाद कई संवैधानिक प्रावधानों में संशोधन किए गए और केंद्र सरकार की शक्तियों में व्यापक वृद्धि हुई। इसी दौरान संविधान की प्रस्तावना में समाजवादी, पंथनिरपेक्ष और अखंडता जैसे शब्द जोड़े गए।

उन्होंने कहा कि आपातकाल की घोषणा के बाद प्रेस पर नियंत्रण स्थापित किया गया। दिल्ली सहित कई स्थानों पर अखबारों की बिजली आपूर्ति रोक दी गई, जिससे आपातकाल संबंधी समाचारों का प्रकाशन प्रभावित हुआ। युवा नेता अविराज सिंह ने कहा कि उस समय अनेक विपक्षी नेताओं को बिना मुकदमा चलाए गिरफ्तार किया गया और उनके परिवारजनों को लंबे समय तक उनके ठिकाने की जानकारी नहीं मिल पाई।

अविराज सिंह ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी सहित कई वरिष्ठ नेताओं को लंबे समय तक नजरबंद या कारावास में रखा गया। युवा नेता अविराज सिंह ने कहा कि यह समय भारतीय लोकतंत्र के लिए एक कठिन परीक्षा की घड़ी थी।

उन्होंने कहा, “25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 तक की अवधि भारतीय लोकतंत्र के लिए एक बड़ी सीख है। हमें यह समझना होगा कि लोकतंत्र की रक्षा केवल संविधान से नहीं, बल्कि जागरूक नागरिकों से होती है।”
अविराज सिंह ने कहा, “जिस व्यवस्था में लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान नहीं होता, वहां नागरिक स्वतंत्रताएँ खतरे में पड़ सकती हैं। इसलिए युवाओं को इतिहास से सीख लेकर भविष्य गढ़ना होगा। आज के युवाओं को केवल राजनीति करने के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्रनीति के निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए आगे आना चाहिए।”
अविराज सिंह ने कहा कि हमारे देश के पास विश्व की सबसे बड़ी युवा शक्ति है। यदि यह शक्ति सकारात्मक दिशा में कार्य करे तो विकसित भारत का सपना शीघ्र साकार हो सकता है। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विकसित भारत की परिकल्पना पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को शिक्षा, नवाचार, उद्यमिता, प्रौद्योगिकी, कृषि, रक्षा और सामाजिक नेतृत्व जैसे सभी क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राष्ट्र का नाम वैश्विक स्तर पर ऊंचा करना होगा।

अविराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी  द्वारा भी युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करें, संविधान का सम्मान करें और सकारात्मक सोच के साथ राष्ट्र के विकास में योगदान दें।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित युवाओं ने लोकतंत्र की मजबूती, राष्ट्रहित सर्वोपरि रखने और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने का प्रण लिया।

कार्यक्रम में डॉ. शक्ति जैन रजिस्ट्रार रानी अबंतीबाई लोधी महाविद्यालय, डॉ. आर के पाठक, डॉ. सुनील श्रीवास्तव रिट. ऐडिशनल डायरेक्टर हायर एजुकेशन म.प्र., डॉ. सर्वेश उपाध्यक्ष असिस्टेंट प्रोफेसर, सोहेल खान, निखिल सोधिया, सत्या सोनी, आशीष त्रिवेदी, रोहित यादव, वीनू राणा, रिशांक तिवारी उपस्थित रहे।

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