सागर संभाग में बिना रिन्यूअल चल रही प्रदूषणकारी इकाइयों पर गिरेगी गाज, हाई कोर्ट के आदेश के बाद हरक़त में आया प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड

सागर संभाग में बिना रिन्यूअल चल रही प्रदूषणकारी इकाइयों पर गिरेगी गाज, हाई कोर्ट के आदेश के बाद हरक़त में आया प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड

सागर। मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय सागर ने संभाग के सभी जिलों में संचालित प्रदूषणकारी उद्योगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि जिन इकाइयों ने अपनी संचालन सम्मति (कंसेंट) का नवीनीकरण नहीं कराया है, उन्हें जल्द से जल्द रिन्यूअल कराना अनिवार्य होगा, अन्यथा उनके संचालन पर रोक लगाई जा सकती है।
क्षेत्रीय कार्यालय सागर के अनुसार सागर संभाग के सागर, दमोह, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में संचालित अस्पताल, होटल, मैरिज गार्डन, स्टोन क्रेशर, खदानों सहित अन्य प्रदूषणकारी उद्योगों को पर्यावरण अधिनियमों के तहत प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से स्थापना एवं संचालन की सम्मति लेना और उसका समय-समय पर नवीनीकरण कराना आवश्यक है। बिना वैध सम्मति के किसी भी उद्योग का संचालन नहीं किया जा सकता।
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद सख्ती
बताया गया है कि हाल ही में माननीय उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ के निर्देशों के बाद बोर्ड ने यह सख्त कदम उठाया है। जांच में सामने आया है कि संभाग में कई उद्योग इकाइयां निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद भी बिना वैध सम्मति के संचालित हो रही हैं।
इन इकाइयों पर रहेगा विशेष फोकस
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जांच के दायरे में मुख्य रूप से अस्पताल, होटल, मैरिज गार्डन, स्टोन क्रेशर और खनन इकाइयां शामिल हैं, जिनकी कंसेंट वैधता समाप्त हो चुकी है।
नियमों का पालन न करने पर होगी कड़ी कार्रवाई
बोर्ड ने चेतावनी दी है कि यदि किसी इकाई द्वारा समय पर रिन्यूअल के लिए आवेदन नहीं किया गया, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसमें बिजली कनेक्शन काटना, जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम 1974 की धारा 33-क तथा वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम 1981 की धारा 31-क के तहत सीधे उद्योग बंद कराने के आदेश जारी किए जा सकते हैं। इसके अलावा संचालकों के खिलाफ न्यायालय में आपराधिक मामला भी दर्ज कराया जा सकता है।
उद्योग संचालकों से अपील
मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय सागर ने संभाग के सभी उद्योग संचालकों से अपील की है कि वे बोर्ड के ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर स्थापना एवं संचालन सम्मति का नवीनीकरण शीघ्र कराएं। इस संबंध में कई इकाइयों को नोटिस भी जारी किए जा चुके हैं।

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