
समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए नागरिक भावना की मूल अवधारणा को समझना जरूरी- कुलपति
राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा संस्थान द्वारा प्रायोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ
सागर। डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर के समाजशास्त्र एवं समाजकार्य विभाग द्वारा तीन दिवसीय “सामाजिक कार्य शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम” का उद्घाटन सत्र सम्पन्न हुआ। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम राष्ट्रीय सामाजिक रक्षा संस्थान (National Institute of Social Defence), सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम का शुभारम्भ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. वाई. एस. ठाकुर द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि सामाजिक कार्य के क्षेत्र में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।
समाजशास्त्र एवं समाजकार्य विभाग के अध्यक्ष व डीन प्रो. दिवाकर सिंह राजपूत ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य सामाजिक कार्य शिक्षकों को समकालीन सामाजिक चुनौतियों, नीतियों तथा सामाजिक रक्षा से जुड़े विषयों के प्रति संवेदनशील बनाना है। कार्यक्रम का मंच संचालन प्रो. कालीनाथ झा द्वारा किया गया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों, शिक्षकों और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि श्री सत्यजीत सिंह, सचिव, समन्वय मंडपम एवं विशिष्ट अतिथि श्री के. के. मिश्रा, जिला समन्यवक, मध्य प्रदेश जन अभियान सागर ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए उपस्थित सभी प्रतिभागियों को अपने अनुभवों और शब्दों के माध्यम से मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यक्रम के अंत में सहायक प्राध्यापक डॉ. शिवशंकर जेना ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया और प्रशिक्षण कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी को धन्यवाद दिया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न शिक्षण संस्थानों के सामाजिक कार्य के शोधार्थी, गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) के प्रतिनिधि, मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद, समन्वय मण्डपम् तथा नवांकुर के प्रतिभागी भी सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं।











