
सागर में डॉक्टर बना हैवान,पत्नी का गला घोंटकर कार में जिंदा जलाया..
डॉक्टर का युवती से प्रेम-प्रसंग बना हत्या की वजह,पुलिस ने डॉक्टर सहित 3 को किया गिरफ्तार..
एंकर:सागर जिले के चनाटोरिया इलाके में चार दिन पहले सागर-गढ़ाकोटा रोड पर चलती कार में आग लगने से हुई 38 वर्षीय सीमा पटेल की संदिग्ध मौत का मामला अब पूरी तरह से हत्या में बदल गया है। पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि यह कोई हादसा नहीं,बल्कि पति द्वारा रची गई सोची समझी साजिश थी। आरोपी पति डॉ.नीलेश पटेल ने कड़ी पूछताछ और वैज्ञानिक साक्ष्यों के दबाव में अपना गुनाह कबूल कर लिया है।
वीओ:दरअसल,पुलिस जांच के अनुसार,घटना से एक दिन पहले डॉ.नीलेश और उनकी पत्नी सीमा पटेल के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। विवाद इतना बढ़ा कि गुस्से में आकर नीलेश ने सीमा का गला घोंट दिया,जिससे वह बेहोश हो गई। इसके बाद आरोपी ने अचेत अवस्था में पड़ी पत्नी की बॉडी को ठिकाने लगाने के लिए उसने अपने क्लीनिक के दो कर्मचारी रामकृष्ण और शुभम को भी साजिश में शामिल किया।
पुलिस के मुताबिक,सीमा को बेहोशी की हालत में घर से बाहर ले जाया गया था। आरोपी ने साथियों की मदद से महिला को कार में रखा और सानोधा थाना क्षेत्र के गढ़ाकोटा रोड पर ले जाकर कार में आग लगा दी,ताकि घटना को सड़क हादसा दिखाया जा सके। लेकिन पुलिस और परिजनों पर तब शक हुआ कि कार में सवार सिर्फ महिला की आग की चपेट में आई लेकिन कार सवार पति और उसके दो साथियों को कुछ भी नही हुआ न ही इन्होंने पत्नी को बचाने की कोशिश की।
शुरुआत में आरोपी डॉक्टर नीलेश पुलिस और परिजनों को गुमराह करता रहा। उसने पहले पत्नी को हार्ट अटैक आने के बाद उसे अस्पताल ले जाने फिर एक्सीडेंट और अंत में कार में अचानक आग लगने की अलग-अलग कहानियां बताईं, जिससे पुलिस का शक और गहरा हो गया। जांच के दौरान पुलिस को डॉक्टर के मोबाइल से कुछ आपत्तिजनक फोटो और जानकारी भी मिली है,जो हत्या की वजह की ओर इशारा करती हैं।
मामले को लेकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लोकेश कुमार सिन्हा ने बताया कि मृतका के भाई ने पहले ही आरोप लगाया था कि डॉ.नीलेश का एक युवती से प्रेम संबंध था,जिसको लेकर पति-पत्नी के बीच लगातार विवाद होता था। आखिरी बार भी इसी बात पर झगड़ा हुआ,जिसके बाद आरोपी ने वारदात को अंजाम दिया।
बताया जा रहा है कि गढ़ाकोटा के पास ग्राम चरखारी की रहने वाली 25 वर्षीय युवती से डॉक्टर के प्रेम-संबंध थे,जिसके चलते पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता था। जिसको लेकर आरोपी डॉक्टर के मन में यह बात पहले से चल रही थी कि पत्नी को रास्ते से हटाना है,इसके लिए उसने एक माह पहले ही सीएनजी से चलने वाली टाटा पंच कार खरीदी थी ताकि आग लगने का कारण सीएनजी सिलेंडर फटना बता सके,लेकिन इस आगजनी में सीएनजी सिलेंडर फटा ही नही।
फॉरेंसिक जांच में घटनास्थल से ज्वलनशील (पेट्रोल) पदार्थ की पुष्टि हुई है। हालांकि मौत के सटीक कारणों की पुष्टि के लिए बिसरा और लिवर टिश्यू सुरक्षित रखे गए हैं।
फिलहाल पुलिस ने मामले में आरोपी डॉक्टर एवं उसके दो अन्य साथियों पर मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
Byte:लोकेश कुमार सिन्हा(ASP)











