
निर्वाचन आयोग के निर्देश पर नरयावली विस.की मतदाता सूची में व्याप्त अनियमित्ताओं की चल रही जांच।
पूर्व कलेक्टर दीपक आर्य का नाम वर्तमान मतदाता सूची में शामिल होने पर पूर्व मंत्री चौधरी ने जताई सख्त आपत्ति।
निर्वाचन आयोग के निर्देशों के विपरीत मतदाता सूची जारी करने व पक्षपात पूर्ण जांच पर भी उठाए सवाल।
नियम विरुद्ध पुनरीक्षण कार्य करने वालों पर दर्ज हो प्रकरण…….. सुरेन्द्र चौधरी
सागर ज़िले की नरयावली विधानसभा क्षेत्र में भारत निर्वाचन आयोग के नियम व निर्देशों की विपरीत मतदाता सूची का पुनरीक्षण कार्य कर जारी की गई मतदाता सूची और पूर्व कलेक्टर दीपक आर्य का नाम मतदाता सूची में शामिल होने तथा बनाए गए नवीन मतदान केंद्रों पर कांग्रेस पार्टी द्वारा दी गई आपत्ति को दरकिनार पक्षपातपूर्ण जांचकर दोषियों को बचानें के मामले में मध्य प्रदेश शासन के पूर्व मंत्री एवं नरयावली विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी रहे सुरेंद्र चौधरी ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह के माध्यम से भारत निर्वाचन आयोग से शिकायत कर समूचे प्रकार की निष्पक्ष एजेंसी से जांच कराकर दोषियों पर प्रकरण दर्ज करने की मांग की गई।पूर्व मुख्यमंत्री श्री सिंह एवं पूर्व मंत्री चौधरी द्वारा प्रेषित शिकायतों की जांच हेतु भारत निर्वाचन आयोग के द्वारा जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर सागर को समूचे प्रकरण की जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने निर्देश जारी किये गये हैं।पूर्व मंत्री चौधरी द्वारा भारत निर्वाचन आयोग से की गई शिकायत की चल रही हैं जांच के संदर्भ में पूर्व मंत्री सुरेंद्र चौधरी ने कांग्रेसजनों के साथ नरयावली विधानसभा क्षेत्र के रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को अपना पक्ष व लिखित प्रमाण सौंपे हैं।पूर्व मंत्री श्री चौधरी ने निर्वाचन कार्य में लगें अमले की कार्य प्रणाली पर सबालिया निशान लगाते हुए कहा हैं कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार नियुक्ति बी.एल.ओ.और पर्यवेक्षक अनेक वर्षों से एक ही मतदान केंद्र पर पदस्थ रहते हुए प्रतिवर्ष मतदाता सूची का कार्य करते आ रहे हैं। 22 वर्ष बाद हुये मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण कार्य दिनांक 27 अक्टूबर 2025 से प्रारंभ हुआ जिसमें उन्हें 27 अक्टूबर से 03 नवम्बर 2025 तक प्रशिक्षण दिया गया था और 04 नवम्बर से 12 दिसम्बर तक बी.एल.ओ को घर-घर जाकर मतदाता पंजीकरन फॉर्म भरवाकर मतदाताओं को पावती देना थी। सुनवाई न होने पर मतदाताओं के बतलाने पर मेरे द्वारा पत्र क्र. 619/25 दिनांक 14/11/2025 एवं 29/11/2025 के माध्यम से जिला निर्वाचन अधिकारी सागर को शिकायती पत्र भेजा गया है उस पर कार्यवाही न होने के कारण मुख्य चुनाव पदाधिकारी निर्वाचन आयोग म.प्र.की ओर प्रेषित पत्रों पर से कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सागर के पत्र क्र. 135 / निर्वा. /ग.पु. / शिका / वि.परि. / 2026 सागर दिनांक 10 फरवरी 2026 के माध्यम से अवगत कराया गया और शिकायतों का जांच प्रतिवेदन अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी विधानसभा क्षेत्र क्र. 40 नरयावली द्वारा दिनांक 10/2/2026 को प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने कहा कि प्राप्त प्रतिलिपि को देखने से ज्ञात हुआ है कि शिकायत के बिंदु क्र.1 में उल्लेखित शिकायतों में संबंधित बी.एल.ओ. के मोबाइल से संपर्क होने की जानकारी असत्य है उनके मोबाइल की कॉल डिटेल की जाँच कराई जाये क्योंकि जिला निर्वाचन अधिकारी कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक सागर के बगले की दोहरी प्रविष्टि आज भी है जबकि वह वहां नहीं रहते हैं। इससे बी.एल.ओ. की कार्यप्रणाली दूषित है इन्हें पृथक कर जाँच कराई जाये साथ ही बिंदु क्र. 2 की बी.एल.ओ.उसी ग्राम की निवासी तथा लम्बे समय से बी.एल.ओ का कार्य करते आ रहे है तथा इसी मतदान केंद्र पर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सागर पहुंचे थे जिनके समक्ष इन्होंने असत्य जानकारी देकर मतदाता केंद्र को 100 प्रतिशत मैपिंग होना बतलाया जो विभिन्न माध्यमों से प्रकाशित हुआ है ऐसे गंभीर लापरवाही पर मात्र नोटिस देना पर्याप्त नहीं है। श्री चौधरी ने कहा कि शिकायत के बिंदु क्रमांक 3 में एस आई आर के बाद प्रकाशित मतदाता ड्राफ्ट सूची में एक मतदाता के दो विधानसभा क्षेत्र में नाम होने पर मतदाता सूची संलग्न की गई किंतु अंतिम सूची में आज भी नाम दर्ज हैं। गंभीर अनियमितता के साथ अपराधिक कृत्य है और बिंदु क्रमांक 4 में कांग्रेस पार्टी के बीएलए की आपत्ति पर बीएलओ ने कार्रवाई नहीं की है।बिंदु क्रमांक 5 में बीएलओ अनेक वर्षों से मतदान केंद्रों में पदस्थ हैं जिन्हें निर्वाचन आयोग के निर्देशों की जानकारी होने के बावजूद दोहरी प्रविष्टि नहीं सुधरी है तथा अनेक वर्षों से शादी होकर गई महिलाओं के नाम सत्ताधारी दल के कहने 2026 की सूची में नाम जोड़े हैं। बिन्दु क्र- 6 7 के मतदान केन्द्र बनाने में हमारे बीएलए को विश्वास में नहीं लिया गया तथा उसकी लिखित आप्ति को भी दरकिनार किया हैं वहीं दूसरी ओर विधानसभा क्षेत्र के बरखेरी गंगाराम मतदान केन्द्र के ग्राम खिरिया ताजपुर ग्राम लगभग 3 किमी दूर है उक्त ग्राम को नजदीक के मतदान केंद्र में शामिल नहीं हुआ है जिससे यह प्रक्रिया विसंगति पूर्ण है।बिंदु क्र. 8 बी.एल.ओ. और अनेक वर्षों से पदस्थ हैं और प्रतिवर्ष मतदाता सूची का कार्य करते आ रहे हैं। बाबजूद इसके मतदाता सूची में दो विधान सभा क्षेत्रों की मतदाता का नाम आना बी.एल.ओ. एवं अन्य की दोषित कार्यप्रणाली को इंगित करता है। इसी प्रकार बिंदु क्र. 9, 10 पर भी गोलमोल कार्यवाही की गई है। पूर्व मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि उक्त शिकायत के संबंध में सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा प्रथम दृष्टया जाँच में मतदान केंद्रों के बी.एल.ओ. के द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण के अनुसार शिकायत के बिन्दु सही पाए जाने के बाद भी आरोपियों पर ठोस कार्यवाही करने की सिफारिश नहीं की गई है जिसमें निर्वाचन आयोग के निर्देशों तथा श्री लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 (U/S-31, 1950) की धारा 31 का भी उल्लंघन हुआ है। कांग्रेस ने मांग की हैं कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के विपरीत मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य करने तथा मतदाता सूची में व्याप्त विसंगतियों को बिना दूर किया मतदाता सूची का प्रकाशन करने की निष्पक्ष जांच व दोषियों पर प्रकरण दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जावे।इस दौरान श्री चौधरी के साथ ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह ठाकुर,शिवपाल यादव,रवि उमाहिया,देवेंद्र कुर्मी, पूर्व ब्लाक अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह,पूर्व सरपंच अवधेश सिंह,युवा कांग्रेस अध्यक्ष रोहित वर्मा,एडवोकेट सुनील भदोरिया,अबरार सौदागर आदि मौजूद थे।









