
शिक्षक पात्रता परीक्षा अनिवार्यता पर पुनर्विचार की मांग, शिक्षक संघ ने विधायक शैलेंद्र कुमार जैन को सौंपा ज्ञापन
सागर। मध्य प्रदेश शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने रविवार को विधायक शैलेंद्र कुमार जैन के निवास पहुंचकर राज्य सरकार द्वारा शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) कराए जाने के निर्णय पर पुनर्विचार की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि मध्यप्रदेश में शिक्षकों की नियुक्तियां राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर निर्धारित नियमों एवं विधिक प्रावधानों के तहत विधिवत की गई हैं। इन शिक्षकों ने पिछले 25-30 वर्षों से निष्ठा, समर्पण और कर्तव्यपरायणता के साथ अपनी सेवाएं देते हुए प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके अनुभव और शिक्षण कौशल से विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि लंबे समय से सेवा दे रहे अनुभवी शिक्षकों पर शिक्षक पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता लागू करना उनके मनोबल को आहत करने वाला कदम है। इससे शिक्षकों में असंतोष और असुरक्षा की भावना उत्पन्न हो रही है, जिसका प्रभाव शिक्षा व्यवस्था की स्थिरता और गुणवत्ता पर भी पड़ सकता है।
ज्ञापन में यह भी बताया गया कि इस विषय की गंभीरता को देखते हुए देश के विभिन्न राज्यों द्वारा माननीय सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिकाएं दायर की जा चुकी हैं। ऐसे में मध्यप्रदेश शासन से अपेक्षा की गई है कि वह भी संवेदनशीलता के साथ इस मुद्दे पर आवश्यक विधिक पहल करे।
संघ ने मांग की कि प्रदेश के हजारों अनुभवी शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर करने हेतु शीघ्र कदम उठाए जाएं, ताकि उनके अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित हो सके और शिक्षा व्यवस्था में स्थायित्व बना रहे।
इस अवसर पर विधायक शैलेंद्र कुमार जैन ने शिक्षकों को आश्वस्त किया कि इस विषय पर माननीय मुख्यमंत्री से चर्चा की जाएगी तथा आगामी विधानसभा सत्र में इसे प्राथमिकता के साथ उठाया जाएगा।











