डॉ.आंबेडकर चेयर में बाबू जगजीवन राम जयंती पर परिचर्चा कार्यक्रम संपन्न

डॉ.आंबेडकर चेयर में बाबू जगजीवन राम जयंती पर परिचर्चा कार्यक्रम संपन्न सागर। बाबू जगजीवन राम एक राजनीतिक तो थे ही परंतु उससे भी बड़ा उनका कार्य समाज सुधारक के रूप में था उक्त विचार डॉ.आंबेडकर चेयर डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय सागर के द्वारा आयोजित बाबू जगजीवन राम की जयंती के अवसर पर परिचर्चा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग सेंटर के डायरेक्टर डॉ. आर. टी बेंद्रे ने संबोधित करते हुए कहा कि डॉ. बी.आर. आंबेडकर एवं बाबू जगजीवन राम के जीवन में अनेक कार्य सामान्य थे। बाबू जगजीवन राम उसे समय के सबसे युवा मंत्री थे उन्होंने सामाज सुधार के लिए तो कार्य किया ही परंतु कृषि और डिफेंस जैसे मिनिस्ट्री में भी उनकी अनेक उपलब्धियां रही हैं। उक्त अवसर पर डॉ.आंबेडकर चेयर के सहायक प्राध्यापक डॉ. देवेंद्र कुमार ने कहा कि बाबू जगजीवन राम ने अपने जीवन काल में अनेक संघर्ष और आंदोलन किया। उन्होंने अपने आप को मजबूत किया, शिक्षा का प्रचार प्रसार किया और सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष किया। इस अवसर पर सहायक प्राध्यापक डॉ. रमाकांत ने कहा कि जगजीवन राम मानते थे कि पॉलिटिकल जस्टिस से ज्यादा इंपॉर्टेंट सोशल जस्टिस है इसलिए वह सोशल जस्टिस पर अधिक जोर देते थे। डॉ. शिव शंकर यादव ने कहा कि राजनीति के माध्यम से जगजीवन राम सामाजिक सुधारो को अधिक महत्व देते थे । डॉ. अवधेश कुमार ने कहा कि वह सामज में जाति प्रथा को दूर कर समानता की भावना को विकसित करना चाहते थे। हिमांशु गुप्ता, हिमांशु गोयल , कृष्णा नगार, डॉ. अभय कुमार ,अंशु झरिया, राजा साहू आदि ने भी अपने विचार रखे ,कार्यक्रम का संचालन हिमांशु लारिया ने किया।

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