पराली जलाने की घटनाओं पर लगेगी रोक, किसानों को जागरूक करेंगे कृषि विभाग के अधिकारी

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मुख्य सचिव की समीक्षा बैठक के बाद कलेक्टर प्रतिभा पाल ने दिए सख्त निर्देश, नरवाई प्रबंधन के लिए आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग पर जोर

सागर, 14 अक्टूबर 2026। प्रदेश में पराली प्रबंधन और नरवाई जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के उद्देश्य से मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल की अध्यक्षता में प्रदेश के सभी संभागायुक्तों एवं कलेक्टरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक के बाद सागर कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट प्रतिभा पाल ने जिले में पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने, किसानों को फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन के प्रति जागरूक करने और पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

गांव-गांव पहुंचकर किसानों को जागरूक करेंगे अधिकारी

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने निर्देश दिए कि खरीफ फसलों, विशेषकर मक्का और सोयाबीन की कटाई के बाद खेतों में नरवाई जलाने की घटनाओं पर प्रभावी रूप से रोक लगाई जाए। इसके लिए कृषि विभाग के मैदानी अमले, विशेषकर ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों (RAEO) एवं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों (SADO) को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

अधिकारी गांव-गांव जाकर किसानों से सीधे संपर्क करेंगे और उन्हें नरवाई नहीं जलाने के लिए प्रेरित करेंगे। साथ ही किसानों से नरवाई नहीं जलाने की सहमति संबंधी लिखित शपथ पत्र पर हस्ताक्षर भी कराए जाएंगे, ताकि फसल अवशेषों के सुरक्षित एवं उचित प्रबंधन को बढ़ावा मिल सके।

संवेदनशील गांवों पर रहेगा विशेष ध्यान

कलेक्टर ने कृषि विभाग के अधिकारियों को उन गांवों और क्षेत्रों का विशेष रूप से सघन भ्रमण करने के निर्देश दिए हैं, जहां पिछले वर्ष खरीफ सीजन के दौरान नरवाई जलाने की सर्वाधिक घटनाएं सामने आई थीं। इन क्षेत्रों में किसानों को जागरूक करने के साथ नरवाई प्रबंधन के वैकल्पिक उपायों की जानकारी भी दी जाएगी।

आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग पर जोर

किसानों को फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन के लिए आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग के प्रति जागरूक किया जाएगा। इसके तहत रीपर बाइंडर, भूसा मशीन, हैप्पी सीडर और सुपर सीडर जैसे कृषि यंत्रों की उपयोगिता बताई जाएगी। इनकी मदद से फसल अवशेषों का बेहतर उपयोग करने और उन्हें खेतों में मिट्टी के साथ मिलाने के विकल्पों की जानकारी दी जाएगी।

इसके अलावा वीडियो एवं अन्य सूचना, शिक्षा और संचार सामग्री (IEC) के माध्यम से किसानों को नरवाई जलाने से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान तथा भूमि की नमी और उर्वरता बनाए रखने के महत्व के बारे में बताया जाएगा।

प्रशासन का उद्देश्य किसानों को जागरूक कर नरवाई जलाने की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण करना, फसल अवशेषों का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करना और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है।

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