
कला, साहित्य और संस्कृति के माध्यम से युवा वर्ग समाज में सकारात्मक परिवर्तन करने में सक्षम- विधायक शैलेंद्र जैन
शासकीय कला एवं वाणिज्य (अग्रणी) महाविद्यालय, सागर में जिला स्तरीय युवा उत्सव का हुआ भव्य आयोजन: विद्यार्थियों ने मंचीय कलाओं से बांधा समां
सागर, 29 अक्टूबर।
शासकीय कला एवं वाणिज्य (अग्रणी) महाविद्यालय, सागर में बुधवार को जिला स्तरीय युवा उत्सव प्रतियोगिताओं का भव्य आयोजन किया गया। जिसमें जिले के विभिन्न महाविद्यालय की 17 टीमों ने भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक श्री शैलेंद्र जैन, विशिष्ट अतिथि जनभागीदारी समिति अध्यक्ष नितिन शर्मा ‘बंटी’, प्रसिद्ध समाजसेवी डॉ. मीना पिंपलापुरे, डॉ. नीता खन्ना, तथा प्रख्यात रंगकर्मी रविन्द्र दुबे ‘कक्का’ रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता ने की।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन से हुआ। कार्यक्रम के प्रारंभ में युवा उत्सव कार्यक्रम संयोजक डॉ. संगीता मुखर्जी ने स्वागत उद्बोधन देते हुए विभिन्न प्रतिस्पर्धाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. अमर कुमार जैन ने तथा आभार प्रदर्शन डॉ. राणा कुंजर सिंह ने किया।
जिला स्तरीय युवा उत्सव कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि विधायक शैलेंद्र जैन ने कहा कि युवा राष्ट्र की सच्ची शक्ति हैं। जब वे कला, साहित्य और संस्कृति के माध्यम से अपनी बात रखते हैं, तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन का संचार होता है। महाविद्यालय का यह आयोजन न केवल विद्यार्थियों की प्रतिभा का परिचायक है, बल्कि सागर की सांस्कृतिक समृद्धि का भी प्रतीक है।
विशिष्ट अतिथि जनभागीदारी समिति अध्यक्ष नितिन शर्मा ‘बंटी’ ने कहा कि युवा उत्सव जैसी प्रतियोगिताएँ विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व और रचनात्मकता को प्रोत्साहित करती हैं। हमें गर्व है कि हमारे जिले के विद्यार्थी हर क्षेत्र में अपनी छाप छोड़ रहे हैं। महाविद्यालय प्रशासन और शिक्षकों का यह प्रयास सराहनीय है।
प्रसिद्ध समाजसेवी डॉ. मीना पिंपलापुरे ने कहा कि युवा उत्सव केवल प्रतियोगिता नहीं, यह आत्मअभिव्यक्ति और संवेदनशीलता का मंच है। इस तरह के आयोजन समाज में सकारात्मकता और सृजनशीलता के बीज बोते हैं।
रंगकर्मी रविन्द्र दुबे ‘कक्का’ ने कहा कि मंच पर खड़ा हर कलाकार कल को आकार देने का काम करता है वह समाज की आत्मा को अभिव्यक्त करता है। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों में जो सादगी और सत्यता दिखी, वह भविष्य के बेहतर समाज की झलक है।
विशिष्ट अतिथि डॉ. नीता खन्ना ने कहा कि ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में अनुशासन, समन्वय और सामूहिकता की भावना मजबूत होती है। कला जीवन का अभिन्न अंग है, और यह युवाओं में मानवीय संवेदना को जीवित रखती है।
अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता ने कहा कि महाविद्यालय सदैव विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रयत्नशील है। युवा उत्सव न केवल प्रतिभा प्रदर्शन का माध्यम है, बल्कि यह विद्यार्थियों में सांस्कृतिक चेतना और नैतिक मूल्यों को भी सुदृढ़ करता है।
इस अवसर पर मंचीय प्रतियोगिताओं के निर्णायक मंडल में शामिल डॉ राकेश सोनी, डॉ पंकज तिवारी, रविन्द्र दुबे कक्का की उपस्थिति में प्रतिभागी छात्र-छात्राओ ने मूक अभिनय, एकांकी, स्किट एवं मिमिक्री जैसी विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। जिले के विभिन्न महाविद्यालयों की 17 टीमों ने सामाजिक, सांस्कृतिक और समसामयिक विषयों पर प्रभावशाली प्रस्तुतियाँ दीं।अंत में सभी विजेता प्रतिभागियों को आगामी संभाग स्तरीय युवा उत्सव हेतु शुभकामनाएँ दी गईं। कार्यक्रम में वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. गोपा जैन, प्रशासनिक अधिकारी डॉ. इमराना सिद्दीकी, डॉ. डॉ. प्रतिभा जैन, डॉ. अभिलाषा जैन, डॉ. संगीता कुंभारे, डॉ राणा कुंजर सिंह, अवधेश प्रताप सिंह, डॉ. अनुरोध चढ़ार, डॉ. प्रकाश कुशवाहा, सुरेंद्र यादव, डॉ. संदीप सबलोक, अनुष्का राजे, लेफ्टिनेंट डॉ. जय नारायण यादव, डॉ अंकुर गौतम, डॉ संदीप तिवारी, डॉ. वरुण राज यादव, जयपाल सिंह लोधी, डॉ. कनिष्क तिवारी, डॉ. अखिलेश तिवारी, सुनील प्रजापति, डॉ संजय राय, डॉ सी पी सिंह, प्रमोद सेन, डीके नामदेव, शैलेंद्र सिंह राजपूत, रविन्द्र सिंह, छतर सिंह लोधी, डॉ शालिनी परिहार, रश्मि दुबे, राखी गौर, प्रतीक्षा जैन, भानुप्रिया पटेल, गुलअफशा कसाब, सहित समस्त शिक्षकीय एवं प्रशासनिक स्टाफ तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की उपस्थिति रही।











