300 मीटर सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल, रेत की जगह डस्ट इस्तेमाल करने और मानकों की अनदेखी का आरोप
देवरी कला। सागर जिले की देवरी जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत तीतरपानी में करीब 20 लाख रुपये की लागत से निर्मित 300 मीटर लंबी सीसी सड़क की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। निर्माण के महज तीन से चार महीने के भीतर ही सड़क पर जगह-जगह दरारें दिखाई देने लगी हैं। सड़क की स्थिति को लेकर निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं और सरकारी राशि के उपयोग पर सवाल उठ रहे हैं।
रेत की जगह डस्ट इस्तेमाल करने का आरोप
ग्रामीणों की ओर से लगाए जा रहे आरोपों के अनुसार, सीसी सड़क के निर्माण में रेत की जगह धूलयुक्त डस्ट का उपयोग किया गया। सड़क की मोटाई भी महज 4 से 5 इंच होने का दावा किया जा रहा है। इसके अलावा निर्माण के दौरान पॉलिथीन का उपयोग नहीं किए जाने और कंक्रीट को सही तरीके से जमाने के लिए वाइब्रेटर का इस्तेमाल नहीं करने के आरोप भी लगाए गए।
तीन-चार महीने में ही सड़क पर दरारें
सड़क की सतह पर जगह जगह में दरारें दिखाई दे रही हैं। इतनी कम अवधि में सड़क पर दरारें आने से निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। ग्रामीणों का कहना है कि लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद यदि सड़क समय से पहले क्षतिग्रस्त होने लगे, तो इसकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
सरपंच-सचिव की भूमिका पर उठे सवाल
इस मामले में सरपंच और सचिव की मिलीभगत से अनियमितता किए जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। ग्रामीणों की मांग है कि संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच करें। निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री, सड़क की मोटाई, स्वीकृत प्राक्कलन, गुणवत्ता परीक्षण और भुगतान संबंधी दस्तावेजों की जांच की जाए।
तकनीकी जांच से सामने आएगी सच्चाई
ग्रामीणों ने मांग की है कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता की जांच कराई जाए और यदि निर्धारित मानकों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही सड़क की मरम्मत कराकर उसे गुणवत्तापूर्ण बनाया जाए, ताकि सरकारी धन का सदुपयोग हो और ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना न करना पड़े।
अब सवाल यह है कि लाखों रुपये की लागत से बनी इस सड़क की गुणवत्ता की जांच कब होगी और जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा मामले में क्या कदम उठाए जाएंगे? क्या इसी तरह घटिया निर्माण कार्य करके शासन की राशि का दुरूपयोग आपस में बंदरबाँट करते रहेंगे।
इनका कहना
आपके द्वारा जानकारी में आया है ग्राम पंचायत तीतरपानी में सीसी सड़क 3 से 4 महीने में ही क्षतिग्रस्त होने लगी और जगह जगह दरारें आने लगी है जांच कर कार्यवाई की जायेगी।
बी डी गौंड़
जनपद पंचायत एस डी ओ
मेरा जो काम था मैंने कर दिया अखबार में प्रकाशित करने के लिए में कोई स्टेटमेंट नहीं दे सकती ,आप सीईओ मनिषा चतुर्वेदी से बात करलो।
आष्था राजपूत
ग्राम तीतरपानी सचिव
उपयंत्री कमलेश डेहरिया के लिए कॉल किया तो कॉल नहीं लगा ।
जब इस पूरे मामले में देवरी जनपद पंचायत की सीईओ मनीषा चतुर्वेदी को फोन पर संपर्क किया तो उनके द्वारा कॉल रिसीव नहीं किया गया ऐसे कई मामलों में भी जब कार्रवाई की बात आती है या अधिकारी के वर्जन की बात आती है तो सीईओ मैडम द्वारा कॉल रिसीव नहीं किया जाता इससे यह साबित होता है कि सभी की मिली भगत से निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार होता नजर आ रहा







