शाहगढ़ में खाद की कालाबाजारी: पत्रकार को धमकी, किसानों की आवाज दबाने की कोशिश

“खबर शाहगढ़ क्षेत्र से”

जहां खाद की कालेबाजारी की खबरें और किसानों द्वारा अधिकारियों को ज्ञापन
व चक्का जाम की खबरें आपने कई मर्तबा सुनी और देखी हैं ।

कुछ समय पहले कई किसानों ने गोदाम प्रभारी पर आरोप लगाया था कि गोदम प्रभारी DAP की काला बाजारी कर रहे हैं और छोटे किसान लाइन में लगाने पर भी खाली हाथ रह जाते हैं

उस समय हजारों की तादाद में शाहगढ़ क्षेत्र के किसान सड़कों पर उतर आए और सभी अधिकारियों को कालाबाजारी बताई उस समय

शाहगढ़ थाना पुलिस के साथ तहसीलदार और SDM साहब को भी जाम खुलवाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी ।

फिर बंडा एसडीओपी प्रदीप बाल्मिकी जी द्वारा समझाइश पर किसानों ने खोला था जाम

उस समय किसानों ने शासन की बात सुनी और क्षेत्र के कई किसानों ने DAP की जगह 4 काउंटर खुले 20:20 खाद ली ।

परंतु अब किसानों को यूरिया की जरूरत के चलते दिन में लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है जबकि एक किसान को 4 बोरी यूरिया दी जा रही है।

परंतु दिन में लाइन में लगे पर्ची ले चुके किसानों को यूरिया देने के बाद काला बाजारी का खेल शुरू हो जाता है उसके बाद 10 बोरी 15 बोरी बिना पर्ची के ही दे दी जाती है ।

जब शाहगढ़ के एक पत्रकार ने इस काला बाजारी का वीडियो बनाया तो खाद वितरण कार्य में लगे लोगों द्वारा गाली देकर कहा गया कि तुम दबाव बना रहे हो इसकी शिकायत शाहगढ़ थाने में की जाएगी गवाही के तौर पर खाद वितरण के तौर हमवाली कर रहे पल्लेदारों और कुछ अपने जिन्हें बोरियां बेची जा रहीं थी उनको गवाह बना दिया गया बोला गया आज नहीं तो कल तुम्हारी वीडियो और पत्रकारिता जेल में मिलेगी ।

अब यदि सच को सच बोलना या शाहगढ़ क्षेत्र के किसानों की आवाज उठाना दबाव बनाना है तो आप ये झूठे आरोप लगा सकते हैं और झूठी FIR भी करा सकते हैं ।

अब देखना ये है कि कालाबाजारी के साक्ष्य देने के बाद क्या सागर जिले के बड़े अधिकारी ऐसे लोगों पर कारवाही करते हैं या उल्टा पत्रकारों पर ही झूठा केस लाद कर सच की आवाज दवा देते हैं ।

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