
धर्म और सेवा की भावना ही व्यक्ति को महान बनाती है- अविराज सिंह
खुरई। संगीतमय श्रीमदभगवत कथा और श्रीराम कथा के तीन धार्मिक आयोजन में संबोधित करते हुए युवा नेता अविराज सिंह ने कहा कि धर्म और सेवा की भावना ही व्यक्ति को महान बनाती है। ईश्वर को प्राप्त करने का सबसे श्रेष्ठ माध्यम भजन है। जितना अधिक मनुष्य भजन करता है, उतना ही उसका जीवन सुख, शांति और आनंद से भर जाता है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का संपूर्ण जीवन हमें हर परिस्थिति में मुस्कुराकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
अविराज सिंह कथावाचक पंडित लक्ष्मी नारायण पांड़े जी महाराज के द्वारा मां हरसिद्धि मैरिज हॉल, सुमरेरी तिगड्डा में संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा, यादव मंदिर किले के सामने खुरई में महिला मंडल खुरई द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा और श्री शिव बालाजी मंदिर, मंडी रोड, मखर्जी वार्ड, खुरई में विश्व कल्याण एवं शांति हेतु संगीतमय श्रीराम कथा एवं रामचरितमानस प्रवचन ज्ञान यज्ञ में शामिल हुए। तथा अंत में कथावाचक पंडित देव कुमार मिश्रा जी द्वारा श्री शिव बालाजी मंदिर, मंडी रोड, मखर्जी वार्ड, खुरई में विश्व कल्याण एवं शांति हेतु संगीतमय श्रीराम कथा एवं रामचरितमानस प्रवचन ज्ञान यज्ञ में शामिल हुए जहो उन्होंने उद्बोधन दिये।
अविराज सिंह ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म कारागृह में हुआ, बाल्यावस्था में कालिया नाग जैसे दुष्ट से युद्ध किया और जीवन भर संघर्षों का सामना किया, लेकिन उनके मुख से कभी मुस्कान नहीं गई। उन्होंने धैर्यपूर्वक हर संकट को स्वीकार किया और निरंतर आगे बढ़ते रहे। यही प्रेरणा हमें भी अपने जीवन में अपनानी चाहिए कि कैसी भी परिस्थिति हो, संकट कितना भी बड़ा हो, मुस्कुराकर उसका सामना करें।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने यह भी सिखाया कि कोई भी कार्य छोटा या बड़ा नहीं होता। स्वयं अर्जुन के सारथी बनकर उन्होंने यह सिद्ध किया कि सेवा का भाव ही व्यक्ति को पूजनीय बनाता है। एक सारथी के रूप में उन्होंने पांडवों के घोड़ों और हाथियों की सेवा की, उन्हें भोजन कराया और प्रत्येक दायित्व को पूर्ण निष्ठा से निभाया। कृष्ण भगवान ने समाज और राजनेताओं को यह संदेश दिया कि व्यक्ति पद, कद या वैभव से नहीं, बल्कि सेवा और समर्पण की भावना से महान बनता है।
अविराज सिंह ने कहा कि युद्ध केवल रणभूमि में नहीं, बल्कि मन की भूमि में भी लड़ा जाता है, इसलिए किसी भी कार्य से पहले सोच-समझकर निर्णय लेना आवश्यक है। उन्होंने मित्रता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सच्ची मित्रता में स्वार्थ का कोई स्थान नहीं होता। मित्र अमीर हो या गरीब, उसे सदैव सही मार्ग दिखाना ही सच्ची मित्रता है। हमारे धर्म ने हमें यह शिक्षा दी है कि सभी की बात सुननी चाहिए, जो उपयोगी हो उसे ग्रहण करना चाहिए और जो अनुपयोगी हो उसे त्याग देना चाहिए।
उन्होंने बताया कि इसी धार्मिक और आध्यात्मिक चेतना को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से उन्होंने खुरई क्षेत्र में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया है। इस दौरान उन्होंने श्रीराम कथा एवं भगवान श्री हनुमान जी की प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम के आमंत्रण पत्र वितरित किए।
आगामी 10 जनवरी को प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के खुरई आगमन को लेकर किये जा रहे प्रचार रथ को युवा भाजपा नेता अविराज सिंह ने झंडा चौक पर हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही क्षेत्र में नागरिकों को आमंत्रण पत्र भेंट कर मुख्यमंत्री जी के कार्यक्रम में पधारने का अनुरोध किया।
अविराज सिंह ने जानकारी दी कि रुद्राक्ष धाम, सागर में आगामी 31 जनवरी से 6 फरवरी 2026 तक सात दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा का आयोजन प्रस्तावित है, जबकि 1 फरवरी 2026 को नवनिर्मित श्री दक्षिणमुखी हनुमान जी मंदिर में भव्य प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम संपन्न होगा।
इस जनसंपर्क अभियान की शुरुआत मां हरसिद्धि मैरिज हॉल, सुमरेरी तिगड्डा में आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा से की गई। इसके पश्चात यादव मंदिर, किले के सामने खुरई में महिला मंडल द्वारा आयोजित कथा में सहभागिता की गई तथा श्रद्धालुओं को आमंत्रण पत्र भेंट किए गए। कार्यक्रम के अंत में श्री शिव बालाजी मंदिर, मंडी रोड, मखर्जी वार्ड, खुरई में आयोजित संगीतमय श्रीराम कथा एवं रामचरितमानस प्रवचन ज्ञान यज्ञ में सहभागिता कर विश्व कल्याण एवं शांति की कामना की गई।
उन्होंने बताया कि श्रीराम कथा का रसपान प्रयागराज से पधारे सुप्रसिद्ध कथावाचक पं. श्री प्रेमभूषण जी महाराज के श्रीमुख से प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक कराया जाएगा।
कार्यक्रम में मुख्य यजमान दादा महादेव सिंह , धीरत सिंह, श्रीराम सिंह, विजय सिंह, जयराम सिंह, शिवराज सिंह, महिला मोर्चा अध्यक्ष रश्मि सोनी, राहुल चौधरी नगर मंडल अध्यक्ष, देशराज यादव, बलराम यादव, रवीन्द राजपूत ग्रामीण मंडल अध्यक्ष, इन्कुमार राय, जमुना प्रसाद अहिरवार जनपद अध्यक्ष, नीतिराज, राम शास्त्री, प्रवीण, इन्द्रराज, गब्बर, यशराज ठाकुर, पुष्पेन्द्र ठाकुर, आलोक कुशवाहा, छोटू रोकडया, बिट्टू राजपूत, कृपाल सिंह, अमित जैन, गणेश पटेल, मुन्ना पटेल, भानू ठाकुर, काशीराम अहिरवार, सोनू असाटी, प्रभाव ठाकुर सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। कथावाचक के रूप में पं. लक्ष्मी नारायण पांडे एवं पं. रामविशाल शास्त्री महाराज तथा पंडित देव कुमार मिश्रा ने भी धर्म, भक्ति एवं जीवन मूल्यों पर अपने विचार व्यक्त किए।











