सन् 2026 में वृश्चिक राशि का वैदिक राशिफल

सन् 2026 में वृश्चिक राशि का वैदिक राशिफल

वृश्चिक SCORPIO
(तो, न, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू )

शुभरंग– लाल व गुलाबी,
शुभ अंक– । व 9,
शुभधातु– तांबा,
शुभरत्न– इटालियन मूंगा व लाल ऑनिक्स,
शुभदिन– मंगलवार,
इंष्ट– हनुमान, हनुमानचालीस का पाठ लाभ देगा,
शुभ तारीख — 9, 18, 27,
शुभमास– चैत्र, वैशाख, ज्येष्ठ, आषाढ़, मध्यममास- श्रावण, भाद्रपद, आश्विन एवं माघ,
अशुभमास– कार्तिक, पौष, मार्गशीर्ष व स फाल्गुन।
व्यक्तित्व– कानूनविद्, गणक, संत, – – समीक्षक,
सकारात्मक तथ्य– बुद्धिमान, निडर, प्रकृति प्रेमी,
नकारात्मक तथ्य– ईर्ष्यालु प्रवृति,

वृश्चिक राशि राशि चक्र की आठवीं राशि है इसका स्वामी मंगल है। स्वभाव में जितना आंतरिक, क्रोधी, चिड़चिड़ाहट रहता है उतना ही शांति, संयम रखते हैं। स्थितियां वातावरण अधिकतर आपके सोच-विचार, स्वभाव के विपरीत रहता है। मानसिकता से सोचकर भी परिवर्तन संभव नहीं होता, कामकाज के प्रति सजग, गंभीर होते हैं। कार्यकुशलता बेहतर रखते हैं। स्वाभाविक कारणों से मित्रता विश्वास कम रहता है। छोटी-बड़ी बात का भी प्रभाव अधिक होता है। चंचलतावश वैचारिक दृष्टिकोण बदलते हैं। पश्चाताप, दुःख में रहते हैं। सहजता से आप राशि वालों को लोग सहयोगी समझ
नहीं पाते जिस कारण व्यर्थ की धारणाओं को मन में बनाते हैं उनको मन विचारों से निकालना मुश्किल होता है। पारिवारिक प्रेम, जवाबदारी रखते हैं स्पष्टता, सत्यता के कार्यों को महत्व देते हैं। स्वयं का विश्वास बनने तक गंभीरता, हठधर्मिता नहीं बना पाते। योजना, उद्देश्य, लाभ को महत्व देते हैं। अनिश्चितता में संयमित रहना कठिन हो पाता है। योग्यता, अनुभव से अधिकार रखते हैं। कार्यकुशलता, समर्पण की स्थिति में स्वयं का प्रभाव रखते हैं। तथा परिणामों की नहीं सोचते।

आतंकित, भयभीत एकदम से नहीं होते मन-मन दूसरों के प्रति लगन, सद्धाव रखते हैं। अपने कर्तव्यों से उसे दर्शाते हैं। विपरीत स्थिति विवाद में भी स्थिति अनुरूप एक- दूसरे को बाँधकर समझदारी दर्शापाते हैं। एकदम से अथवा जरूरी न हो तो गुप्त कार्य, बात मन में ही रखते हैं। नजदीकी लोग किन्हीं मामलों में आपसे भय, दूरी रखते हैं जवाबदारी, सामाजिक, पारिवारिक प्रतिष्ठा के प्रति गंभीर रहते हैं। परंपराओं में विश्वास नहीं रहता। मगर जीवन में चमत्कार, अनहोनी के कारण फिर अति विश्वास, धारणाओं को मानते हैं। स्वयं का भी एक दर्शन उद्देश्य जीवन में रहता है।

ये बहुत वफादार दोस्त हो सकते हैं और उसी समय में, ये बहुत खतरनाक दुश्मन बनने की भी क्षमता रखते हैं। बदला लेने और बदला पाने की इच्छा इनकी रगों में खून बन कर दौड़ता हैं। इनकी विस्मयकारी शक्ति और रहस्यमय नजरें इनके आस पास के लोगो को सम्मोहित कर देती हैं। ये तीव्र, हावी, क्रूर और प्रतिबद्ध होते हैं। और अपने जीवन की लड़ाई अपनी उत्सुक बुद्धि, धैर्य और रचनात्मकता के साथ लड़ने के लिए अभ्यस्त हैं। निश्चित रूप से ये मिलनसार या उदार नहीं होते हैं लेकिन अपने लाभ के लिए जोड़-तोड़ करने वाले या षड्यंत्र करने वाले नहीं होते हैं।

स्वास्थ्य– इस वर्ष राहु-केतु दशम और चतुर्थ भाव पर गोचर करते रहेंगे। इसके कारण आपको बीमारियों से परेशान होना पड़ सकता है। मार्च के महीने में सेहत से जुड़ी समस्या हो सकती है। फेफड़े सम्बन्धी समस्या हो सकती है। अगस्त-सितम्बर के महीने में पेट दर्द की शिकायत होगी। अपनी दिनचर्या में प्राणायाम और योग को अवश्य सम्मिलित करें। यदि कोई पुरानी बीमारी है तो आपको इलाज ठीक तरह से लेना चाहिये। नवम्बर के आसपास घुटनों का दर्द परेशान करेगा। गुरु का सिंह राशि में गोचर पुराने रोगों को दोबारा उभार सकता है।

आर्थिक स्थिति–
इस वर्ष की शुरुआत आर्थिक दृष्टि से बहुत अच्छी रहने वाली है। व्यापार में धन लाभ होने से मन प्रसन्न रहेगा। शेयर मार्केट और म्यूचुअल फण्ड जैसे निवेश आपको काफी अच्छा लाभ देंगे। वर्ष के पूर्वार्ध में बृहस्पति की शनि पर दृष्टि होने से आपको जॉब में पदोन्नति से धन लाभ भी मिलेगा। जनवरी से मई तक का समय आपके लिये आर्थिक दृष्टि से शुभ रहेगा। दवाइयों पर आपके खर्चे बढ़ने के योग बन रहे हैं। सम्भव है कि आप व्यापार में बड़े निवेश कर सकते हैं। विदेश में व्यवसाय के बड़े अवसर मिल सकते हैं।

कौटुम्बिक एवं सामाजिक स्थिति —
सामाजिक सम्बन्धों में आप काफी ध्यान देंगे। आपको अपने मान-सम्मान की चिन्ता रहेगी। पिता के किसी सदस्य के स्वास्थ्य की चिन्ता रहेगी। मार्च के महीने में परिवार में कुछ परेशानी रहेगी। माता-पिता का स्वास्थ्य भी आपके लिये चिन्ता का विषय रहेगा। मई माह तक का समय सन्तान के लिये बहुत अच्छा रहेगा। नया घर खरीदने का विचार बना सकते हैं। लेकिन उसमें आपको अत्यधिक बाधा आयेगी। जून महीने के बाद आपको सफलता मिलेगी। सम्पत्ति को लेकर परिवार में तनाव हो सकता है। अक्टूबर माह में पड़ने वाला ग्रहण आपकी माता की सेहत को परेशान करेगा।

प्रणय जीवन–
इस वर्ष वैवाहिक जीवन अत्यन्त शुभ रहने वाला है। आप प्रेम सम्बन्धों का काफी अच्छी तरह से आनन्द उठायेंगे। वर्ष की शुरुआत में ही आप अपने प्रेमी को प्रपोज कर सकते हैं। आप अपने जीवनसाथी को काफी समय देंगे। किन्तु मार्च और अक्टूबर माह के दौरान कई बार आपके और पार्टनर के साथ गम्भीर झगड़े हो सकते हैं। आपको हिंसा और कटु वचनों से बचना चाहिये। जून में गुरु के कर्क में जाने के बाद आप जीवनसाथी के साथ घूमने जा सकते हैं। इससे आपके रिश्तों में ताजगी आयेगी। जुलाई के बाद शनि जब वक्री होंगे तब ससुराल के लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।

शिक्षा और करियर–
करियर के दृष्टिकोण से आप इस वर्ष अत्यन्त भाग्यशाली रहेंगे। गुरु की कृपादृष्टि से उच्च शिक्षा में उत्तम सफलता मिलेगी। नये व्यापार की शुरुआत करने के लिये धन की व्यवस्था हो जायेगी। फाइनेन्स से जुड़े मामलों में सफलता मिलेगी। प्रशासन और प्रबन्धन से जुड़े लोगों को इस वर्ष अत्यधिक यश मिलेगा। गुरु का कर्क में गोचर विदेश में जॉब में अवसर लेकर आयेगा। लेकिन जून में शनि के वक्री होने के बाद चलते हुये कार्यों में बाधा आयेगी।
कर्मकांड ज्योतिष विषेशज्ञ डॉ अनिल दुबे वैदिक देवरी बिछुआ 9936443138

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