सन् 2026 में मीन राशि का वैदिक राशिफल

सन् 2026 में मीन राशि का वैदिक राशिफल

मीन PISCES
(दी, दू, थ, झ, अ, दे, दो, चा, ची)

शुभरंग– पीला व भगवा,
शुभ अंक– 3 व 9,
शुभधातु– सोना,
शुभरत्न– पुखराज,
शुभवार– गुरुवार,
ईष्ट– सरस्वती पूजा से लाभ होगा,
शुभ तारीख– 3, 12, 21, 30,
शुभमास– मार्गशीर्ष, पौष, माघ, फाल्गुन,
मध्यममास– वैशाख, ज्येष्ठ, आषाढ़, श्रावण, भाद्रपद. आश्विन व कार्तिक
अशुभमास– चैत्र।
मित्र राशि– कर्क, वृक्षिक,
शत्रु राशि– मेष, सिंह, धनु,
व्यक्तित्व– आध्यात्म प्रेमी, भावुक, अध्ययनशील, मनोवृत्ति,
सकारात्मक तथ्य– विनम्रता, सज्जनशीलता, कल्पनाप्रिय,
नकारात्मक तथ्य– अधैर्यशील, लापरवाह, अश्चिचिन्तता,

मीन राशि के जातक का सुंदर भरा हुआ संतुलित शरीर रचना, मध्यम या ऊंचा कद, बड़ा मस्तिष्क एवं चौड़ा गोल चेहरा, श्वेत पीत वर्ण एवं सुगठित कंधे, आकर्षक चमकीली व कुछ बड़ी बड़ी आंखें, नेत्र कुछ उभरे से दिखाई दे, नरम मुलायम बाल, तीखे नयन नक्श, चुंबकीय एवं आकर्षक तथा प्रभावशाली व्यक्तित्व का स्वामी होता है।

राशि स्वामी गुरु शुभ हो तो मीन जातक तीव्र बुद्धिमान, ईमानदार, मानवीय गुणों से युक्त, परिश्रमी, सौम्य एवं विनम्र मधुर स्वभाव, महत्वकांक्षी, संवेदनशील, भावुक, सहृदय, संगीत, साहित्य एवं सौंदर्य के प्रति स्वाभाविक रूचि हो। तथा मीन राशि होने से जातक जल की तरह प्रत्येक प्रकार की परिस्थितियों में स्वयं को ढाल लेने की क्षमता रखता है। स्मरण शक्ति तीव्र होती है। जातक विपरीत परिस्थितियों में भी स्वयं को विचलित नहीं होने देता, उच्च कल्पनाशील होने पर भी जातक की प्रबंधन शक्ति अच्छी होती है। वह अपने कार्य क्षेत्र में सक्रिय एवं विकासशील बना रहता है। राशिपति गुरु के कारण जातक हंसमुख, मिलनसार, परोपकारी, सरल एवं दयालु स्वभाव, धर्म परायण, सत्य निष्ठ, सेवाभावी, प्रेरणादायक, साधारण लोगों की भलाई एवं सहायता करने में उत्सुक, हस्तशिल्प, साहित्य, लेखन, गायन ,धार्मिक, ज्योतिष एवं योग दर्शन आदि गूढ़ विषयों में विशेष रुचि रखने वाला। धैर्यवान, क्षमाशील, स्वाभिमानी, कई बार गंभीर रहस्यमई एवं गोपनीय आचरण करने वाला होता है।

मीन द्वि-स्वभाव राशि होने से जातक शीघ्रता से अपने मन की बात प्रकट नहीं कर पाता। कई बार दूसरों के लिए उन्हें समझना कठिन हो जाता है। ऐसी स्थिति में जातक निष्कपट एवं सरल हृदय होते हुए भी संदेह के दायरे में आ जाते हैं। यदि जन्म कुंडली में चंद्र, गुरु शुभ भावों में स्थित हो अथवा उन दोनों का योग अथवा संबंध हो तो जातक महत्वकांक्षी, धार्मिक एवं पौराणिक आस्थाओं से युक्त दूसरों पर अधिकार जताने की प्रवृत्ति। तर्क-वितर्क करने में कुशल, व्यवहार कुशल होते हैं। अधिकांशतः मिलनसार प्रकृति के होते हैं। जातक नए-नए सृजनात्मक एवं मौलिक विचार सोचते रहते हैं। मीन जातक अपने परिवार एवं मित्रों के साथ विशेष प्यार और आसक्ति रखते हैं। अपने मित्रों का चुनाव भी बहुत ध्यान पूर्वक करते हैं। उनके मैत्री संबंध सामान्य जन से लेकर कुछ प्रतिष्ठित लोगों तक होते हैं।

द्वि-स्वभाव राशि होने से मीन जातक किसी कार्य विशेष में जल्दी से कोई निर्णय नहीं लेते परंतु जब गंभीर सोच विचार के बाद कोई फैसला करते हैं तो उस कार्य को पूरे उत्साह एवं तन्मयता से अंजाम देते हैं। यदि कुंडली में मंगल शुक्र का योग किसी अशुभ भाव में हो तो जातक विषय आसक्त, कामुक, मदिरा आदि मादक वस्तुओं का सेवन करने वाला, व्यंग पूर्ण एवं कठोर वाणी का प्रयोग करने वाला एवं अशांत चित्त वाला होता है।

स्वास्थ्य– इस वर्ष आप शनि की साढ़ेसाती के साथ-साथ राहु के द्वादश गोचर के प्रभाव में रहेंगे। हड्डियों के रोग उत्पन्न हो सकते हैं। वर्ष के प्रथम महीने में ही आपको स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। गठिया और घुटनों के दर्द से पीड़ित जातकों की समस्या बढ़ने वाली है। वाहन चलाते समय विशेष सावधानी रखने की आवश्यकता रहेगी। आपकी जीवनशैली अव्यवस्थित हो सकती है। जुलाई से दिसम्बर के बीच आपको स्वास्थ्य के प्रति गम्भीर रहना चाहिये। हर तीन महीने में रूटीन चेकअप अवश्य करवा लें।

आर्थिक स्थिति–
राहु के द्वादश भाव में गोचर के कारण आपको अचानक धन लाभ और अचानक धन हानि का सामना करना पड़ेगा। आपको मकान और वाहन सुख प्राप्त हो सकता है। आय के नवीन स्रोत विकसित होंगे। मार्च से जून के बीच गुरु की दृष्टि आय स्थान में होने से आपको पुराने निवेश से लाभ मिलेगा। रियल एस्टेट के क्रय-विक्रय से अधिक लाभ नहीं होगा। आभूषण और SIP आदि में बड़ा निवेश कर सकते हैं। सितम्बर में शनि की ढैया के कारण आर्थिक नुकसान हो सकता है।

कौटुम्बिक एवं सामाजिक स्थिति — इस वर्ष समाज में आपकी छवि एक विद्वान् व्यक्ति के रूप में प्रस्तुत होगी। कानूनी विवादों से दूर रहने का प्रयास करें। बच्चों की पढ़ाई से सन्तुष्ट रहेंगे। राजनीति से जुड़े लोगों को काफी सावधानी रखनी चाहिये। आपकी वाणी से लोगों का मन विचलित हो सकता है। जुलाई से अक्टूबर के बीच में आपको सन्तान सुख भी प्राप्त होगा। माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। विदेशी लोगों पर अधिक विश्वास न करें।

प्रणय जीवन–
दाम्पत्य जीवन में प्रेम रहेगा। अविवाहितों के लिये नये रिश्ते आ सकते हैं। दाम्पत्य जीवन में संघर्ष है तो किसी तीसरे को मध्यस्थ के रूप में न रखें। प्रेम विवाह को परिवार की अनुमति मिल सकती है। जीवनसाथी को कुछ उपहार दे सकते हैं। वैवाहिक जीवन आमतौर पर सामान्य ही रहेगा। अप्रैल के बाद विवाह के योग प्रबल होंगे। अवैध सम्बन्धों से दूर रहना आपके लिये हितकर होगा। वर्ष के उत्तरार्ध में आपकी दाम्पत्य समस्याओं का निवारण होगा।

शिक्षा और करियर-
वर्ष का पूर्वार्ध शिक्षा के लिये अनुकूल नहीं है। आपको विदेश यात्रा भी करनी पड़ सकती है। आपको बड़े कर्ज लेने से बचना चाहिये। सरकारी अधिकारियों के ऊपर काम का काफी दबाव रहेगा। प्राइवेट नौकरी में आपकी आय बढ़ सकती है। व्यापार में पार्टनरशिप से आपको बचना चाहिये। मार्च-जून में लापरवाही से उच्चाधिकारियों से बहसबाजी हो सकती है। नवम्बर-दिसम्बर के बीच अनावश्यक खर्चों से सावधान रहना चाहिये। शोध सम्बन्धी कार्यों के लिये वर्ष उत्तम है।
कर्मकांड ज्योतिष विषेशज्ञ- डॉ अनिल दुबे वैदिक देवरी बिछुआ 9936443138

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