सागर पुलिस की संवेदनशीलता और तकनीकी दक्षता से बची बुजुर्ग महिला की जान

सागर पुलिस की संवेदनशीलता और तकनीकी दक्षता से बची बुजुर्ग महिला की जान

सीसीटीवी विश्लेषण और अथक प्रयासों से तीन दिन बाद मिला मेडिकल दस्तावेजों से भरा बैग

मानवीय पुलिसिंग, संवेदनशीलता एवं आधुनिक तकनीक के उत्कृष्ट उपयोग का एक और सराहनीय उदाहरण सागर पुलिस द्वारा प्रस्तुत किया गया।
दिनांक 11 जनवरी 2026 की दोपहर को शालनी जैन निवासी गौरझामर अत्यंत व्यथित अवस्था में पुलिस कंट्रोल रूम सागर पहुंचीं। उन्होंने बताया कि वह अपनी गंभीर रूप से बीमार बुजुर्ग माता जी का इलाज कराने भाग्योदय अस्पताल गई थीं। उपचार उपरांत लौटते समय भाग्योदय अस्पताल के सामने से ऑटो में बैठकर कटरा तक आईं, जहां उतरते समय ऑटो में उनकी माता जी का एक बैग छूट गया।
बैग में यद्यपि कपड़े अधिक कीमती नहीं थे, किंतु उसमें माता जी के सभी महत्वपूर्ण मेडिकल दस्तावेज एवं रिपोर्ट रखे थे, जिनके अभाव में डॉक्टर इलाज करने से मना कर रहे थे। माता जी की हालत गंभीर होने के कारण यह बैग मिलना अत्यंत आवश्यक था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए संपूर्ण जानकारी तत्काल अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर  लोकेश कुमार सिन्हा को दी गई।  सिन्हा द्वारा मामले को अत्यंत संवेदनशील मानते हुए उप निरीक्षक  आर.के.एस. चौहान को तत्काल बैग का पता लगाने हेतु निर्देशित किया गया।
निर्देशन के पश्चात सीसीटीवी कंट्रोल रूम टीम द्वारा लगातार तीन दिनों तक अथक प्रयास किए गए। उप निरीक्षक आर.के.एस. चौहान के नेतृत्व में प्रधान आरक्षक आशीष दुबे, महिला प्रधान आरक्षक रेखा रजक ट्रैफिक थाना एवं आरक्षक राकेश सुलखिया को सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से ऑटो की पहचान में लगाया गया।
लगातार फुटेज खंगालने के बाद कटरा क्षेत्र में ऑटो से उतरते हुए जैन मैडम एवं उनकी माता जी को चिन्हित किया गया। ऑटो की आंशिक नंबर प्लेट के आधार पर संभावित कई रजिस्ट्रेशन नंबरों की पहचान कर उनसे जुड़े दर्जनों मोबाइल नंबरों पर संपर्क किया गया। अत्यंत कठिन प्रयासों के पश्चात अंततः वास्तविक ऑटो चालक का पता लगाया गया।
पुलिस टीम द्वारा ऑटो चालक के घर जाकर संपर्क किया गया, जहां से मेडिकल दस्तावेजों से भरा बैग सुरक्षित रूप से बरामद कर कंट्रोल रूम सागर लाया गया।
बैग प्राप्त होने पर जैन मैडम स्वयं पुलिस कंट्रोल रूम पहुंचीं, जहां उन्होंने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  लोकेश कुमार सिन्हा, सागर पुलिस एवं कंट्रोल रूम की पूरी टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया तथा अपनी माता जी के इलाज हेतु आवश्यक मेडिकल दस्तावेज लेकर रवाना हुईं।
यह सराहनीय कार्य अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर  लोकेश कुमार सिन्हा के निर्देशन में
उप निरीक्षक आर.के.एस. चौहान,
प्रधान आरक्षक आशीष दुबे,
महिला प्रधान आरक्षक रेखा रजक थाना यातायात,
आरक्षक राकेश सुलखिया
द्वारा किया गया।
यह घटना सागर पुलिस की संवेदनशीलता, तकनीकी दक्षता, तत्परता एवं मानवीय सोच का जीवंत प्रमाण है, जिससे आम नागरिकों का पुलिस के प्रति विश्वास और अधिक सुदृढ़ हुआ है।

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