
शहर में गैंगबाजी से दहशत, आम नागरिक पहुंचे एसपी कार्यालय, कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल
शहर में अलग–अलग नामों से सक्रिय युवाओं की गैंगबाजी ने आम नागरिकों के बीच भय का माहौल पैदा कर दिया है। बिच्छू गैंग, 007 गैंग और 56 गैंग जैसे नाम अब केवल फिल्मों या कहानियों तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि शहर की गलियों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर दहशत का पर्याय बन चुके हैं। हालात से परेशान होकर सोमवार को बड़ी संख्या में नागरिक पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और बढ़ते अपराधों के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।
शिकायत लेकर पहुंचे बब्बू यादव ने आरोप लगाया कि पुलिस कटरबाजों और गैंगबाज युवाओं पर प्रभावी लगाम नहीं लगा पा रही है। शहर में लोग खौफ के साये में जी रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा आरोपियों का जुलूस निकाला गया, लेकिन जुलूस के दौरान भी आरोपी इस तरह चलते नजर आए जैसे उनके भीतर पुलिस या कानून का कोई डर ही न हो।
कभी सुकून और शांति के लिए पहचाना जाने वाला सागर शहर अब बदमाशों की गैंगबाजी से अपनी पहचान बनाता जा रहा है। बिच्छू गैंग, 007 गैंग और 56 गैंग के नाम सरेआम चर्चाओं में हैं और शहरवासियों के लिए चिंता का विषय बन चुके हैं।
बीते दिनों कटरा तीन मढ़िया क्षेत्र में एक गैंग द्वारा खुलेआम वर्चस्व दिखाने और आतंक मचाने की घटना ने पूरे शहर को हिला दिया। इससे पहले चकराघाट, पुरव्याऊ और बड़े बाजार जैसे व्यस्त इलाकों में भी इन गैंग्स द्वारा मारपीट, जबरन वसूली, चोरी, लूट और चाकूबाजी जैसी कई वारदातों को अंजाम दिया जा चुका है। हर घटना के साथ इनके हौसले और अधिक बुलंद होते दिखाई दे रहे हैं।
बीती रात स्थिति उस समय और गंभीर हो गई, जब कथित 56 गैंग के एक सदस्य ने बीएमसी क्षेत्र में चाकूबाजी की घटना को अंजाम दिया। इस हमले में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके अलावा बस स्टैंड के पास शनिचरी–शुक्रवारी इलाके में सक्रिय हो रही एक नई गैंग के सदस्यों ने एक होटल में जमकर उत्पात मचाया। भय के कारण इस मामले की पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई गई। नागरिकों का कहना है कि ऐसे दर्जनों मामले पहले भी हो चुके हैं, लेकिन गैंग्स के डर से लोग थाने जाने से भी कतराते हैं।
कटरा तीन मढ़िया की घटना के बाद पुलिस हरकत में जरूर आई और कुछ धरपकड़ व कार्रवाई की गई, लेकिन नागरिकों का मानना है कि यह कार्रवाई नाकाफी है। हकीकत यह है कि आज भी बदमाशों के चेहरों पर पुलिस का खौफ नजर नहीं आता।
जिस सागर को कभी शांति का टापू कहा जाता था, वही शहर आज डर और असुरक्षा के साये में घिरता जा रहा है। आम नागरिक सहमे हुए हैं और शहर की शांति भंग होती दिखाई दे रही है। अब देखना यह है कि कानून का डंडा कब और कितनी सख्ती से इन गैंग्स की बढ़ती हनक पर लगाम लगा पाता है।
Byte: बब्बू यादव, शिकायतकर्ता











