प्राचार्य डॉ. सरोज पर वरिष्ठता सूची में हेराफेरी और राशि के दुरुपयोग का आरोप, कोर्ट से नोटिस जारी

प्राचार्य डॉ. सरोज पर वरिष्ठता सूची में हेराफेरी और राशि के दुरुपयोग का आरोप, कोर्ट से नोटिस जारी
सागर। शासकीय पी. जी. दीनदयाल उपाध्याय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय (अग्रणी कॉलेज) सागर के प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता पर वरिष्ठता सूची में हेराफेरी करने और कॉलेज की जनभागीदारी समिति की राशि के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगे हैं। इस मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की सागर खंडपीठ ने डॉ. सरोज गुप्ता सहित छह अधिकारियों को नोटिस जारी कर तीन सप्ताह में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
याचिकाकर्ता नितिन शर्मा द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने राज्य सरकार, उच्च शिक्षा विभाग भोपाल, अतिरिक्त क्षेत्रीय अधिकारी उच्च शिक्षा विभाग सागर, प्राचार्य अग्रणी कॉलेज सागर एवं शासकीय कॉलेज मकरोनिया के प्राचार्य को नोटिस जारी किए हैं।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि डॉ. सरोज गुप्ता द्वारा वरिष्ठता सूची में हेराफेरी कर स्वयं को प्राचार्य नियुक्त करवाया गया। साथ ही जनभागीदारी समिति की राशि का दुरुपयोग किया गया। शिकायत के बाद उच्च शिक्षा विभाग द्वारा एक समिति गठित की गई थी, जिसने 19 जून 2025 को जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की।
जांच रिपोर्ट में पाया गया कि प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता ने जनभागीदारी निधि से संबंधित लगभग दो करोड़ रुपये की राशि बिना अनुमति व्यय की। इसके अलावा एक निजी बैंक में खाता खोलकर उसमें करीब दो करोड़ रुपये जमा किए गए, जो नियमों के विरुद्ध बताया गया है। जनभागीदारी के खाते से अनियमित खरीददारी और भुगतान किए जाने की बात भी सामने आई है।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ताओं विनायक प्रसाद शाह, पुष्पेंद्र कुमार शाह, अखिलेश प्रजापति और सतीश कोरी ने न्यायालय को बताया कि जांच रिपोर्ट सात माह पूर्व ही उच्च शिक्षा विभाग को सौंप दी गई थी, लेकिन अब तक प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता के विरुद्ध कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
याचिका में यह भी उल्लेख किया गया कि इस पूरे मामले में न तो प्राचार्य द्वारा पक्ष रखा गया और न ही कॉलेज प्रशासन की ओर से कोई संतोषजनक जवाब दिया गया। कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए सभी पक्षकारों से निर्धारित समयसीमा में जवाब मांगा है।

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