
नरयावली विधानसभा के विकास को बजट में मिली बड़ी सौगातें और मकरोनिया फ्लाईओवर और OTI कार्यों की डीपीआर की निविदा के आदेश हुए जारी
भोपाल/सागर: मध्य प्रदेश के विकास मानचित्र पर नरयावली विधानसभा क्षेत्र एक नई ऊँचाई छूने को तैयार है। क्षेत्रीय विधायक इंजीनियर प्रदीप लारिया की सक्रियता और निरंतर प्रयासों का सुखद परिणाम अब धरातल पर दिखाई देने लगा है। वर्ष 2025-26 के बजट में जहाँ नरयावली को बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण के लिए बड़ी सौगातें मिली हैं, वहीं मकरोनिया क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित यातायात समस्या के स्थायी समाधान हेतु निविदाएं जारी कर दी गई हैं।
नरयावली के आर्थिक परिदृश्य को बदलने के लिए सरकार ने ‘मसवासी ग्रंट औद्योगिक क्षेत्र’ की नींव रखने का निर्णय लिया है। 1,500 एकड़ में विस्तृत यह औद्योगिक हब न केवल स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेगा, बल्कि विशेष छूट और सुविधाओं के माध्यम से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था के लिए ‘गेम चेंजर’ साबित होगा।
सड़कों के जाल को मजबूती देते हुए सागर-लिधोराखुर्द-सानोधा- कर्रापुर मार्ग (25 किमी) के लिए 65 करोड़ रुपये, जरूआखेड़ा-जलंधर मार्ग हेतु 48 करोड़ और सेमरा-जिन्दा फोरलेन के लिए 3 करोड़ रुपये के बजटीय प्रावधान किए गए हैं। इसके साथ ही, बिहारीपुरा में जलमग्न होने वाले पुराने पुल की जगह 7.55 करोड़ की लागत से नए पुल का निर्माण क्षेत्र की कनेक्टिविटी को और सुगम बनाएगा।
नगर की यातायात व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में मकरोनिया फ्लाईओवर का सपना अब हकीकत में बदलने जा रहा है। विधायक प्रदीप लारिया की केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से हुई मुलाकात के बाद एनएच विभाग ने 155 करोड़ की लागत से बनने वाले 2.2 किमी लंबे फ्लाईओवर
इसके साथ ही, मकरोनिया से बहेरिया तिराहा तक के 5.2 किमी मार्ग के सुधार (OTI कार्य) हेतु 12.50 करोड़ और मार्ग के तीन पुराने जर्जर पुलों के नवनिर्माण के लिए 22 करोड़ के लिए निविदा आदेश जारी कर दिए हैं।
इन विकास कार्यों के लिए विधायक प्रदीप लारिया ने मुख्यमंत्री, वित्त मंत्री और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र के विकास का मील का पत्थर बताया है।











