खजुराहो में स्वर्णिम इतिहास, कला और संस्कृति की अनूठी त्रिवेणी – मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव

खजुराहो में स्वर्णिम इतिहास, कला और संस्कृति की अनूठी त्रिवेणी – मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव

विश्व धरोहर और विश्वविख्यात नृत्य समारोह से खजुराहो ने मध्यप्रदेश को दिलाई विश्व में पहचान – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

सात दिवसीय 52वें खजुराहो नृत्य समारोह का भव्य शुभारंभ

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव वीसी के माध्यम से हुए शामिल

छतरपुर 20 फरवरी 2026
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि खजुराहो नृत्य समारोह ईश्वर की साधना को समर्पित शास्त्रीय नृत्य, सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और विश्व पटल पर मध्यप्रदेश की पहचान अंकित करने का सर्वाेत्तम साधन है। उन्होंने कहा कि खजुराहो ने अपनी ऐतिहासिक धरोहरों, मंदिरों, बुंदेली कला, संस्कृति एवं विश्व विख्यात नृत्य समारोह से मध्यप्रदेश को विश्व में एक अनूठी एवं अलग पहचान दिलाई है। खजुराहो नृत्य समारोह शास्त्रीय नृत्य कला के साधकों के लिये अपनी साधना को प्रदर्शित करने हेतु मंच प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि उत्तर से लेकर दक्षिण और पूर्व से लेकर पश्चिम के बड़े से बड़े कलाकार इस खजुराहो नृत्य समारोह में शामिल होने के लिए लालायित रहते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 52वें खजुराहो नृत्य समारोह के शुभारंभ कार्यक्रम को वीसी के माध्यम से संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा भारत के तमाम बड़े बड़े कलाकारों ने खजुराहो नृत्य समारोह में अपनी उपस्थिति देकर प्रदेश और कला जगत को गौरान्वित किया है। उन्होंने कहा कि नृत्य की यह परंपरा भगवान शिव और विष्णु से जुड़ी हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शास्त्रीय नृत्यों का सृजन भगवान की साधना के लिए किया गया है। जैसे कथकली में भगवान श्रीकृष्ण की जीवन और गतिविधियों को दिखाया जाता है। इसी तरह भगवान नटराज ने नृत्य का सृजन किया है। नटराज की मूर्ति हमें कला के उस दौर तक ले जाती है जहां आदि संस्कृति हमारी सनातन संस्कृति के साथ जुड़ती हुई दिखाई देती है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अगर कहीं पत्थरों में भी प्राण पाए जाते हैं तो वह स्थान खजुराहो है। उन्होंने कहा कि खजुराहो की स्थापत्य कला को देखने पर लगता है कि वह आज भी जीवंत हैं। खजुराहो के देवालयों में अद्भुद शिल्प के उदाहरण देखने को मिलते हैं। बुंदेलखंड की धरती पावन और पवित्र है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यहां की कला बुन्देलखंड के इतिहास को पुनर्स्थापित करती हुई दिखाई देती है। बुन्देलखंड की माटी शौर्य, पराक्रम और संस्कृति के लिए जानी जाती है। बुन्देलखंड की माटी का अलग ही महत्व है। खजुराहो में स्वर्णिम इतिहास, कला और संस्कृति की अनूठी त्रिवेणी स्थित है। आज खजुराहो अपनी अलग ही पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि कला संस्कृति के संरक्षण के लिए सरकार के द्वारा लगातार प्रोत्साहन दिया जा रहा है। संस्कृति मंत्रालय के द्वारा मध्यप्रदेश में कला संस्कृति के संरक्षण के लिए अनेक प्रकार के कार्य किए जा रहे हैं।

वीसी के माध्यम से जुड़ते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भले मैं शरीर से दूर हूं परंतु आत्मा से खजुराहो में ही उपस्थित हूं। इस दौरान उन्होंने कला साधकों, अतिथियों एवं दर्शकों का धन्यवाद किया।

खजुराहो नृत्य शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए प्रदेश के संस्कृति मंत्री  धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने कहा कि संकल्प, साधना, आध्यात्म और चिंतन की इस भूमि को मैं नमन करता हूं। भगवान कंदरिया महादेव को मैं कोटि-कोटि नमन करता हूं। उन्होंने कहा कि खजुराहो नृत्य समारोह में देश-विदेश से आए कलाकारों, प्रबुद्धजनों, कलासाधकों का इस नृत्य समारोह में, मैं स्वागत और अभिनंदन करता हूं। उन्होंने कहा कि खजुराहो नृत्य समारोह भारत की सांस्कृतिक विरासत की आत्मा का जीवंत उत्सव है। संस्कृति मंत्री ने कहा कि विश्व धरोहर स्थल और शौर्य, सांस्कृतिक साधना की भूमि कंदरिया महादेव और जगदंबा मंदिर की दिव्य आभा में आयोजित है। यह नृत्य समारोह सांस्कृतिक साधना और सौंदर्य की त्रिवेणी के रूप में भारत की गौरवशाली संस्कृति और शास्त्रीय नृत्य परंपरा को वैश्विक मंच प्रदान करता है।

समारोह को क्षेत्रीय सांसद  विष्णुदत्त शर्मा ने संबोधित करते हुए कहा कि खजुराहो नृत्य समारोह का मंच हमारे लिए महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने कहा कि खजुराहो नृत्य समारोह में सहभागिता निभाने के लिए आए देश के प्रबुद्ध कलाकारों का मैं स्वागत और अभिनंदन करता हूं। उन्होंने कहा कि सरकार खजुराहो के विकास के लिए सतत प्रयास कर रही है।

समारोह को संबोधित करते हुए अपर मुख्यसचिव संस्कृति विभाग शिवशेखर शुक्ला ने कहा कि खजुराहो नृत्य उत्सव ने विगत वर्षों में कई विश्वस्तरीय रिकॉर्ड स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि खजुराहो नृत्य उत्सव सतत रूप से लोकप्रियता की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि शास्त्रीय नृत्यों और लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए खजुराहो में बाल नृत्य समारोह का आयोजन भी किया जा रहा है तथा बच्चों के लिए खजुराहो में नृत्य के अभ्यास के लिए अलग प्रांगण उपलब्ध कराया गया है।

उद्बोधन के पूर्व प्रदेश के संस्कृति मंत्री  धर्मेन्द्र सिंह लोधी, सांसद खजुराहो संसदीय क्षेत्र विष्णुदत्त शर्मा एवं अन्य अतिथियों ने भगवान नटराज की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित और माल्यार्पण कर 52वें खजुराहो नृत्य समारोह का शुभारंभ किया। इस अवसर पर विधायक राजनगर  अरविन्द पटैरिया, अध्यक्ष नगर पालिका  अरुण कुमार अवस्थी, कलेक्टर पार्थ जायसवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित रहे।

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