युवाओं को इतिहास से जुड़कर राष्ट्र निर्माण में आगे आना होगा – अविराज सिंह

युवाओं को इतिहास से जुड़कर राष्ट्र निर्माण में आगे आना होगा – अविराज सिंह

बांदरी। युवा नेता अविराज सिंह ने कहा कि राष्ट्रवाद, सांस्कृतिक गौरव और महापुरुषों के बलिदान का सम्मान ही भारत की आत्मा है। युवाओं को अपनी जड़ों से जुड़कर देश निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी बलिदान दिवस पर आयोजित युवा संगोष्ठी कार्यक्रम में ऑडिटोरियम, बांदरी में सहभागिता की, जहाँ राष्ट्रभक्ति, नारी शक्ति और युवाओं की जिम्मेदारी पर विस्तार से अपने विचार रखे।

उन्होंने कहा कि माँ दुर्गा शक्ति, भक्ति और विजय की प्रतीक हैं, जो अन्याय और अधर्म का नाश करती हैं। रानी अवंतीबाई लोधी 1857 के स्वतंत्रता संग्राम की अग्रणी वीरांगना थीं, जिन्होंने मात्र 26 वर्ष की आयु में मातृभूमि के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।

अविराज सिंह ने कहा कि रामगढ़ की रानी अवंतीबाई न केवल एक कुशल शासिका थीं, बल्कि एक निडर सेनानायक भी थीं। 1857 के संग्राम में उनके नेतृत्व ने क्षेत्र में क्रांति की नई चेतना जगाई और अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष को मजबूत किया।

उन्होंने कहा कि रानी अवंतीबाई का वह ऐतिहासिक संदेश, जिसमें उन्होंने राजाओं और जमींदारों को चूड़ियाँ भेजकर युद्ध के लिए प्रेरित किया, आज भी साहस और स्वाभिमान का अद्वितीय उदाहरण है। उनका जीवन बताता है कि जागरूक नारी समाज परिवर्तन की सबसे बड़ी शक्ति बन सकती है।

अविराज सिंह ने कहा कि बुंदेलखंड और महाकौशल के लोकगीतों में आज भी रानी अवंतीबाई की वीरता जीवित है। वे महिला सशक्तिकरण और राष्ट्रप्रेम की सजीव प्रतीक हैं, जिनका योगदान रानी लक्ष्मीबाई के समान ही महान है।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने सदैव महापुरुषों और बलिदानियों का सम्मान किया है। लोधी समाज को सम्मान देने के अनेक उदाहरण हैं, जिनमें प्रदेश और देश स्तर पर नेतृत्व के अवसर प्रदान किए गए।

अविराज सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा सागर में रानी अवंतीबाई लोधी के नाम से विश्वविद्यालय प्रारंभ करना तथा उनके सम्मान में विभिन्न स्मारक स्थापित करना गौरव का
विषय है। स्थानीय स्तर पर भी उनकी प्रतिमाएं स्थापित कर समाज को प्रेरित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि रानी अवंतीबाई का बलिदान हर युवा को राष्ट्र के लिए समर्पित होने की प्रेरणा देता है। युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए अनुशासन और समर्पण के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

अविराज सिंह ने कहा कि नारी सशक्तिकरण के बिना किसी भी राष्ट्र की प्रगति संभव नहीं है। नारी सम्मान ही राष्ट्र सम्मान है और यही विचार भारत की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करता है।

उन्होंने कहा कि “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” का संकल्प हमारी राष्ट्रीय एकता का मूल है। युवाओं को अपने धर्म, संस्कृति और इतिहास के प्रति सजग रहना चाहिए, क्योंकि यही राष्ट्र की वास्तविक शक्ति है।
अविराज सिंह ने कहा कि इतिहास गवाह हैकृछत्रपति शिवाजी महाराज, चंद्रगुप्त मौर्य, अभिमन्यु और गुरु गोविंद सिंह के साहिबजादों ने कम उम्र में ही अद्वितीय साहस का परिचय दिया। रानी लक्ष्मीबाई और खुदीराम बोस जैसे वीरों ने युवावस्था में ही देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।

उन्होंने कहा कि आज के युवाओं को सोशल मीडिया का उपयोग केवल उपभोग के लिए नहीं, बल्कि सृजन के लिए करना चाहिए। अनुशासन, चरित्र और राष्ट्रभक्ति ही उन्हें विकसित भारत के निर्माण में अग्रणी बनाएंगे।

अविराज सिंह सिंधी समाज, खुरई द्वारा जल देवता वरूण अवतार श्री झूलेलाल भगवान के पावन पर्व पर आयोजित कार्यक्रम में सम्मलित हुए। महोत्सव 2026 में सम्मलित होकर सभी जनों को श्री झूलेलाल जयंती की लख-लख वधाईयां दी।

इस अवसर पर विश्वनाथ सिंह लोधी (न.प. अध्यक्ष), अनिल पाराशर (मंडल अध्यक्ष), पप्पू मुकद्दम, अभय सिंह (पूर्व मंडल अध्यक्ष), राजेन्द्र सिंह, अरविन्द सिंह लोधी, देशराज सिंह, सुरेन्द्र सिंह (पार्षद), श्रीमती लक्ष्मी लोधी, जयराम सिंह लोधी, महेन्द्र सिंह ठाकुर, डॉ. शैलेन्द्र सिंह, लक्ष्मीकांत मड़ोतिया, राजाराम सिंह ठाकुर, सुल्तान सिंह, सम्मर सिंह, दुर्ग सिंह, तिलक सिंह, हम्मीर सिंह ठाकुर, संजय समुद्र, सुरपाल यादव, राजकुमार अहिरवार, नकसूद अली, सचिन साहू, उमेश राय, मनीराम चौका सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

मीडिया कार्यालय
दिनांक-20.03.2026

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