राम रावत ने युवाओं को दिए सफल ऑडिशन के मंत्र, बोले “टैलेंट के साथ सही समझ भी जरूरी

राम रावत ने युवाओं को दिए सफल ऑडिशन के मंत्र, बोले “टैलेंट के साथ सही समझ भी जरूरी”

रिशांक तिवारी की मेजबानी में सागर में आयोजित हुआ भव्य कास्टिंग और ऑडिशन वर्कशॉप

सागर। शहर के मोतीनगर स्थित पद्माकर हॉल में आयोजित “कास्टिंग एंड ऑडिशन वर्कशॉप” युवाओं के लिए एक प्रेरणादायक और मार्गदर्शक आयोजन साबित हुआ। इस विशेष वर्कशॉप में बॉलीवुड के प्रसिद्ध कास्टिंग डायरेक्टर राम रावत ने शिरकत कर नवोदित कलाकारों को फिल्म इंडस्ट्री की वास्तविकताओं से अवगत कराया। उन्होंने अपने अनुभवों को साझा करते हुए स्पष्ट रूप से बताया कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल अभिनय प्रतिभा ही काफी नहीं है बल्कि सही समय पर सही निर्णय लेने की समझ, निरंतर अभ्यास और धैर्य भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

राम रावत ने ऑडिशन की प्रक्रिया को विस्तार से समझाते हुए कहा कि कई बार प्रतिभाशाली कलाकार छोटी-छोटी गलतियों के कारण पीछे रह जाते हैं। उन्होंने बॉडी लैंग्वेज, डायलॉग डिलीवरी, एक्सप्रेशन और कैमरे के सामने आत्मविश्वास बनाए रखने के तरीकों पर भी विशेष जोर दिया। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि इंडस्ट्री में टिके रहने के लिए निरंतर सीखते रहना और खुद को अपडेट करना बेहद आवश्यक है।

कार्यक्रम की मेजबानी बॉलीवुड अभिनेता एवं संकल्प फाउंडेशन के अध्यक्ष रिशांक तिवारी ने की। उनके प्रयासों और मार्गदर्शन में यह आयोजन सागर के युवाओं के लिए एक सुनहरे मौके के रूप में सामने आया। रिशांक तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि छोटे शहरों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, जरूरत केवल सही मंच और दिशा की होती है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से स्थानीय कलाकारों को राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचने का अवसर मिलता है।

वर्कशॉप के दौरान ऑडिशन की वास्तविकता , निर्णय लेने की क्षमता और सामान्य गलतियों से बचाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिभागियों को बिना किसी झिझक के अपने सवाल रखने का अवसर मिला, जिससे एक खुला और संवादात्मक माहौल बना। इस डायरेक्ट प्रश्नोत्तर सेशन में राम रावत ने कई महत्वपूर्ण सवालों के व्यावहारिक जवाब दिए जिससे प्रतिभागियों को इंडस्ट्री के अंदरूनी पहलुओं को समझने में मदद मिली।

इस अवसर पर लापता लेडीज, चिरैया, दुपहिया, सालाकार, बिग गर्ल्स डोंट क्राय और शेरनी जैसी फिल्मों और वेब सीरीज के उदाहरणों के माध्यम से कास्टिंग की प्रक्रिया को समझाया गया। इससे प्रतिभागियों को यह जानने का मौका मिला कि किस प्रकार अलग-अलग किरदारों के लिए कलाकारों का चयन किया जाता है और किन-किन बातों का ध्यान रखा जाता है।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में फ्रेशर्स, थिएटर आर्टिस्ट्स और एक्टिंग में रुचि रखने वाले युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरे आयोजन के दौरान ऊर्जा और उत्साह का माहौल बना रहा जहाँ हर प्रतिभागी कुछ नया सीखने और अपने सपनों को दिशा देने के उद्देश्य से उपस्थित था।

कुल मिलाकर यह वर्कशॉप न केवल एक शिक्षण मंच रही बल्कि सागर के युवाओं के लिए बॉलीवुड की ओर बढ़ने का एक सशक्त माध्यम भी बनी। इस तरह के आयोजन भविष्य में भी प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।

Leave a Comment

Read More