
प्रो. अम्बिकादत्त शर्मा आईसीपीआर के राष्ट्रीय फेलो मनोनीत
डॉक्टर हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त प्रो. अंबिकादत्त शर्मा को भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद (आईसीपीआर) द्वारा वर्ष 2025-26 के लिए राष्ट्रीय फेलो के रूप में मनोनीत किया गया है। प्रो. शर्मा को यह सम्मान और फेलोशिप दार्शनिक ज्ञान के विकास में महत्वपूर्ण योगदान, एक प्रोफेसर के रूप में लंबे और गौरवशाली करियर, युवा पीढ़ी के कई शोधकर्ताओं को दर्शनशास्त्र में अनुसंधान करने के लिए प्रेरित और समर्पित करने के लिए प्रदान किया गया है| यह विश्वविद्यालय के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है| आईसीपीआर द्वारा प्रदत्त यह सम्मान और फेलोशिप दो वर्ष की अवधि के लिए है| जिसके अंतर्गत साठ हजार पांच सौ रूपये की मासिक फेलोशिप और छियासठ हजार रुपये प्रति वर्ष का आकस्मिक अनुदान प्रदान किया जाएगा| इससे पूर्व प्रो. शर्मा, आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास, संस्कृति विभाग, मध्य प्रदेश शासन के शंकर फेलो रहे हैं| हाल ही में उन्हें मध्य एवं छत्तीसगढ़ दर्शन परिषद के 21वें अधिवेशन पर दर्शनश्री सम्मान से सम्मानित किया गया है । वे दर्शन प्रतिष्ठान, जयपुर से प्रकाशित पत्रिका उन्मीलन’ के भी सम्पादक हैं। वर्तमान में वे अखिल भारतीय दर्शन परिषद के अध्यक्ष पद के दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। दर्शन के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान एवं प्रगत शोधपरक गवेषणाओं के लिए उन्हें विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा रिचर्स पुरस्कार, नरेश मेहता स्मृति वाङ्मय सम्मान, अखिल भारतीय दर्शन परिषद द्वारा प्रणवानंद दर्शन सम्मान, संस्कृति विभाग, मध्य प्रदेश शासन द्वारा एकात्म पर्व सम्मान से विभूषित किया गया है। उनकी इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय परिवार ने उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनायें प्रेषित की हैं|










