
जल गंगा संवर्धन अभियान: शासकीय अग्रणी महाविद्यालय में प्रतियोगिताओं और रैली के माध्यम से दिया जल बचाने का संदेश
सागर / मध्य प्रदेश शासन, उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार, पं. दीनदयाल उपाध्याय शासकीय कला एवं वाणिज्य (अग्रणी) महाविद्यालय, सागर में ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के अंतर्गत जनसहभागिता के माध्यम से जल संरक्षण और संवर्धन पर केंद्रित विभिन्न कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता के कुशल निर्देशन एवं कार्यक्रम प्रभारी डॉ. अमर कुमार जैन के मार्गदर्शन में आयोजित इन कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को जल की महत्ता और जल स्रोतों के पुनर्जीवन के प्रति जागरूक करना रहा।
इस वृहद आयोजन को सफल बनाने के लिए गठित विभिन्न समितियों के सदस्यों ने कड़ी मेहनत और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाई। भाषण प्रतियोगिता को डॉ. संगीता मुखर्जी (संयोजक), श्रीमती भानुप्रिया पटेल एवं डॉ. कनिष्क तिवारी की टीम ने बखूबी संपन्न कराया। पोस्टर प्रतियोगिता में डॉ. प्रतिमा जैन (संयोजक), डॉ. संदीप सबलोक, डॉ. शालिनी सिंह परिहार की टीम ने विद्यार्थियों की रचनात्मकता को प्रोत्साहित किया। निबंध प्रतियोगिता का कुशल संचालन डॉ. अभिलाषा जैन (संयोजक) के साथ श्री राकेश सैनी एवं श्रीमती रोशनी चौधरी ने किया। वहीं, स्लोगन प्रतियोगिता का दायित्व डॉ. राणा कुंजर सिंह (संयोजक), श्रीमती राखी गौर एवं सुश्री प्रतीक्षा जैन ने संभाला। जागरूकता रैली का नेतृत्व लेफ्टिनेंट जयनारायण यादव (संयोजक), लेफ्टिनेंट कीर्ति रैकवार एवं डॉ. अनिल मेहरोलिया द्वारा किया गया, जिसमें एनसीसी कैडेट्स और विद्यार्थियों ने नगर में जल चेतना का संचार किया।
भाषण प्रतियोगिता में रविकला शुक्ला ने हसिल किया प्रथम स्थान
अभियान के अंतर्गत आयोजित भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने ‘जल संरक्षण और संवर्धन’ विषय पर अपने ओजस्वी विचार रखे। निर्णायक मंडल के मूल्यांकन के आधार पर रविकला शुक्ला ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। पूनम चौरसिया को द्वितीय और ऋचा रैकवार को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। साथ ही, सृष्टि बोहरे और आवेश सिंह लोधी ने भी अपने प्रभावशाली प्रदर्शन से जजों को प्रभावित किया।
कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता ने आयोजन समिति के सभी सदस्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे सामूहिक प्रयासों से ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन आता है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर जल सुरक्षा और संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश समाज के बीच दिया।










