प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती यह बात होनहार युवाओं ने अनेक बार सिद्ध की

प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती यह बात होनहार युवाओं ने अनेक बार सिद्ध की :

विद्यार्थियों का माता-पिता के सामने सम्मान होना जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि :
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत

जीवन के तीन मुख्य आधारों में विद्यार्जन धनार्जन और पुण्यार्जन प्रमुख हैं
केशवगिरी महाराजसागर/ पं दीनदयाल उपाध्याए शासकीय कला एवं वाणिज्य (अग्रणी) महाविद्यालयए सागर में छात्र.छात्राओं के वार्षिक स्नेह सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मध्य प्रदेश शासन के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत सम्मिलित हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता बुन्देली अखाडा के माध्यम से बुन्देंली मार्शल आर्ट को सुरक्षित रखने वाले पदमश्री भगवानदास रैकवार ने की।

महापुरुषों की स्मृतियों के बीच हुआ दीप प्रज्वलन
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर मंच पर महंत श्री केशव गिरी जी महाराज, नेवी जैन एवं पं. सुखदेव मिश्र विशेष रूप से उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत प्राचार्य डॉ सरोज गुप्ता सहित वरिष्ठ प्राध्यापकों डॉ विनय शर्माडॉ जयकुमार सोनी डॉ राणा कुंजर सिंह और डॉ शुचिता अग्रवाल द्वारा किया गया।
अतिथियों के सम्मान में स्वानगत भाषण देते हुए महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ सरोज गुप्ता ने विद्यार्थियों से कहा कि कर्म भूमि की दुनिया में श्रम सभी को करना होगा। प्रभु सिर्फ लकीरें देता रंग हमें स्वयं को भरना होता है। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह उत्सव विद्यार्थियों की वर्ष भर की निष्ठा और लगन से शैक्षणिक और शैक्षिणेत्तर गतिविधियों में उपलब्धियां अर्जित करने पर उन्हें सम्मानित करने और प्रोत्साहित करने का दिन है।
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि गोविंद सिंह राजपूत ने छात्रों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि आज का युग युवाओं का है। उन्होंने उल्लेख किया कि छात्र शक्ति से बड़ी कोई शक्ति नहीं होती और इतिहास साक्षी है कि जब भी देश पर संकट आयाए नौजवान पीढ़ी ही आगे आई है। एक समय था जब अनुभव का अर्थ केवल सफेद बाल और बड़ी उम्र माना जाता था लेकिन आज की पीढ़ी ने सिद्ध कर दिया है कि टैलेंट उम्र का मोहताज नहीं होता। आज 25 साल के युवा बड़ी कंपनियों के सीईओ बनकर नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि महाविद्यालय में आधुनिकता के साथ- साथ महर्षि गौतम कणाद और नागार्जुन जैसे ऋषियों के चित्र लगाकर अपनी विरासत को जीवित रखा गया है।
सांदीपनि विद्यालय की सौगात : उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश के सीएम राइज स्कूलों का नाम अब सांदीपनि विद्यालय रखा गया है ताकि हमारी भावी पीढ़ी भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली और गौरवशाली इतिहास से जुड़ी रहे।
राष्ट्रवाद और चरित्र निर्माण पर जोर : विशिष्ट अतिथि महंत केशव गिरी जी महाराज ने अपने आशीर्वचन में जीवन के तीन मुख्य आधारों में विद्यार्जन, धनार्जन और पुण्यार्जन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पुण्यार्जन का वास्तविक अर्थ केवल माला जपना नहीं बल्कि अपनी वाणी और कर्म से किसी को कष्ट न देना है। उन्होंने युवाओं से जातिवाद की संकीर्णता को छोड़कर राष्ट्रवादी समाज के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में डॉ गोपा जैन डॉ रंजना मिश्रा, डॉ इमराना सिद्दीकी, डॉ अभिलाषा जैन, डॉ प्रतिभा जैन, डॉ संदीप सबलोक, श्रीमती रेनू सोलंकी, सुरेन्द्र यादव डॉ जयनारायण यादव, डॉ अजय व्यास सहित महाविद्यालय परिवार के सभी सदस्य उपस्थित थे।
सम्मान एवं समापन कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विधाओं खेलकूद और शैक्षणिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र.छात्राओं को मुख्य अतिथि द्वारा पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन एवं आभार डॉण् अमर कुमार जैन ने किया। अंत में महाविद्यालय के समस्त स्टाफ और विद्यार्थियों की उपस्थिति में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
इन विद्यार्थियों का हुआ सम्मामन : प्रवीण्य सूची में स्थान प्राप्त आयुषि राजपूत, आंशी गुप्ता, मुस्कान साहू, अनुश्री चौबे, आयुश्री बोहरे, मीनू दुबे, सचिन कुमार साहू, कंचन मिश्रा, एनसीसी से राजा प्रजापति समीर कुशवाहा श्रेयांस राय आयुष साहू पुरुषोत्तम पटेल ओमश्री अहिरवार अभिषेक रजक भानू लोधीअनिल पटेल विनोद यादव चित्रकला प्रशिक्षण कम्प्यूटर एवं महाविद्यालय के युवा उत्सव के साथ पत्रकारिता के विद्यार्थियों का भी सम्मान किया गया।

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