पढ़े लिखे होना जरूरी है या पढ़ते लिखते रहना, यक्ष प्रश्न — प्रो विवेक सिंह

पढ़े लिखे होना जरूरी है या पढ़ते लिखते रहना, यक्ष प्रश्न — प्रो विवेक सिंह
सागर/डॉ हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय सागर के समाजशास्त्र एवं समाजकार्य विभाग में “सम्वाद” कार्यक्रम का आयोजन किया गया. पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रोफेसर राजेंद्र सिंह रज्जु भैया विश्वविद्यालय प्रयागराज से प्रो विवेक कुमार सिंह, विभाग अध्यक्ष, अधिष्ठाता, निदेशक ने शोध की बारीकियों पर व्याख्यान दिया. प्रोफेसर सिंह ने कहा कि शोध की शुरुआत में एक यक्ष प्रश्न स्वाभाविक रूप से मिलता है कि पढ़े लिखे हो या पढ़ते लिखते हो, यह केवल एक प्रश्न नहीं है यह व्यक्तित्व परीक्षण का आधार भी है. शोध से समाज में बदलाव भी लाया जा सकता है और प्रेरणा भी. प्रोफेसर सिंह ने क्षेत्र-कार्य की बारीकियों पर सम्वाद करते हुए कुछ संस्मरणों को भी उद्धृत किया.
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रोफेसर दिवाकर सिंह राजपूत ने कहा कि शोध के लिए दृष्टिकोण और व्यक्तित्व के साथ ही सार्थक प्रयास सभी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. शोध विश्व कल्याण की दिशा में सहयोग करते हैं.
“सम्वाद” में डॉ काली नाथ झा, डॉ नंदी, डॉ शासना, डॉ रजनीश, डॉ ज्योति, अनुराधा, अजय, लकी, फेमिना, राकेश, रागिनी, सोनाली, पूनम, वसुंधरा आदि ने सहभागिता की. अनुराधा ने धन्यवाद ज्ञापन किया.

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