
भक्ति का ज्वार और आस्था का उल्लास: नरयावली क्षेत्र में हनुमान प्राकट्योत्सव पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
(नरयावली विधायक इंजीनियर प्रदीप लारिया ने विभिन्न देवालयों में मत्था टेक क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की; ‘राममय’ हुआ संपूर्ण वातावरण)
सागर/02.04.2026: चैत्र शुक्ल पूर्णिमा के पावन अवसर पर जब चहुंओर ‘बजरंगबली’ के जयकारों की गूंज थी, तब नरयावली विधानसभा क्षेत्र का कण-कण आध्यात्मिक चेतना से स्पंदित हो उठा। श्री हनुमान प्राकट्योत्सव के इस पुनीत पर्व पर पूरा क्षेत्र न केवल भक्ति के रंग में रंगा नजर आया, बल्कि जन-जन के मन में राम-काज और सेवा का भाव हिलोरे मारता दिखा।
इस दिव्य अवसर पर क्षेत्रीय विधायक इंजीनियर प्रदीप लारिया ने एक सजग जनसेवक और अनन्य भक्त की भांति क्षेत्र के विभिन्न आध्यात्मिक आयोजनों में सम्मिलित होकर धर्म की ध्वजा को नमन किया। विधायक श्री लारिया के लिए यह दिन केवल उत्सव का नहीं, बल्कि जन-कल्याण के संकल्प को दोहराने का माध्यम बना।
विधायक श्री लारिया ने सुबह से लेकर देर रात तक भक्ति की अविरल गंगा में डुबकी लगाई।
उन्होंने दीनदयाल मकरोनिया, श्री राम दरबार में आयोजित भव्य महाआरती में सम्मिलित होकर प्रभु का आशीर्वाद लिया। किशनपुरा में हनुमान मंदिर में विधि-विधान से कलश स्थापना की और मारुति नंदन के दर्शन किए। हनोता परीक्षित में अंजनी माता मंदिर के दिव्य दर्शन कर मातृ-शक्ति और सेवा भाव का आशीष प्राप्त किया।
सदर क्षेत्र में धर्म रक्षा संगठन द्वारा आयोजित विशाल शोभायात्रा में सहभागिता कर धर्म प्रेमियों का उत्साहवर्धन किया। रजाखेड़ी बजरिया स्थित राजराजेश्वर मंदिर में आयोजित महाआरती के पश्चात प्रसाद वितरण कर भक्तों के बीच आत्मीयता बांटी। आनंद नगर, शिव मंदिर में आयोजित महाआरती में दर्शन किए। श्री रामभक्त संगठन मकरोनिया द्वारा श्री चिंताहरण हनुमान मंदिर, मकरोनिया थाना से राम दरबार मंदिर तक निकाली गई श्री हनुमंत पालकी भव्य शोभायात्रा का स्वागत कर दिन भर के आध्यात्मिक अनुष्ठान को पूर्णता प्रदान की।
इन पावन अवसरों पर विधायक श्री लारिया ने कहा कि “हनुमान जी सेवा और समर्पण के सर्वोच्च आदर्श हैं। आज का यह पावन अवसर हमें आत्मिक शांति के साथ-साथ समाज की सेवा करने की नई ऊर्जा प्रदान करता है। प्रभु से यही प्रार्थना है कि नरयावली का हर परिवार सुखी, समृद्ध और रोगमुक्त रहे।”
फूलों की वर्षा, शंखध्वनि, दिव्य मंत्रोच्चार, हनुमानजी और जय श्रीराम के घोष और ढोल-नगाड़ों के बीच श्री हनुमान प्राकट्योत्सव पर वातावरण इतना दिव्य था कि उपस्थित हर श्रद्धालु का रोम-रोम पुलकित हो उठा।











