
किसानों को समय पर, सरल और सुगम खाद उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता — विधायक इंजी. प्रदीप लारिया
(ई-विकास वितरण प्रणाली, खाद उपलब्धता एवं टोकन व्यवस्था की तैयारियों को लेकर अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक)
सागर। नरयावली विधायक इंजी. प्रदीप लारिया ने शनिवार को सर्किट हाउस में एसडीएम अमन मिश्रा, कृषि विभाग तथा जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आगामी खरीफ सीजन को दृष्टिगत रखते हुए खाद की उपलब्धता, ई-विकास वितरण प्रणाली तथा किसानों को सुगमता से खाद वितरण सुनिश्चित करने के संबंध में विस्तृत समीक्षा बैठक की।
बैठक में खाद वितरण की नवीन ई-विकास प्रणाली के तकनीकी एवं व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। विधायक श्री लारिया ने कहा कि किसानों को टोकन आधारित व्यवस्था के माध्यम से खाद उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे वितरण प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नई व्यवस्था के क्रियान्वयन में किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा पंजीयन से लेकर खाद प्राप्ति तक प्रत्येक चरण में आवश्यक सहयोग एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए।
बैठक में विशेष रूप से किसानों के पंजीयन, आधार प्रमाणीकरण, टोकन जनरेशन, वितरण केंद्रों पर भीड़ प्रबंधन, तकनीकी सहायता, नेटवर्क संबंधी व्यवस्थाओं तथा खाद उपलब्धता की रियल टाइम मॉनिटरिंग जैसे विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। विधायक श्री लारिया ने कहा कि नई तकनीक का उद्देश्य किसानों को सुविधा प्रदान करना है, इसलिए व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को भी सहजता से इसका लाभ मिल सके।
एसडीएम श्री अमन मिश्रा ने प्रशासन की ओर से खाद वितरण व्यवस्था की तैयारियों की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने तथा किसानों को सुचारु सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वितरण केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं ताकि किसानों को अनावश्यक प्रतीक्षा या परेशानी का सामना न करना पड़े।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बैठक में अवगत कराया कि ई-विकास वितरण प्रणाली के पोर्टल का अपग्रेडेशन कार्य पूर्ण हो चुका है तथा तकनीकी रूप से व्यवस्था पूरी तरह तैयार है। किसानों को खाद वितरण में किसी प्रकार की तकनीकी बाधा आने की संभावना नहीं है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि जिले में यूरिया सहित विभिन्न उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है और मांग के अनुरूप निरंतर आपूर्ति की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है।
बैठक में किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के प्रति जागरूक करने पर भी चर्चा हुई। कृषि विशेषज्ञों ने बताया कि डीएपी के अतिरिक्त एनपीके, डीएसपी एवं सिंगल सुपर फास्फेट जैसे विकल्प भी फसलों के लिए उपयोगी हैं तथा मृदा स्वास्थ्य के अनुरूप उर्वरकों का संतुलित उपयोग बेहतर उत्पादन में सहायक होता है। साथ ही किसानों को उन्नत एवं प्रमाणित बीजों के उपयोग तथा वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाने की सलाह भी दी गई।
विधायक इंजी. प्रदीप लारिया ने कहा कि खेती-किसानी क्षेत्र की अर्थव्यवस्था का आधार है और किसानों को आवश्यक कृषि आदान समय पर उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशासन, कृषि विभाग तथा सहकारी संस्थाओं के समन्वित प्रयासों से किसानों को खाद वितरण की पूरी प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और प्रभावी रूप से उपलब्ध होगी।
बैठक में अनिल राय (एसडीओ कृषि), आर.डी. लाडिया (वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी), शिवकांत सिंह राजपूत, श्रीमती अंबुजा सिंह, रोहित बघेल (डीएमओ सागर), नीरज दुरेजा (मुख्य कार्यपालिका अधिकारी, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक) तथा राजेश जैन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।











