देवरी के रॉयल पब्लिक स्कूल के बच्चों को लाने-ले जाने में लगी थी वैन, दस्तावेज नहीं मिलने पर कार्रवाई; एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया जारी
सागर, 8 अक्टूबर 2026।
सागर जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने सघन चेकिंग अभियान चलाते हुए देवरी में एलपीजी गैस किट से संचालित एक मारुति ओमनी वैन जब्त की है। यह वाहन रॉयल पब्लिक स्कूल, देवरी के बच्चों को लाने-ले जाने में लगाया गया था। जांच के दौरान वाहन चालक मौके पर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। वाहन के विरुद्ध पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा शहरी क्षेत्र में नियमों का उल्लंघन करने वाले तीन ई-रिक्शा भी जब्त किए गए हैं।
बच्चों को बैठाने की सीट के नीचे मिली एलपीजी गैस किट
कलेक्टर के निर्देश पर 8 अक्टूबर को देवरी में स्कूली वाहनों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान परिवहन विभाग की टीम ने मारुति वैन क्रमांक MP15BA2623 को रोककर जांच की। वाहन रॉयल पब्लिक स्कूल के बच्चों को लाने-ले जाने का काम कर रहा था।
जांच के दौरान चालक से वाहन के दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वह मौके पर कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद वाहन के पिछले हिस्से की जांच की गई तो वहां एलपीजी गैस किट लगी मिली। इसी हिस्से के ऊपर बच्चों को बैठाने के लिए सीट भी लगाई गई थी। जांच में सामने आया कि वाहन का संचालन एलपीजी गैस से किया जा रहा था।
निजी वाहन से स्कूली बच्चों का परिवहन, नियमों के उल्लंघन पर जब्ती
परिवहन विभाग के अनुसार, मध्यप्रदेश राजपत्र क्रमांक 388, दिनांक 18 सितंबर 2019 के बिंदु क्रमांक 3(19) में शैक्षणिक वाहनों का संचालन एलपीजी ईंधन से प्रतिबंधित बताया गया है।
विभाग ने बताया कि उक्त मारुति वैन निजी श्रेणी में पंजीकृत थी, लेकिन इसका उपयोग स्कूली बच्चों को लाने-ले जाने के लिए किया जा रहा था। इसे मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 39 का उल्लंघन मानते हुए धारा 207 के तहत जब्त किया गया। वाहन को क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी कार्यालय, सागर परिसर में सुरक्षित रखा गया है। साथ ही संबंधित पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई जारी है।
तीन ई-रिक्शा भी जब्त
स्कूली वाहनों की जांच के साथ शहरी क्षेत्र में भी परिवहन नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की गई। विभाग के मुताबिक, बिना चालक लाइसेंस, ओवरस्पीडिंग, बिना पंजीयन और बिना बीमा जैसी कमियों से संबंधित तीन ई-रिक्शा जब्त किए गए हैं। इन वाहनों को भी क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी कार्यालय परिसर में रखा गया है।
अभिभावकों से अपील—बच्चों की सुरक्षा से न करें समझौता
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, सागर ने कहा कि लगातार चेकिंग के बावजूद कुछ वाहन संचालक एलपीजी गैस किट लगाकर स्कूली वाहनों का संचालन कर रहे हैं। ऐसे वाहन बच्चों की सुरक्षा के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकते हैं।
उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को एलपीजी गैस किट से संचालित या अनफिट दिखाई देने वाले वाहनों से स्कूल न भेजें। बच्चों को स्कूल भेजने के लिए सुरक्षित और निर्धारित मानकों के अनुरूप वाहनों का ही चयन करें।
स्कूल बस संचालकों को भी निर्देश
परिवहन विभाग ने सभी स्कूल बस संचालकों को निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करने की हिदायत दी है। बसों में निम्नलिखित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं:
- स्पीड गवर्नर और वाहन की उचित स्थिति।
- वैध बीमा, फिटनेस प्रमाणपत्र और प्रदूषण प्रमाणपत्र।
- मोटरयान कर भुगतान का प्रमाण।
- फर्स्ट एड बॉक्स और अग्निशमन यंत्र।
- चालक के पास वैध भारी वाहन लाइसेंस और निर्धारित गणवेश।
- वाहन की निर्धारित बैठक क्षमता के अनुसार ही बच्चों को बैठाना।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान नियमों और सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित वाहनों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है। परिवहन विभाग की इस कार्रवाई से स्कूली वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था और नियमों के पालन को लेकर एक बार फिर सवाल सामने आए हैं। अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी है कि बच्चों के सुरक्षित आवागमन के लिए सभी आवश्यक मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए।
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