सागर: सभी पोषण पुनर्वास केंद्र पूरी क्षमता से संचालित हों, लापरवाही पर कलेक्टर सख्त

SHARE:

शाहगढ़ और बंडा के CDPO का वेतन रोकने के निर्देश, शाहगढ़ सुपरवाइजर को नोटिस; बच्चों के वजन, होम विजिट और डिजिटल उपस्थिति में लापरवाही पर जताई नाराजगी

सागर, 14 अक्टूबर 2026।

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए जिले के सभी पोषण पुनर्वास केंद्रों (NRC) को पूरी क्षमता के साथ संचालित करने और कुपोषित बच्चों की समय पर पहचान कर उन्हें उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

विभागीय कार्यों में लापरवाही और मैदानी स्तर पर प्रभावी निगरानी नहीं रखने पर कलेक्टर ने शाहगढ़ एवं बंडा के बाल विकास परियोजना अधिकारियों (CDPO) का वेतन आगामी आदेश तक रोकने के निर्देश दिए। वहीं, कम वजन वाले बच्चों के सही चिन्हांकन और नियमित शारीरिक माप में लापरवाही पाए जाने पर शाहगढ़ के सुपरवाइजर को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास भरत सिंह राजपूत सहित सभी बाल विकास परियोजना अधिकारी, सुपरवाइजर और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

संपर्क ऐप पर जियो फेंसिंग क्षेत्र से ही लगानी होगी उपस्थिति

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने निर्देश दिए कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता संपर्क ऐप के माध्यम से अपनी ई-उपस्थिति अनिवार्य रूप से दर्ज करें। उपस्थिति दर्ज करते समय कार्यकर्ता निर्धारित जियो फेंसिंग क्षेत्र में ही मौजूद रहें। इसके लिए सभी कार्यकर्ताओं को उनके क्षेत्र की जियो फेंसिंग की सटीक जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने पोषण ट्रैकर पोर्टल पर बंद दिखाई दे रहे आंगनवाड़ी केंद्रों को तत्काल खुलवाने तथा मैदानी अमले को शत-प्रतिशत होम विजिट सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने कहा कि हितग्राहियों के स्वास्थ्य और पोषण की नियमित निगरानी के लिए गृह भेंट बेहद जरूरी है।

सभी NRC केंद्र पूरी क्षमता से चलाने के निर्देश

बैठक में स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से संचालित पोषण पुनर्वास केंद्रों की बेड क्षमता और वहां उपचाररत बच्चों की स्थिति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले के सभी NRC केंद्र पूरी क्षमता से संचालित हों और उपलब्ध बेड खाली न रहें।

इसके लिए अति गंभीर कुपोषित (SAM) बच्चों की समय पर पहचान कर उन्हें तत्काल पोषण पुनर्वास केंद्रों में भर्ती कराया जाए, जिससे उन्हें उचित उपचार और पोषण मिल सके।

सभी बच्चों का नियमित वजन मापने पर जोर

कलेक्टर ने आंगनवाड़ी केंद्रों में दर्ज सभी बच्चों का नियमित और सही तरीके से वजन मापने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वजन चिन्हांकन का शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा किया जाए, ताकि अति गंभीर कुपोषित (SAM), मध्यम गंभीर कुपोषित (MAM) और कम वजन वाले बच्चों की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।

उन्होंने गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और छह माह से तीन वर्ष तक के बच्चों को दिए जाने वाले टेक होम राशन (THR) का शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित करने को कहा। वहीं, तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को गर्म पका हुआ भोजन (HCM) वास्तविक मांग के अनुसार गुणवत्तापूर्ण उपलब्ध कराने और उसका रिकॉर्ड पोषण ट्रैकर पोर्टल पर रियल-टाइम दर्ज करने के निर्देश दिए।

ई-केवाईसी, DBT, फेस रिकग्नीशन और आभा आईडी जल्द पूरी करें

कलेक्टर ने विभागीय योजनाओं के सभी पात्र हितग्राहियों की ई-केवाईसी, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT), फेस रिकग्नीशन और आभा (ABHA) आईडी से संबंधित कार्य शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए।

उन्होंने लाड़ली लक्ष्मी योजना, लाड़ली बहना योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और चाइल्ड लाइन से जुड़े लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए पेंडेंसी जल्द शून्य करने को कहा।

CM हेल्पलाइन की लंबित शिकायतें एक सप्ताह में निपटाएं

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने महिला एवं बाल विकास विभाग से संबंधित सीएम हेल्पलाइन शिकायतों की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि शिकायतों की लगातार मॉनीटरिंग की जाए और 50 तथा 100 दिवस से अधिक समय से लंबित शिकायतों का एक सप्ताह के भीतर संतुष्टिपूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचना चाहिए। इसके लिए सभी अधिकारी मैदानी कार्यों की नियमित निगरानी करें और लंबित कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करें।

भारत न्यूज़ 24 live.com

सबसे ज्यादा पढ़ी गई

Horoscope

Weather

और पढ़ें

शहर चुनें