भगवान श्री गणेश ने अहंकार से मुक्ति का संदेश दिया-अविराज सिंह

भगवान श्री गणेश ने अहंकार से मुक्ति का संदेश दिया-अविराज सिंह

मालथौन। भाजपा युवा नेता  अविराज सिंह इमलिया किशोर मालथौन में भगवान श्री गणेश जी की आरती में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भगवान श्री गणेश के पांच प्रमुख नाम हैंः रिद्धि, बिनाय, तुक्तर, थुन, गजानन, लंबोदर। भगवान श्री गणेश ने हमें यह संदेश दिया है कि हमें कभी अहंकार नहीं करना चाहिए। कुबेर जी के अहंकार को भगवान गणेश ने दूर किया। जब कुबेर जी ने अपने महल में शिव जी को आमंत्रित किया, तब शिव जी ने अपने पुत्र श्री गणेश जी को भेजा। गणेश जी ने कुबेर जी के महल में भोजन किया और जब महल का सारा अनाज खत्म हो गया तो कुबेर जी को समझ आया कि जो कुछ भी है वह ईश्वर की कृपा से है।

उन्होंने कहा कि जब महर्षि वेदव्यास जी को महाभारत लिखनी थी, तब ब्रह्मा जी ने कहा कि केवल गणेश जी ही इस कार्य को संभव कर सकते हैं। गणेश जी ने तीन वर्ष तक निरंतर महाभारत को लिखा। इसी कारण उन्हें ’एक दंत’ के नाम से जाना जाता है। इसलिए हमें उनसे विवेक सीखना चाहिए हमें उनसे धैर्य सीखना चाहिए और हमें उनसे सीखना चाहिए कि हम जीवन में जितना हो सके उतना ज्ञान प्राप्त करें।

अविराज सिंह ने कहा कि हमारा शरीर पांच तत्वों से मिलकर बना है। पाँच तत्वों के अधिदेव हैंः आकाश तत्व के अधिदेव भगवान शिव, जल तत्व के अधिदेव भगवान विष्णु, वायु तत्व की देवी माँ भगवती, अग्नि तत्व के अधिदेव भगवान सूर्य, और पृथ्वी तत्व के अधिदेव भगवान श्री गणेश। यह इस बात का प्रतीक है कि हमारे अंदर ईश्वर का वास है, हमारी आत्मा में ईश्वर का वास है, इसलिए हमें निरंतर सत्य के मार्ग पर चलना चाहिए। धर्म के मार्ग पर चलना चाहिए हमारी आत्मा ही ईश्वर से जुड़ने का माध्यम है।

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