
02 अक्टूबर गांधी जयंती पर सागर में नही हुआ अस्पृश्यता निवारण शिविर का आयोजन।
पूर्व मंत्री सुरेन्द्र चौधरी ने कमिश्नर व कलेक्टर को लिखा पत्र।
राष्ट्र पिता के अपमान के दोषियों पर कठोर कार्यवाही की उठाई मांग।
भाजपा सरकार का राष्ट्रपिता विरोधी चहरा उजागर……. सुरेन्द्र चौधरी
सागर/ राष्ट्रपिता पूज्य महात्मा गांधी जी की जयंती 02 अक्टूबर के दिन सागर जिले में होने वाले शासकीय कार्यक्रमों का आयोजन ना कर शासन के नियम निर्देशों का उल्लंघन करने वालों पर कठोर कार्यवाही करने को लेकर मध्यप्रदेश शासन के पूर्व मंत्री सुरेन्द्र चौधरी ने सागर सम्भाग के कमिश्नर अनिल सुचारी एवं सागर जिलें के कलेक्टर संदीप जी आर को पत्र लिखा है। श्री चौधरी ने सम्भाग कमिश्नर और जिला कलेक्टर को लिखें पत्र में कहा हैं कि महामहिम राज्यपाल महोदय के स्पष्ट आदेश व निर्देशानुसार 02 अक्टूबर गांधी जयंती पर संपूर्ण प्रदेश के जिलों में आदिम जाति कल्याण विभाग के माध्यम से प्रशासन को जिला स्तर पर अस्पृश्यता निवारण शिविरों का आयोजन करने के स्पष्ट निर्देश है। उन्होंने कहा कि शासन के निर्देशों का खुला उल्लंघन कर सहायक आयुक्त आदिवासी विकास जिला सागर ने आज दिनांक 02 अक्टूबर 2025 को सागर जिलें में अस्पृश्यता निवारण शिविर का आयोजन नही किया है इस कारण पूज्य महात्मा गांधी जी के उपासको आदि को गहरा दुख पहुंचा है साथ ही उक्त कार्यक्रम आयोजित ना कर राष्ट्रपिता पूज्य महात्मा गांधी जी का अपमान भी किया गया हैं जिसकी जितने कड़े शब्दों में निंदा की जाएं उतनी कम है जिसके लिये संबंधित विभाग के जबाबदार दोषी हैं साथ ही भाजपा सरकार का राष्ट्रपिता पूज्य महात्मा गांधी विरोधी चेहरा भी उजागर हुआ है जिसे कांग्रेस पार्टी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी।पूर्व मंत्री श्री चौधरी ने मांग करते हुए कहा हैं कि राष्ट्रपिता पूज्य महात्मा गांधी जी की जयंती पर प्रति वर्ष शासन के निर्देशानुसार जिले में होने वाले कार्यक्रम को लेकर शासन द्वारा धनराशि भी उपलब्ध कराई जाती है वावजूद इसके शासन के आदेशों व निर्देशों का खुला उल्लंघन कर कार्यक्रम आयोजित ना कर राष्ट्रपिता पूज्य महात्मा गांधी जी का अपमान करने के दोषी सहायक आयुक्त आदिवासी विकास जिला सागर के जवाबदारों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जावें अन्यथा कांग्रेस पार्टी राष्ट्र पिता पूज्य महात्मा गांधी जी के सम्मान में आंदोलन को बाध्य होगी जिसका संपूर्ण उत्तरदायित्व शासन प्रशासन का होगा।











