सागर। डायल-112 पुलिस की त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई से जाट पथरिया क्षेत्र में अकेले मिले एक बालक को सुरक्षित उसके परिवार तक पहुंचाया गया। भूखे-प्यासे बालक से पुलिसकर्मियों ने स्नेहपूर्वक बातचीत की और पहले उसे नाश्ता कराया। विश्वास में आने के बाद बालक ने अपने घर की जानकारी पुलिस को दी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जाट पथरिया क्षेत्र में पुलिस को एक बालक अकेला मिला था। बालक ने बताया कि उसकी मां ने उसे डांटा था, जिसके बाद वह पैदल अपने दादा के घर केसली जाने के लिए निकल पड़ा। बालक भूखा था और शुरुआत में अपने घर का पता नहीं बता पा रहा था।
सूचना मिलते ही डायल-112 कंट्रोल रूम सागर के प्रभारी आर.के.एस. चौहान ने तत्काल एफआरवी-04 सिविल लाइन को मौके पर भेजा। टीम को बालक को सुरक्षित अपने साथ लेकर उसके घर पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
मौके पर पहुंची एफआरवी टीम बालक को लेकर थाना मोतीनगर पहुंची। स्थानीय पुलिस स्टाफ की मदद से बालक से प्यार और विश्वास के साथ बातचीत की गई। सहज होने के बाद बालक ने बताया कि उसका घर मोतीनगर क्षेत्र में है। पुलिस टीम ने उसकी बताई जानकारी के आधार पर घर का पता लगाया।
घर पर बालक की माता मिलीं। उन्होंने बताया कि बालक के पिता काम के सिलसिले में भोपाल गए हुए हैं। पुलिस टीम ने बालक को सकुशल उसकी माता के सुपुर्द किया। बच्चे को सुरक्षित वापस पाकर माता ने डायल-112 और पुलिस टीम का आभार जताया।
एफआरवी टीम की सराहनीय भूमिका
इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक रवि संजय और एफआरवी चालक शरद ढेंकला की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कंट्रोल रूम से मिली सूचना पर त्वरित प्रतिक्रिया, बालक के प्रति संवेदनशील व्यवहार और लगातार प्रयासों के चलते उसे सुरक्षित उसके परिवार तक पहुंचाया गया।
यह कार्रवाई पुलिस की “त्वरित सहायता के साथ संवेदनशील पुलिसिंग” की भावना को दर्शाती है।







