सागर। डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय के माननीय कुलगुरु प्रोफेसर नागेश दुबे के मार्गदर्शन में उन्नत अनुसंधान केंद्र (सीएआर) में समकालिक थर्मल विश्लेषण (डिफरेंशियल स्कैनिंग कैलोरीमेट्री और थर्मोग्रैविमेट्रिक विश्लेषण) पर एक दिवसीय हैंड्स ऑन प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें कुल 22 प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। सी.ए.आर. की मुख्य समन्वयक, प्रो. श्वेता यादव की पहल पर सी.ए.आर. में उपलब्ध विभिन्न सॉफिस्टिकेटेड इंस्ट्रूमेंट्स पर कार्यशालाओं का आयोजन निरंतर किया जा रहा है। डॉ. विवेक कुमार पांडे (प्रभारी, सी.ए.आर.) ने केंद्र के संक्षिप्त परिचय के साथ सत्र की शुरुआत की और ऐसे कार्यक्रमों के महत्व के बारे में प्रतिभागियों को जानकारी दी।
व्याख्यान सत्र में मुख्य वक्ता प्रो. रणवीर कुमार (केंद्र समन्वयक) ने प्रतिभागियों को एप्लाइड साइंसेज के विविध क्षेत्र में थर्मोग्रैविमेट्रिक विश्लेषण (टीजीए) तकनीक के इतिहास, सामान्य परिचय, सिद्धांत, सैम्पल तैयार करने और सुरक्षा प्रोटोकॉल आदि के बारे में बहुत ही बुनियादी से लेकर उन्नत स्तर तक जानकारी दी। थर्मोग्रैविमेट्रिक विश्लेषण एक उल्लेखनीय तकनीक है जिसका उपयोग विभिन्न फार्मास्यूटिकल, खाद्य, पर्यावरण और पेट्रोकेमिकल अनुप्रयोगों में उपयोग की जाने वाली सामग्रियों की विशेषता के लिए किया जाता है। थर्मोग्रैविमेट्रिक विश्लेषण आपके उत्पादों की संरचना, शुद्धता, अपघटन प्रतिक्रियाओं, अपघटन तापमान और अवशोषित नमी की मात्रा को मापता है। समकालिक थर्मल विश्लेषण (एसटीए) के साथ आपको अपने नमूने के बारे में संपूर्ण थर्मल जानकारी मिलती है, जिसमें एक्जोथिर्मिक और एंडोथर्मिक घटनाएं शामिल हैं।
हैंड्स ऑन सत्र श्री सौरभ साह, सीएआर द्वारा समकालिक थर्मल विश्लेषण (एसटीए) के हार्डवेयर भाग और इसके सहायक उपकरणों के संक्षिप्त परिचय के साथ शुरू हुआ। विभिन्न पृष्ठभूमि से सैम्पल तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया। प्रतिभागियों को सैम्पल तैयार करने, उसके विश्लेषण से लेकर डेटा व्याख्या तक की पूरी जानकारी प्रदान की गई। प्रो. रणवीर कुमार ने प्रतिभागियों की रुचि के क्षेत्र से संबंधित प्रश्नों पर विचार किया एवं उनका उत्तर दिया। सैम्पल तैयार करने के लिए प्रतिभागियों को समूहों में विभाजित किया गया था। प्रत्येक समूह ने सैम्पल तैयार किया और अपने सैम्पल का विश्लेषण किया। कार्यशाला के समापन में प्रतिभागियों से कार्यशाला के बारे में फीडबैक भी लिया गया, जिससे की आगामी कार्यशालाओं को और भी सफल बनाया जा सके। सीएआर द्वारा जनवरी 2026 से लेकर सितंबर 2026 तक की 12 कार्यशालाओं से लगभग 400 प्रतिभागी लाभान्वित हुए हैं।
प्रतिभागियों द्वारा समकालिक थर्मल विश्लेषण (एसटीए) पर संपूर्ण व्यावहारिक सत्र सीएआर तकनीकी टीम के डॉ. विवेक कुमार पांडे, श्री शिवप्रकाश सोलंकी, श्री सौरभ साह, श्री आशीष चढ़ार, श्री महेश सोनी, श्री अरविंद चडार और श्री चंद्रप्रकाश सैनी की तकनीकी देखरेख में आयोजित किया गया।







