ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, निर्माण कार्यों की जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग

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खकरिया में श्मशान घाट के टीन शेड की छत क्षतिग्रस्त, निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल

देवरीकलां (सागर)। सागर जिले की देवरी जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत खकरिया में श्मशान घाट पर लगाए गए टीन शेड की छत क्षतिग्रस्त होने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। श्मशान घाट जैसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल पर बनी इस संरचना की हालत देखकर पंचायत व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर सवाल उठना स्वाभाविक है। ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के विकास के नाम पर निर्माण कार्य तो कराए जाते हैं, लेकिन उनकी गुणवत्ता और समय पर रखरखाव की जिम्मेदारी कौन निभा रहा है, यह बड़ा सवाल है।

तस्वीरों में नजर आ रही शेड की खराब स्थिति
खकरिया ग्राम पंचायत के श्मशान घाट पर लोहे के ढांचे के सहारे बनाई गई टीन शेड की छत कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त और अव्यवस्थित दिखाई दे रही है। छत की स्थिति देखकर इसके निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री, कार्य की गुणवत्ता और तकनीकी निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। यदि निर्माण के कुछ समय बाद ही शेड की ऐसी स्थिति हुई है, तो यह जांच का विषय है कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप कराया गया था या नहीं।
पंचायत और प्रशासन की निगरानी पर सवाल
ग्राम पंचायत स्तर पर कराए जाने वाले निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और सार्वजनिक संपत्तियों का रखरखाव करना संबंधित जिम्मेदारों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। वहीं, जनपद पंचायत और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका भी निर्माण कार्यों की निगरानी और शिकायतों पर कार्रवाई के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। ऐसे में खकरिया के श्मशान घाट पर बने टीन शेड की स्थिति सामने आने के बाद संबंधित अधिकारियों को इसकी जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

जांच कर जिम्मेदारी तय करने की जरूरत
मामले में श्मशान घाट के टीन शेड की तकनीकी जांच कराई जानी चाहिए। निर्माण पर खर्च हुई राशि, स्वीकृत निर्माण कार्य, उपयोग की गई सामग्री, निर्माण की तारीख और संबंधित एजेंसी की जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। यदि जांच में निर्माण की गुणवत्ता में कमी या लापरवाही सामने आती है, तो नियमानुसार जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही, क्षतिग्रस्त छत की मरम्मत कराकर श्मशान घाट को सुरक्षित और उपयोग योग्य बनाया जाना चाहिए।

अब देखना यह है कि संबंधित पंचायत और प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच और सुधार की कार्रवाई करते हैं या श्मशान घाट की क्षतिग्रस्त छत यूं ही जिम्मेदारों की अनदेखी का उदाहरण बनी रहती है।

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